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घर में सो रहे बुजुर्ग दंपति की गला रेत कर निर्मम हत्या
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:39 AM IST
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नौतनवां। नगर के सिद्धार्थनगर वार्ड में शनिवार की देर रात घर में सो रहे बुजुर्ग दंपती की नृशंस तरीके से गला रेत कर हत्या कर दी गई। घर में दोनों के सिवाय कोई और नहीं था। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खबर के मुताबिक अराजी महुअवां निवासी जयराम यादव (75) अपनी पत्नी सोहराती देवी (70) के साथ नौतनवां के सिद्धार्थनगर वार्ड में नौतनवां इंटर कालेज के समीप लगभग बीस वर्षों से रहते थे। उनके तीन लड़के सुभाष, शत्रुघ्न व महेंद्र अपने परिवार व बच्चों के साथ गांव पर रहते हैं। नौतनवां वाले घर पर भी आना-जाना लगा रहता था। पूरा परिवार एक साथ रहता है। घर के मुखिया जयराम ही थे। जयराम के नाम गांव एवं नेपाल सहित कई जगहों पर खेती की जमीन, कंबाइंड हार्वेस्टर और चार पहिया वाहन मौजूद है। पूरा परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। नौतनवां के घर के बगल की एक महिला ने बताया कि रविवार की भोर में वह अपने दरवाजे की साफ-सफाई में जुटी थी तो देखा कि पड़ोसी जयराम के मेन गेट का चैनल आधा खुला है। इसके बाद वह अपने काम में जुट गईं। लगभग छह बजे के आसपास देखा कि जयराम के दरवाजे पर साफ-सफाई नहीं हुई है तो वह चैनल गेट के पास जाकर आवाज लगाने लगी। तभी देखा कि चैनल के समीप ही बेड पर दोनों की खून से सनी लाश पड़ी है। इसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी दी। लोगों की सूचना पर सीओ सुरेश कुमार रवि, एसओ प्रहलाद पांडेय, सोनौली एसओ बृजेश सिंह सहित परसामलिक, एवं बरगदवां थाने की पुलिस पहुंच गई।
सीओ ने बताया कि घर के अंदर एक कमरे में एक बक्सा व एक ब्रीफकेस खुला पड़ा है और उसके अंदर का सामान बिखरा है। दंपती की हत्या की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना स्थल पर रिश्तेदारों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। घर की महिलाओं व बच्चों का इस घटना को लेकर रो-रोकर बुरा हाल था और हत्यारों के खिलाफ आक्रोश भी जता रहे थे। घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी आशुतोष शुक्ला का कहना है कि परिवार के लोगों के साथ किसी से रंजिश व अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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घटना से भयभीत हैं लोग
बुजुर्ग दंपती की हत्या से क्षेत्र के लोग भयभीत है। घटना की जानकारी मिलते ही हजारों की संख्या में लोग घटनास्थल पर लोग जुटने लगे। जयराम के परिवार को जानने वाले लोगों ने बताया कि जयराम का संयुक्त और बड़ा परिवार है। परिवार के लोग बेहद ही सरल स्वभाव के हैं। पूरा परिवार एकसाथ रहता था। खेती ही परिवार का मुख्य पेशा था। गांव के लोग भी पूरे परिवार की इज्जत करते हैं। उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं थी। इस घटना से सभी सकते में हैं। पूर्व सांसद अखिलेश सिंह, विधायक मुन्ना सिंह, हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय ने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और पुलिस से घटना के जल्द खुलासे की मांग की।
जान-पहचान के ही हैं हत्यारे
दंपती की हत्या के तरीके से आशंका जताई जा रही है कि हत्यारे जान-पहचान के ही हैं। घर के पीछे या छत से घर में घुसने की जगह नहीं है। बिना किसी तोड़फोड़ के चैनल गेट खुला होने से आशंका व्यक्त की जा रही है कि देर रात किसी परिचित ने दरवाजा खुलवाया होगा और आराम से बैठकर बातचीत के दौरान धारदार हथियार से हत्या की गई होगी। बेड पर लगी मच्छरदानी एक तरफ गिरी हुई थी और बेड पर बिस्तर बिखरे थे। इससे स्पष्ट है कि दंपती ने हत्यारों के साथ काफी संघर्ष किया होगा। हत्यारों की संख्या 3-4 या इससे अधिक ही रही होगी। बेड के आसपास फर्श पर खून के छींटे हैं।
पुलिस को भटकाने की कोशिश
घर के पीछे की तरफ एक कमरे में रखा एक बक्सा व एक ब्रीफकेश को हत्यारों ने तोड़कर उसका सामान बिखेर दिया। यह भी हो सकता है कि कि हत्यारों ने पुलिस को भटकाने के लिए बक्सों को तोड़कर सामान बिखेर दिया होगा। जिससे लगे कि लूटपाट की नियत से हत्या को अंजाम दिया गया होगा।
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खबर के मुताबिक अराजी महुअवां निवासी जयराम यादव (75) अपनी पत्नी सोहराती देवी (70) के साथ नौतनवां के सिद्धार्थनगर वार्ड में नौतनवां इंटर कालेज के समीप लगभग बीस वर्षों से रहते थे। उनके तीन लड़के सुभाष, शत्रुघ्न व महेंद्र अपने परिवार व बच्चों के साथ गांव पर रहते हैं। नौतनवां वाले घर पर भी आना-जाना लगा रहता था। पूरा परिवार एक साथ रहता है। घर के मुखिया जयराम ही थे। जयराम के नाम गांव एवं नेपाल सहित कई जगहों पर खेती की जमीन, कंबाइंड हार्वेस्टर और चार पहिया वाहन मौजूद है। पूरा परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। नौतनवां के घर के बगल की एक महिला ने बताया कि रविवार की भोर में वह अपने दरवाजे की साफ-सफाई में जुटी थी तो देखा कि पड़ोसी जयराम के मेन गेट का चैनल आधा खुला है। इसके बाद वह अपने काम में जुट गईं। लगभग छह बजे के आसपास देखा कि जयराम के दरवाजे पर साफ-सफाई नहीं हुई है तो वह चैनल गेट के पास जाकर आवाज लगाने लगी। तभी देखा कि चैनल के समीप ही बेड पर दोनों की खून से सनी लाश पड़ी है। इसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी दी। लोगों की सूचना पर सीओ सुरेश कुमार रवि, एसओ प्रहलाद पांडेय, सोनौली एसओ बृजेश सिंह सहित परसामलिक, एवं बरगदवां थाने की पुलिस पहुंच गई।
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सीओ ने बताया कि घर के अंदर एक कमरे में एक बक्सा व एक ब्रीफकेस खुला पड़ा है और उसके अंदर का सामान बिखरा है। दंपती की हत्या की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना स्थल पर रिश्तेदारों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। घर की महिलाओं व बच्चों का इस घटना को लेकर रो-रोकर बुरा हाल था और हत्यारों के खिलाफ आक्रोश भी जता रहे थे। घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी आशुतोष शुक्ला का कहना है कि परिवार के लोगों के साथ किसी से रंजिश व अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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घटना से भयभीत हैं लोग
बुजुर्ग दंपती की हत्या से क्षेत्र के लोग भयभीत है। घटना की जानकारी मिलते ही हजारों की संख्या में लोग घटनास्थल पर लोग जुटने लगे। जयराम के परिवार को जानने वाले लोगों ने बताया कि जयराम का संयुक्त और बड़ा परिवार है। परिवार के लोग बेहद ही सरल स्वभाव के हैं। पूरा परिवार एकसाथ रहता था। खेती ही परिवार का मुख्य पेशा था। गांव के लोग भी पूरे परिवार की इज्जत करते हैं। उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं थी। इस घटना से सभी सकते में हैं। पूर्व सांसद अखिलेश सिंह, विधायक मुन्ना सिंह, हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय ने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और पुलिस से घटना के जल्द खुलासे की मांग की।
जान-पहचान के ही हैं हत्यारे
दंपती की हत्या के तरीके से आशंका जताई जा रही है कि हत्यारे जान-पहचान के ही हैं। घर के पीछे या छत से घर में घुसने की जगह नहीं है। बिना किसी तोड़फोड़ के चैनल गेट खुला होने से आशंका व्यक्त की जा रही है कि देर रात किसी परिचित ने दरवाजा खुलवाया होगा और आराम से बैठकर बातचीत के दौरान धारदार हथियार से हत्या की गई होगी। बेड पर लगी मच्छरदानी एक तरफ गिरी हुई थी और बेड पर बिस्तर बिखरे थे। इससे स्पष्ट है कि दंपती ने हत्यारों के साथ काफी संघर्ष किया होगा। हत्यारों की संख्या 3-4 या इससे अधिक ही रही होगी। बेड के आसपास फर्श पर खून के छींटे हैं।
पुलिस को भटकाने की कोशिश
घर के पीछे की तरफ एक कमरे में रखा एक बक्सा व एक ब्रीफकेश को हत्यारों ने तोड़कर उसका सामान बिखेर दिया। यह भी हो सकता है कि कि हत्यारों ने पुलिस को भटकाने के लिए बक्सों को तोड़कर सामान बिखेर दिया होगा। जिससे लगे कि लूटपाट की नियत से हत्या को अंजाम दिया गया होगा।