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Maharajganj News: सोना तस्करों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने उतरी सीबीआईसी
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महराजगंज। कन्नौज एक्सप्रेस-वे पर ठूठीबारी निवासी व्यक्ति की कार से करोड़ों की सोना बरामदगी मामले में अब केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की एंट्री हो गई है। इस मामले में कस्टम और डीआरआई के बाद अब सीबीआईसी खाड़ी देशों से काठमांडो वाया सोनौली तक कन्नौज की कड़ियां जोड़ रही है।
अगस्त 2026 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज के पास कार से करीब 10 किलो सोना बरामद हुआ था। उसकी कीमत करीब 15 करोड़ 39 लाख रुपये आंकी गई थी।कन्नौज सोना बरामदगी में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक नेपाल और दूसरा महराजगंज जिले के ठूठीबारी का रहने वाला है। शुरुआती जांच कस्टम ने की, फिर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने जांच का जिम्मा संभाला। अब इस प्रकरण में वित्त मंत्रालय की कार्यदायी संस्था सीबीआईसी को सक्रिय किया गया है, जिसके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच का अधिकार भारत सरकार से प्राप्त है।
सक्रिय है अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
सोनौली कस्टम सूत्रों के मुताबिक, सीबीआईसी इस बात की जांच कर रही है कि खाड़ी देशों से सोना किस रूट से काठमांडू पहुंचा और फिर सोनौली बॉर्डर के रास्ते कैसे यूपी होते हुए कन्नौज तक पहुंचाया गया। इन कड़ियों के जुड़ने के बाद तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक एजेंसियों के हाथ पहुंच सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय है और सोनौली को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सीबीआईसी को नेपाल अनुसंधान शाखा प्रमुख की तरफ से बूढानीलकण्ठ नगरपालिका के एक मकान से 18 अक्तूबर को इस नेटवर्क की जानकारी साझा की। बताया गया है कि तीन चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 47 वर्षीय झोउ लाडक्विन, 37 वर्षीय हान फेई और 36 वर्षीय वाड़ जिआंजेड का नाम शामिल है।
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बोले अधिकारी
कन्नौज से बरामद तस्करी के सोना मामले में कस्टम और डीआरआई ने अब तक जुटाए सभी इनपुट सीबीआईसी के साथ साझा किया है। इससे यह उम्मीद है कि शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करों के नेटवर्क का राजफाश हो सकेगा।
- सुधीर त्यागी, कस्टम अधीक्षक, सोनौली, महराजगंज
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अगस्त 2026 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज के पास कार से करीब 10 किलो सोना बरामद हुआ था। उसकी कीमत करीब 15 करोड़ 39 लाख रुपये आंकी गई थी।कन्नौज सोना बरामदगी में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक नेपाल और दूसरा महराजगंज जिले के ठूठीबारी का रहने वाला है। शुरुआती जांच कस्टम ने की, फिर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने जांच का जिम्मा संभाला। अब इस प्रकरण में वित्त मंत्रालय की कार्यदायी संस्था सीबीआईसी को सक्रिय किया गया है, जिसके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच का अधिकार भारत सरकार से प्राप्त है।
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सक्रिय है अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
सोनौली कस्टम सूत्रों के मुताबिक, सीबीआईसी इस बात की जांच कर रही है कि खाड़ी देशों से सोना किस रूट से काठमांडू पहुंचा और फिर सोनौली बॉर्डर के रास्ते कैसे यूपी होते हुए कन्नौज तक पहुंचाया गया। इन कड़ियों के जुड़ने के बाद तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक एजेंसियों के हाथ पहुंच सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय है और सोनौली को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सीबीआईसी को नेपाल अनुसंधान शाखा प्रमुख की तरफ से बूढानीलकण्ठ नगरपालिका के एक मकान से 18 अक्तूबर को इस नेटवर्क की जानकारी साझा की। बताया गया है कि तीन चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 47 वर्षीय झोउ लाडक्विन, 37 वर्षीय हान फेई और 36 वर्षीय वाड़ जिआंजेड का नाम शामिल है।
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कन्नौज से बरामद तस्करी के सोना मामले में कस्टम और डीआरआई ने अब तक जुटाए सभी इनपुट सीबीआईसी के साथ साझा किया है। इससे यह उम्मीद है कि शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करों के नेटवर्क का राजफाश हो सकेगा।
- सुधीर त्यागी, कस्टम अधीक्षक, सोनौली, महराजगंज