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Maharajganj News: बेतिया एस्टेट की जमीन... खेवट दस्तावेज से कब्जेदारों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Mon, 27 Oct 2025 02:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Oct 2025 02:08 AM IST
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Bettiah Estate land... Khevat documents may increase problems for occupants
बेतिया एस्टेट की जमीन पर बने मकान।
महराजगंज। बेतिया स्टेट की जमीन के मालिकाना हक को लेकर पेच फंस गया है। कब्जेदारों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पिपरिया में सात एकड़ जमीन बेतिया स्टेट की बताई जा रही है। पहले से काबिज काश्तकारों ने तहसील प्रशासन को साक्ष्य भी प्रस्तुत किए थे, लेकिन केवट दस्तावेज सामने आने के बाद मुश्किल बढ़ सकती है।
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इसे लेकर लोग परेशान हैं। रविवार को गांव में बैठकर लोग चर्चा करते नजर आए। परतावल क्षेत्र के पिपरिया गांव की करीब 7.34 एकड़ जमीन को बेतिया एस्टेट की संपत्ति बताई जाती है। इस जमीन पर खेती होने के साथ ही कुछ जगहों पर मकान भी बने हैं। गाटा संख्या-213 रकबा 3.3 एकड़ पर नेसार अहमद, इस्तेयाक, सरफराज, मतीन, रामप्रसाद, नईमुद्दीन, फूला देवी, जाहिद, निशा और अन्य परिवारों के नाम पीढ़ियों से दर्ज हैं।
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गाटा संख्या-210 पर कई परिवारों के मकान बने हैं। गाटा संख्या-119 रकबा 2.75 एकड़ पर शाह आलम के परिवार का कब्जा है। इसी तरह से अन्य लोगों का जमीनों पर कब्जा है।
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पिपरिया गांव में नहर के पास रविवार को चाय की दुकान पर बहस छि़ड़ी थी। बातचीत सुनकर लगा कि लोगों को नियम कानून की ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन अपने प्रपत्र को लेकर सभी आश्वस्त हैं कि उनसे मालिकाना हक नहीं छिन पाएगा।
यहां शाह आलम, कोमल, मुस्तकीम, मिठाई लाल दुकान पर बातचीत करते दिखे। इनकी 30-30 डिसमिल जमीन है। यह सभी लोग बातचीत करते हुए कहने लगे कि कुछ दिन पहले तहसील में सभी जरूरी दस्तावेज दिए जा चुके हैं। चकबंदी के पहले के दस्तावेज भी दिए गए हैं। अभी इस दिशा में कोई आदेश नहीं मिला है। जब्बार कहने लगे कि बेवजह परेशान किया जा रहा है। इनको रोकते हुए महताब बाेले कि भाई नियम कानून से चलना पड़ेगा। भविष्य में जो होगा, देखा जाएगा। लंबे समय से जमीन पर कब्जा है।

वहीं आफताब ने कहा कि अभी तो कोई आदेश नहीं मिला है। हुसैन, अकील, इंसाफ ने भी इस दिशा में कोई नई जानकारी न होने की बात कही। इन सभी लोगों ने कहा कि सभी के पास जरूरी दस्तावेज हैं, इसे प्रशासन को दिया जा चुका है। आने वाले दिनों में जो निर्णय होगा, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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