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सावधान ! सेहत खराब न कर दे रंगों वाली बिरयानी
Sat, 29 Dec 2018 12:37 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 29 Dec 2018 12:37 AM IST
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सावधान ! सेहत खराब न कर दे रंगों वाली बिरयानी
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। अगर आप बिरयानी के शौकीन हैं तो सावधान हो जाएं। शहर में बिक रही बिरयानी में हो रहा चमकीले रंगों का प्रयोग सेहत के लिए घातक हो सकता है। चमकीले रंगों का प्रयोग बिरयानी बनाने में किया जा रहा है। शहर में 20 से अधिक बिरयानी की दुकानें होंगी। डॉक्टरों के मुताबिक चमकीले रंगों का प्रयोग सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। ऐसे में खानपान में सतर्क रहने की जरूरत है। बिरयानी को रंगीन बनाने के लिए प्रयोग होने वाले नारंगी एवं पीला रंग खाने वाले रंग नहीं होते हैं। बल्कि मेटानिल येलो रासायनिक रंग हैं, जिससे कैंसर हो सकता है।
शहर में फरेंदा, कॉलेज रोड, गोरखपुर रोड समेत अन्य स्थानों पर बिरयानी की दुकानें हैं। इसके अलावा निचलौल, ठूठीबारी, नौतनवां, घुघली में भी बिरयानी की दुकानें हैं। डॉक्टर डी.सी. कुशवाहा ने बताया कि मेटानिल पीले रंग खाने में प्रयोग किए जाने वाले रंग नहीं होते हैं। यह अखाद्य रंग है। मेटानिल येलो रासायनिक रंग इस्तेमाल किए जाने से स्वास्थ्य के लिए नुकसान हो सकता है। खाद्य रंग काफी महंगे होने के कारण बिरयानी विक्रेता उनका इस्तेमाल नहीं करते हैं। जबकि मेटानिल येलो रंग सस्ते होते हैं और उसमें चमक होता है। इस वजह से दुकानदार खाने पीने के सामानों में इस सस्ते रासायनिक रंगों का इस्तेमाल करते हैं। मेटानिल रंग का प्रयोग खाद्य सामग्री में किए जाने से किडनी को भी नुकसान पहुंचता है। लंबे अरसे तक रंगयुक्त खाद्य सामग्री प्रयोग किे जाने सेे कैंसर का खतरा भी रहता है। राजीव नगर मोहल्ले के रहने वाले पवन कुमार वर्मा कहते हैं कि शहर में बिरयानी की दुकानों पर सफाई ठीक ढंग से नहीं रहती है। रंगयुक्त बिरयानी देखकर तो अच्छा लगता है, लेकिन यह पता नहीं है कि रंगयुक्त बिरयानी सेहत के लिए हानिकारक है।संबंधित विभाग को इस मसले पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं संजीव कश्यप कहते हैं कि दुकानों पर स्वच्छता जरूरी है। साथ ही ग्राहक के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। चमकीली बिरयानी स्वादिष्ट तो होती है लेकिन इसके अवगुण जानकर डर स्वाभाविक है। उनका कहना था कि संबंधित विभाग को इस रोक के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सदर अमित कुमार पांडेय ने बताया कि खाद्य पदार्थ की दुकानों की जांच समय समय पर की जाती है। दुकानदारों को मानक के अनुरूप खाद्य रंगों के ही प्रयोग की हिदायत है। साथ ही साफ सफाई रखने के निर्देश भी दिए जाते हैं। जल्द ही बिरयानी की दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा रंगीन बिरयानी लोगों के सेहत के लिए खराब कितना नुकसानदायक है।
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शहर में फरेंदा, कॉलेज रोड, गोरखपुर रोड समेत अन्य स्थानों पर बिरयानी की दुकानें हैं। इसके अलावा निचलौल, ठूठीबारी, नौतनवां, घुघली में भी बिरयानी की दुकानें हैं। डॉक्टर डी.सी. कुशवाहा ने बताया कि मेटानिल पीले रंग खाने में प्रयोग किए जाने वाले रंग नहीं होते हैं। यह अखाद्य रंग है। मेटानिल येलो रासायनिक रंग इस्तेमाल किए जाने से स्वास्थ्य के लिए नुकसान हो सकता है। खाद्य रंग काफी महंगे होने के कारण बिरयानी विक्रेता उनका इस्तेमाल नहीं करते हैं। जबकि मेटानिल येलो रंग सस्ते होते हैं और उसमें चमक होता है। इस वजह से दुकानदार खाने पीने के सामानों में इस सस्ते रासायनिक रंगों का इस्तेमाल करते हैं। मेटानिल रंग का प्रयोग खाद्य सामग्री में किए जाने से किडनी को भी नुकसान पहुंचता है। लंबे अरसे तक रंगयुक्त खाद्य सामग्री प्रयोग किे जाने सेे कैंसर का खतरा भी रहता है। राजीव नगर मोहल्ले के रहने वाले पवन कुमार वर्मा कहते हैं कि शहर में बिरयानी की दुकानों पर सफाई ठीक ढंग से नहीं रहती है। रंगयुक्त बिरयानी देखकर तो अच्छा लगता है, लेकिन यह पता नहीं है कि रंगयुक्त बिरयानी सेहत के लिए हानिकारक है।संबंधित विभाग को इस मसले पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं संजीव कश्यप कहते हैं कि दुकानों पर स्वच्छता जरूरी है। साथ ही ग्राहक के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। चमकीली बिरयानी स्वादिष्ट तो होती है लेकिन इसके अवगुण जानकर डर स्वाभाविक है। उनका कहना था कि संबंधित विभाग को इस रोक के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सदर अमित कुमार पांडेय ने बताया कि खाद्य पदार्थ की दुकानों की जांच समय समय पर की जाती है। दुकानदारों को मानक के अनुरूप खाद्य रंगों के ही प्रयोग की हिदायत है। साथ ही साफ सफाई रखने के निर्देश भी दिए जाते हैं। जल्द ही बिरयानी की दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा रंगीन बिरयानी लोगों के सेहत के लिए खराब कितना नुकसानदायक है।
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