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Maharajganj News: सावधान ! फोन पर बात करने में फंसे तो हो जाएंगे कंगाल
Thu, 21 Mar 2024 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 21 Mar 2024 01:16 AM IST
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महराजगंज। सावधान रहने की जरूरत है। अगर परिवार के किसी सदस्य से कोई फोन करता है तो उस पर पहली बार में ही भरोसा न करें, नहीं तो आपको भारी नुकसान हो सकता है। ठगों ने लोगों को चूना लगाने के लिए अब नया तरीका इजाद कर लिया है। बीते 10 दिन में करीब 15 लोगों के पास ऐसे फोन कर रकम की मांग की गई है।
सतर्कता बरतने से लोग बच गए। ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) की मदद से मिठौरा में लेखाकार दिलीप कुमार के पास एक व्यक्ति ने फोन कर उनके बेटे की हूबहू आवाज में बात कराने के बाद फिरौती मांगने की कोशिश की। सतर्कता बरती तो ठगी का शिकार होने से बच गए। साइबर अपराधी अब एआई का उपयोग कर वाइस जनरेट करने लगे हैं।
इससे वे परिचितों की आवाज में फोन करते हैं और पैसे मांगते हैं। फोन करते समय भी गंभीर स्थिति बताते हैं कि अस्पताल में हैं तुरंत पैसे भेज दो या कहीं फंस गए हैं। इस स्थिति में सामने वाले के पास सोचने का समय नहीं होता और वह तुरंत पैसे डाल देता है। बाद में फ्रॉड का पता चलता है।
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बीते 10 दिन में करीब 15 लोगों के पास ऐसे फोन आए हैं, गनीमत रहा की फोन आने पर संबंधित से बात कर ली, इससे धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गए।
केएमसी डिजिटल अस्पताल के फिजियोथेरेपी अनुभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुशवाहा के पास बुधवार दोपहर में फोन आया कि आप का भाई थाने में गिरफ्तार हो गया है, उसे बचाना है तो 15000 रुपये दे दो, यह सुनकर वह सन्न रह गए। उन्हें शक इसलिए हो गया कि 10 मिनट
पहले ही उनसेे मिलकर उनका भाई गया था। उन्होंने फोन काटने के बाद तुरंत अपने भाई के पास फोन किया तो राहत की सांस ली।
इसी तरह से चेहरी के गोविंद मणि के पास तीन दिन पहले फोन आया था, उनसे भी उनके बेटे की आवाज में बात कराई गई, उनसे फोन करने वाले ने कहा कि सीबीआई से बोल रहा हूं। आप का बेटा लखनऊ में गिरफ्तार है। यह सुनने के बाद वह फोन करने वाले से अनुरोध करने लगे तो उससे बातचीत के दौरान उनको शक हो गया। उन्होंने बेटे के पास फोन मिलाया तो पता चला की बेटा महराजगंज बस स्टेशन पर है। वह ठगी का शिकार होने से बच गए।
इसी तरह से अन्य लोगों के पास भी फोनकर ठगने की कोशिश की गई। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। ऐसे फोन आने पर सचेत रहने की जरूरत है। फोन आने पर सत्यता की परख करें तो समस्या से हर कोई बच जाएगा। शिकायत मिलने पर साइबर थाने में केस दर्ज किया जाता है।
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सतर्कता बरतने से लोग बच गए। ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) की मदद से मिठौरा में लेखाकार दिलीप कुमार के पास एक व्यक्ति ने फोन कर उनके बेटे की हूबहू आवाज में बात कराने के बाद फिरौती मांगने की कोशिश की। सतर्कता बरती तो ठगी का शिकार होने से बच गए। साइबर अपराधी अब एआई का उपयोग कर वाइस जनरेट करने लगे हैं।
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इससे वे परिचितों की आवाज में फोन करते हैं और पैसे मांगते हैं। फोन करते समय भी गंभीर स्थिति बताते हैं कि अस्पताल में हैं तुरंत पैसे भेज दो या कहीं फंस गए हैं। इस स्थिति में सामने वाले के पास सोचने का समय नहीं होता और वह तुरंत पैसे डाल देता है। बाद में फ्रॉड का पता चलता है।
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बीते 10 दिन में करीब 15 लोगों के पास ऐसे फोन आए हैं, गनीमत रहा की फोन आने पर संबंधित से बात कर ली, इससे धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गए।
केएमसी डिजिटल अस्पताल के फिजियोथेरेपी अनुभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुशवाहा के पास बुधवार दोपहर में फोन आया कि आप का भाई थाने में गिरफ्तार हो गया है, उसे बचाना है तो 15000 रुपये दे दो, यह सुनकर वह सन्न रह गए। उन्हें शक इसलिए हो गया कि 10 मिनट
पहले ही उनसेे मिलकर उनका भाई गया था। उन्होंने फोन काटने के बाद तुरंत अपने भाई के पास फोन किया तो राहत की सांस ली।
इसी तरह से चेहरी के गोविंद मणि के पास तीन दिन पहले फोन आया था, उनसे भी उनके बेटे की आवाज में बात कराई गई, उनसे फोन करने वाले ने कहा कि सीबीआई से बोल रहा हूं। आप का बेटा लखनऊ में गिरफ्तार है। यह सुनने के बाद वह फोन करने वाले से अनुरोध करने लगे तो उससे बातचीत के दौरान उनको शक हो गया। उन्होंने बेटे के पास फोन मिलाया तो पता चला की बेटा महराजगंज बस स्टेशन पर है। वह ठगी का शिकार होने से बच गए।
इसी तरह से अन्य लोगों के पास भी फोनकर ठगने की कोशिश की गई। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। ऐसे फोन आने पर सचेत रहने की जरूरत है। फोन आने पर सत्यता की परख करें तो समस्या से हर कोई बच जाएगा। शिकायत मिलने पर साइबर थाने में केस दर्ज किया जाता है।