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Maharajganj News: जांच के लिए बनी दो सदस्यीय टीम
Sun, 24 May 2026 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 24 May 2026 02:13 AM IST
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शोहरतगढ़। आधी रात गर्भवती को उपचार नहीं मिलने के मामले में सीएमओ डाॅ. रजत चौरसिया ने जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में अध्यक्ष के रूप में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. प्रमोद कुमार और सदस्य के रूप में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वीएन चतुर्वेदी को शामिल किया गया हैं।
बता दें कि बृहस्पतिवार रात शोहरतगढ़ कस्बे के छतहरी निवासी सीपी सिंह ने गर्भवती को प्रसव के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे थे। सीपी सिंह तहसील में निर्वाचन कार्य से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन्होंने अस्पताल में परिचय देते हुए तत्काल उपचार की मांग की। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने गर्भावस्था के दौरान कराई गई जांच और संबंधित दस्तावेज मांगे। कागजात दिखाने के बाद भी बिना पर्याप्त परीक्षण किए गर्भवती को रेफर कर दिया गया। रेफर किए जाने की जानकारी पर परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक डाॅ. एके आजाद से संपर्क किया। आरोप है कि उन्हें भरोसा दिया गया कि रोगी को भर्ती कराया जाएगा, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
परिवार ने बताया कि आधी रात में मामले की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दी गई। सीएमओ ने अधीक्षक से बात करने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली और पूरी रात परेशान होना पड़ा। पीड़ित ने चिकित्सक और अधीक्षक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शुक्रवार देर शाम सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए।
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बता दें कि बृहस्पतिवार रात शोहरतगढ़ कस्बे के छतहरी निवासी सीपी सिंह ने गर्भवती को प्रसव के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे थे। सीपी सिंह तहसील में निर्वाचन कार्य से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन्होंने अस्पताल में परिचय देते हुए तत्काल उपचार की मांग की। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने गर्भावस्था के दौरान कराई गई जांच और संबंधित दस्तावेज मांगे। कागजात दिखाने के बाद भी बिना पर्याप्त परीक्षण किए गर्भवती को रेफर कर दिया गया। रेफर किए जाने की जानकारी पर परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक डाॅ. एके आजाद से संपर्क किया। आरोप है कि उन्हें भरोसा दिया गया कि रोगी को भर्ती कराया जाएगा, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
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परिवार ने बताया कि आधी रात में मामले की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दी गई। सीएमओ ने अधीक्षक से बात करने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली और पूरी रात परेशान होना पड़ा। पीड़ित ने चिकित्सक और अधीक्षक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शुक्रवार देर शाम सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए।
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