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प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ गरजे शिक्षामित्र
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:46 AM IST
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महराजगंज। गुरुवार को एकबार फिर शिक्षामित्रों ने आंदोलन की राह पकड़ ली। मुख्यमंत्री के आश्वासन केे बावजूद मामले का सम्मानजनक हल नहीं निकलता देख शिक्षामित्रों ने गुरुवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सहायक अध्यापक बनाने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने नगर में प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। साथ ही कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। अधिकार के लिए संघर्ष को तेज किया जाएगा।
जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि प्रदेश में एक लाख बहत्तर हजार शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी सरकार कर रही है। अगर सरकार चाहे तो कानून बनाकर समस्या का समाधान कर सकती है। लेकिन पता नहीं किन कारणों से सरकार शिक्षामित्रों के हित को लेकर गंभीर नहीं है। सीएम से बहुत उम्मीदें थी लेकिन अब भरोसा टूटता नजर आ रहा है।
जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक बनने की राह में आने वाली दुश्वारियों को प्रदेश सरकार चाहे तो दूर कर सकती है। लंबे समय से सेवा का यही परिणाम मिला की एक झटके में सेवा से हटा दिया गया। प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के हित को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है। अब अधिकार की लड़ाई को लेकर संघर्ष को तेज किया जाएगा।
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इस दौरान गोपाल यादव, शैलेंद्र नायक, ओम प्रकाश त्रिपाठी, अनिल गुप्ता, राजेंद्र राय, राजेश धर द्विवेदी, चंद्रप्रकाश, महेश सिंह, विष्णु प्रसाद, संध्या, विंद्रावती, सुनीता, सरोज, नीलम, किरन, शत्रुघ्न यादव आदि मौजूद रहे।
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जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि प्रदेश में एक लाख बहत्तर हजार शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी सरकार कर रही है। अगर सरकार चाहे तो कानून बनाकर समस्या का समाधान कर सकती है। लेकिन पता नहीं किन कारणों से सरकार शिक्षामित्रों के हित को लेकर गंभीर नहीं है। सीएम से बहुत उम्मीदें थी लेकिन अब भरोसा टूटता नजर आ रहा है।
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जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक बनने की राह में आने वाली दुश्वारियों को प्रदेश सरकार चाहे तो दूर कर सकती है। लंबे समय से सेवा का यही परिणाम मिला की एक झटके में सेवा से हटा दिया गया। प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के हित को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है। अब अधिकार की लड़ाई को लेकर संघर्ष को तेज किया जाएगा।
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इस दौरान गोपाल यादव, शैलेंद्र नायक, ओम प्रकाश त्रिपाठी, अनिल गुप्ता, राजेंद्र राय, राजेश धर द्विवेदी, चंद्रप्रकाश, महेश सिंह, विष्णु प्रसाद, संध्या, विंद्रावती, सुनीता, सरोज, नीलम, किरन, शत्रुघ्न यादव आदि मौजूद रहे।