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सात इंजीनियर खींच रहे सिंचाई विभाग की गाड़ी
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सात इंजीनियर खींच रहे सिंचाई विभाग की गाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सिंचाई विभाग खंड प्रथम की गाड़ी केवल सात इंजीनियर किसी तरह खींच रहे हैं। बेलदार को छोड़ कर अधिकांश पदों पर समुचित संख्या में कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले में 24 इंजीनियरों के पद के सापेक्ष मात्र सात इंजीनियर तैनात हैं। ऐसे में इंजीनियरों की कमी से 1035 किमी. नहरों की समुचित निगरानी नहीं हो पा रही है। सिंचाई विभाग में कर्मियों की कमी के कारण कामकाज भी तेज गति से नहीं हो पा रहा है।
सिंचाई कर की भले ही वसूली नहीं होती है, लेकिन जमाबंदी हर सीजन में तैयार कराई जाती है। जिससे जमाबंदी का विवरण तैयार करने के लिए सभी खेतों की पड़ताल के साथ पर्यवेक्षण कार्य भी किए जाते हैं। इन सभी कार्यों मेें जिलेदार व सींचपाल पद पर कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या पैदा होती है। जिले में जहां जिलेदार के छह पदों पर किसी की तैनाती नहीं हैं, वहीं सींचपाल के 67 पदों के सापेक्ष मात्र 16 ही विभाग में तैनात हैं।
सिंचाई खंड प्रथम के तहत आने वाले कुल 128 नहरों की देखभाल के लिए अधिशासी अभियंता सहित कुल 24 इंजीनियरों व छह जिलेदारों के पद सृजित किए गए हैं, लेकिन खंड में पांच सहायक अभियंताओं के पद के सापेक्ष दो सहायक अभियंता तैनात हैं। इसी तरह 18 अवर अभियंता के सापेक्ष मात्र चार अवर अभियंता तैनात हैं। जिलेदार पद पर तो एक भी कर्मी की तैनाती नहीं है। इस खंड में वरिष्ठ सहायकों के कुल 16 पदों पर मात्र 9 वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक के नौ पदों पर मात्र पांच सहायक, मेठ के 23 पदों पर मात्र 13, चपरासी के 14 पदों पर मात्र 6 की तैनाती है। इसी प्रकार धावक के चार पद भी रिक्त हैं। जबकि आशुलिपि, खंडीय लेखाकार, हेडमुंशी, सेक्शन मिस्त्री के पद रिक्त चल रहे हैं।
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सिंचाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार का कहना है कि सीमित संसाधनों में विभाग के काम समुचित ढंग से कराए जाते हैं। स्वीकृत पदों पर अभियंताओं व अन्य पदों पर कर्मियों की तैनाती के लिए शासन स्तर से पत्र व्यवहार किया जाता रहता है। फिलहाल विभाग में स्वीकृत पदों के सापेक्ष कर्मचारियों की तैनाती नहीं है। वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसी में बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सिंचाई विभाग खंड प्रथम की गाड़ी केवल सात इंजीनियर किसी तरह खींच रहे हैं। बेलदार को छोड़ कर अधिकांश पदों पर समुचित संख्या में कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले में 24 इंजीनियरों के पद के सापेक्ष मात्र सात इंजीनियर तैनात हैं। ऐसे में इंजीनियरों की कमी से 1035 किमी. नहरों की समुचित निगरानी नहीं हो पा रही है। सिंचाई विभाग में कर्मियों की कमी के कारण कामकाज भी तेज गति से नहीं हो पा रहा है।
सिंचाई कर की भले ही वसूली नहीं होती है, लेकिन जमाबंदी हर सीजन में तैयार कराई जाती है। जिससे जमाबंदी का विवरण तैयार करने के लिए सभी खेतों की पड़ताल के साथ पर्यवेक्षण कार्य भी किए जाते हैं। इन सभी कार्यों मेें जिलेदार व सींचपाल पद पर कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या पैदा होती है। जिले में जहां जिलेदार के छह पदों पर किसी की तैनाती नहीं हैं, वहीं सींचपाल के 67 पदों के सापेक्ष मात्र 16 ही विभाग में तैनात हैं।
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सिंचाई खंड प्रथम के तहत आने वाले कुल 128 नहरों की देखभाल के लिए अधिशासी अभियंता सहित कुल 24 इंजीनियरों व छह जिलेदारों के पद सृजित किए गए हैं, लेकिन खंड में पांच सहायक अभियंताओं के पद के सापेक्ष दो सहायक अभियंता तैनात हैं। इसी तरह 18 अवर अभियंता के सापेक्ष मात्र चार अवर अभियंता तैनात हैं। जिलेदार पद पर तो एक भी कर्मी की तैनाती नहीं है। इस खंड में वरिष्ठ सहायकों के कुल 16 पदों पर मात्र 9 वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक के नौ पदों पर मात्र पांच सहायक, मेठ के 23 पदों पर मात्र 13, चपरासी के 14 पदों पर मात्र 6 की तैनाती है। इसी प्रकार धावक के चार पद भी रिक्त हैं। जबकि आशुलिपि, खंडीय लेखाकार, हेडमुंशी, सेक्शन मिस्त्री के पद रिक्त चल रहे हैं।
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सिंचाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार का कहना है कि सीमित संसाधनों में विभाग के काम समुचित ढंग से कराए जाते हैं। स्वीकृत पदों पर अभियंताओं व अन्य पदों पर कर्मियों की तैनाती के लिए शासन स्तर से पत्र व्यवहार किया जाता रहता है। फिलहाल विभाग में स्वीकृत पदों के सापेक्ष कर्मचारियों की तैनाती नहीं है। वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसी में बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।