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महोत्सव की खर्ब
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हम राम कहते हैं, रहमान भी कहते हैं...
फोटो:-
महराजगंज। मुजफ्फरनगर के कव्वाल की टीम ने बुधवार की देर रात धूम मचा दी। सामाजिक समरता की डोर को मजबूत करने वाली कव्वाली सुनकर लोगों ने मनोरंजन किया। समा नाज किरण की टीम ने बेहतर ढंग से कव्वाली सुनाया। हम राम भी कहते हैं, रहमान भी कहते हैं, हम अल्लाह भी कहते हैं, हम भगवान भी कहते हैं। कव्वाली के माध्यम से सौहार्द्र की भावना को मजूबती प्रदान करने की कोशिश की गई। कव्वाली की प्रत्येक पंक्तियों में आपसी भाईचारे की भावना को पिरोने की कोशिश की गई।
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महराजगंज। मुजफ्फरनगर के कव्वाल की टीम ने बुधवार की देर रात धूम मचा दी। सामाजिक समरता की डोर को मजबूत करने वाली कव्वाली सुनकर लोगों ने मनोरंजन किया। समा नाज किरण की टीम ने बेहतर ढंग से कव्वाली सुनाया। हम राम भी कहते हैं, रहमान भी कहते हैं, हम अल्लाह भी कहते हैं, हम भगवान भी कहते हैं। कव्वाली के माध्यम से सौहार्द्र की भावना को मजूबती प्रदान करने की कोशिश की गई। कव्वाली की प्रत्येक पंक्तियों में आपसी भाईचारे की भावना को पिरोने की कोशिश की गई।