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शमशान घाट का शेड जर्जर, गिरने के डर से खुले में होता शवों का अंतिम संस्कार

Mon, 11 Jan 2021 01:29 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 01:29 AM IST
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weaken shade of samshan ghat
बरौदा डांग के श्मशान घाट का जर्जर छज्जा। - फोटो : LALITPUR
बार/ललितपुर। ब्लॉक बार के ग्राम बरौदाडांग में श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए दो साल पहले बनाया गया पक्का शेड जर्जर हो चुका है। इसके पिलर और छत में जगह-जगह दरार पड़ गई है। यहां तक कि एक बीम भी खराब हो गई है। ऐसे में कहीं शेड गिर न जाए, इसके डर से ग्रामीण शेड की नीचे नहीं बल्कि शेड से दूर खुले में ही शवों का अंतिम संस्कार करते हैं। अभी गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट में इतना बड़ा हादसा हो चुका है, फिर भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जनपद में बीते दिनों गौना कुसमाड़ में श्मशान घाट में बनाए जा रहे पक्के शेड की बीम गिरने के प्रकरण के बाद जिला प्रशासन द्वारा दो अभियंताओं और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की है। उधर, जनपद अन्य कई जगहों पर भी श्मशान घाटों के लिए पूर्व में बनाए गए पक्के शेडों का भी बुरा हाल है। ब्लॉक बार के ग्राम बरौदाडांग में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली है, जहां शेड गिरने के डर से ग्रामीण श्मशान घाट में खुले में शवों का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं।
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विकास खंड बार के ग्राम बरौदाडांग में तालाब किनारे स्थित श्मशान में वर्ष 2018 में श्मशान घाट में पक्के सीमेंटेड शेड का निर्माण कराया गया था। लेकिन दो वर्ष बाद ही इस पक्के शेड की स्थिति काफी खराब हो गई है। इसके छत की एक बीम झुक गई है और चारों ओर खड़े पिलर और छत चटकने लगी है। उस समय इस श्मशान घाट का निर्माण 13 लाख रुपये की लागत से किया गया था, लेकिन यहां न तो बाउंड्री ही बनाई गई थी और न ही कोई फर्श ही कराया गया था। ग्रामीणों द्वारा पूर्व में जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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बरौदाडांग के शमशान घाट में छत की बीम खराब होकर लटक गई है। इससे यहां कभी भी नुकसान हो सकता है। यहां दाहसंस्कार अब खुले में ही कराए जाते हैं। किशोरी लाल

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घाट के शेड की बीच वाली बीम लटक गई है, छत चटख गई है। यहां कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। डर के मारे अब इसके नीचे दाह संस्कार नहीं किए जाते हैं। रामप्रसाद
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हमारे कार्यकाल में इसका निर्माण नहीं कराया गया था। यदि शेड खराब हुआ है तो मौके पर जाकर देखा जाएगा।
विनय खरे, ग्राम विकास अधिकारी, बरौदाडांग।

बरौदा डांग के श्मशान घाट की जर्जर बीम।

बरौदा डांग के श्मशान घाट की जर्जर बीम।- फोटो : LALITPUR

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