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शहर के नागरिकों को मिल रही पंद्रह, बीस मिनट की जलापूर्ति

Wed, 01 Jul 2020 12:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2020 12:13 AM IST
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water supply receiving only for 15 to 20 minut
ललितपुर। मंगलवार को जब नगर पालिका के तीन बार के अध्यक्ष रहे डॉ. शादीलाल दुबे का जन्म दिवस मनाया गया तो उनकी 24 घंटे जलापूर्ति देने की कार्यप्रणाली की नागरिकों को खूब याद आई। इसकी वजह रही पिछले कई दिनों से शहर के विभिन्न मोहल्लों में पंद्रह से बीस मिनट की ही जलापूर्ति हो पा रही है। ऐसे में लोगों को हैंडपंप और टैंकर की आपूर्ति पर निर्भर होकर रहना पड़ रहा है।
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वर्ष 1958 से 1962 तक शहर में ललितपुर जल-कल योजना प्रारंभ की गई थी। इस दौरान राज्य सरकार ने प्रथम पंचवर्षीय योजना में 13,42,500 रुपये का ऋण नगर पालिका परिषद को स्वीकृत किया था। स्वायत्त शासन अभियंत्रण विभाग द्वारा जलकल संस्थान का निर्माण हुआ। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. शादीलाल दुबे ने जल कल योजना को मूर्त रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। परिणाम यह हुआ कि नगर को 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध हुआ। बदली परिस्थितियों में नगर पालिका से अलग होते ही जल संस्थान पाई-पाई के लिए परेशान हो गया। इसका विपरीत असर जलापूर्ति पर भी पड़ा है।
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लोअर जोन के मोहल्ला रैदासपुरा, गोविंद नगर, चौबयाना, महावीरपुरा, सरदारपुरा, मऊठाना, श्रद्धानंदपुरा व चिरौल पुरा में पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां पिछले कई दिनों से पंद्रह से बीस मिनट की जलापूर्ति हो रही है। वहीं, अपर जोन में मोहल्ला नेहरू नगर, जुगपुरा व सिद्दनपुरा पेयजल की किल्लत से जूझ रहा है। विभागीय अफसर अभी तक चिह्नित स्थानों की समस्या का हल नहीं कर पाए हैं, जिससे लोगों को हैंडपंप और टैंकर से पानी जुटाना पड़ रहा है।
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करीब चार दिन से हैंडपंप से पानी भर रहे हैं। नल से बमुश्किल पीने का पानी ही मिल पा रहा है। मंगलवार को चार कुप्पा हैंडपंप से पानी भरा। बर्फ के गोला का ठेला लगाने के लिए भी एक कुप्पा पानी का इंतजाम अलग से किया।
- विजय जैन
नेहरू नगर में कई बस्तियों में पाइप लाइन ही नहीं बिछी है। इनमें से एक क्षेत्र जय मां सरस्वती ज्ञान मंदिर जूनियर हाईस्कूल के पीछे का है। यहां पेयजल की गंभीर समस्या है। हैंडपंप लगा है, लेकिन इसमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है।
- नंदकिशोर
गर्मियों के दिनों में हैंडपंप का पानी जमीन में नीचे की ओर सरक जाता है। इस वजह से कई हैंडपंपों ने पानी देना कम कर दिया है। इससे पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
- लीला
कई बस्तियों में पानी के टैंकर नहीं पहुंचते हैं। यही हाल संकरी गलियों काभी है। जब टैंकर नहीं आएंगे तो पेयजल की समस्या तो उत्पन्न होगी ही। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- लक्ष्मीचंद
बीते वर्षो में नए हैंडपंप लगाए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। नए हैंडपंपों के अभाव में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। विभाग इसका अभी तक समाधान नहीं कर पाया है।
- देवा
गर्मियों में उत्पन्न होने वाली पेयजल की समस्या का समाधान करने में जलसंस्थान नाकाम रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लोगों की समस्या पूछने भी नहीं आए, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

- अनीता
टोंटी जरूर लगाएं
जल संस्थान के अफसरों ने अपील की है कि नलों में टोंटी जरूर लगाएं, भले ही नल में पानी आ रहा हो या नहीं। इससे पाइप लाइन में पानी का प्रेशर बन सकेगा, साथ ही नलों में गंदे पानी की समस्या से भी निजात मिल जाएगा।
मोटर की मरम्मत करा ली गई है, जिसे लगाया जा रहा है। यदि बिजली की आपूर्ति सुचारु मिली तो बुधवार को भरपूर पानी मिलने की उम्मीद है।
- राहुल सिंह
अवर अभियंता, जल संस्थान

खराब पड़ा पानी का टैंकर

खराब पड़ा पानी का टैंकर- फोटो : LALITPUR

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