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अर्जुन खिरिया में गहराया पानी का संकट
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अर्जुनखिरिया गांव में सूखा पड़ा कुआं।
- फोटो : LALITPUR
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अर्जुनखिरिया (ललितपुर)। मड़ावरा विकासखंड के अर्जुनखिरिया गांव में पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। कुएं सूख गए हैं और अधिकांश हैंडपंप खराब हैं, जो ठीक भी हैं उनमें से पीने लायक पानी नहीं निकल रहा है। ग्रामवासियों को आधा किलोमीटर दूर जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है।
अर्जुन खिरिया गांव में पीने के पानी की गर्मी का मौसम आते ही विकट समस्या हो जाती है। गांव के कुएं एवं हैंडपंप भी गर्मी शुरू होते ही साथ छोड़ देते हैं। अर्जुन खिरिया गांव की सबसे बड़ी समस्या तो यह कि गांव के अंदर जितने भी कुएं या हैंडपंप हैं सभी का पानी खारा होने के कारण पीने लायक नहीं है । गांव से सौ मीटर दूरी पर जो कुएं व हैंडपंप है उनका पानी ही पीने लायक है लेकिन गर्मी शुरू होते ही ये भी साथ छोड़ देते हैं।
गांव में करीब 30 के लगभग हैंडपंप लगे हुए हैं, इनमें सात हैंडपंप खराब चल रहे हैं। गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत चल रहा है, जिससे गांव के लोगों में खुशी है लेकिन उसमें भी अभी एक वर्ष का समय लग जाएगा।
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- उजबक अहिरवार
गांव में एक काफी पुराना तालाब भी है जो सिंचाई विभाग ने अपने अंडर में ले लिया है, लेकिन उसमें काफी समय से मरम्मत न होने से सिल्ट जमा हो गई है, जिससे वह भी बहुत जल्दी सूख जाता है, इस कारण जानवरों को भी पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है।
- कंछेदी
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अर्जुन खिरिया गांव में पीने के पानी की गर्मी का मौसम आते ही विकट समस्या हो जाती है। गांव के कुएं एवं हैंडपंप भी गर्मी शुरू होते ही साथ छोड़ देते हैं। अर्जुन खिरिया गांव की सबसे बड़ी समस्या तो यह कि गांव के अंदर जितने भी कुएं या हैंडपंप हैं सभी का पानी खारा होने के कारण पीने लायक नहीं है । गांव से सौ मीटर दूरी पर जो कुएं व हैंडपंप है उनका पानी ही पीने लायक है लेकिन गर्मी शुरू होते ही ये भी साथ छोड़ देते हैं।
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गांव में करीब 30 के लगभग हैंडपंप लगे हुए हैं, इनमें सात हैंडपंप खराब चल रहे हैं। गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत चल रहा है, जिससे गांव के लोगों में खुशी है लेकिन उसमें भी अभी एक वर्ष का समय लग जाएगा।
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- उजबक अहिरवार
गांव में एक काफी पुराना तालाब भी है जो सिंचाई विभाग ने अपने अंडर में ले लिया है, लेकिन उसमें काफी समय से मरम्मत न होने से सिल्ट जमा हो गई है, जिससे वह भी बहुत जल्दी सूख जाता है, इस कारण जानवरों को भी पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है।
- कंछेदी