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ललितपुर: पाइपलाइन बिछने का करते रहे इंतजार, गर्मियों में पानी का संकट झेलेंगे 22 हजार परिवार

Tue, 21 Feb 2023 12:00 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Tue, 21 Feb 2023 12:00 AM IST
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Waiting for laying of pipeline, 22 thousand families will face water crisis in summer
ललितपुर। प्रदेश सरकार हर घर तक जल पहुंचाने के लिए तमाम कवायदें कर रही है, लेकिन शहर के 22 हजार परिवार इस साल भी गर्मियों में पानी का संकट झेलेंगे। शहर के पांच मोहल्लों में अब तक पाइपलाइन नहीं डाली गई है। वहीं यहां हैंडपंप भी जलस्तर गिरने से सूख जाते हैं। ऐसे में करीब 10 साल से मोहल्लों में कायम जल संकट इस बार भी बरकरार रहेगा। शासन ने हर घर नल योजना के अंतर्गत हर घर में पानी पहुंचाने की सुविधा दी है, लेकिन शहर में अब तक सभी वार्डों में पाइपलाइन नहीं डाली गई है। मोहल्ला विष्णपुरा, पठापुरा, श्रद्घानंद पुरा, खिरकापुरा, रैदासपुरा समेत विभिन्न मोहल्लों में पानी की किल्लत है। लोगों काे उम्मीद थी कि सरकार की हर घर जल योजना से उनके घर तक इस साल पानी पहुंच जाएगा, लेकिन अब तक काम शुरू न होने से लोग मायूस हैं। ऐसे में एक बार फिर लोगों को पानी के लिए हैंडपंप पर लाइन लगानी होगी और टैंकर का सहारा लेना होगा।
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20 हजार घरों में हैं कनेक्शन
शहर में 42 हजार घरों के सापेक्ष 20450 घरों में नल के कनेक्शन हैं। इसके अलावा लगभग 1500 हैंडपंप भी लगाए गए हैं। साथ ही 28 टैंकर हैं। जिससे पानी न पहुंचने वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जाता है, लेकिन गर्मियों हैंंडपंप व टैंकर भी साथ छोड़ जाते हैं। ऐसे में सुविधाओं के संसाधनों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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यह हैं विभाग के आंकड़े
घर - 42 हजार
नल कनेक्शन-20450
विभाग को प्राप्त राजस्व - 3.22 करोड़
टैंकरों की संख्या - 20
खराब पड़े टैंकर - 12
हैंडपंप - 1500

गर्मियों में हर महीने 300 हैंडपंप की होती है मरम्मत
शहर में लगभग 1500 हैंडपंप लगे हुए हैं। लेकिन अधिकांश हैंडपंप मई-जून में पानी छोड़ देते हैं। अप्रैल से जुलाई तक प्रतिमाह लगभग 300 हैंडपंपों की मरम्मत होती है।
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शहर में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए अमृत 2 योजना बनाई गई है। जिसके बाद पेयजल समस्या समाप्त हो जाएगी। वर्तमान में पानी की सुविधा के लिए टैंकरों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर मरम्मत कराई जाएगी। पेयजल समस्या नहीं बढ़ने दी जाएगी।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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