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बारिश के बाद शुरू हो गया वायरल अस्पतालों में बढ़े मरीज
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जिला अस्पताल में परचे वनबाते लोग
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिले में वायरल फीवर फैलने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आलम यह है कि जिला अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन करीब 300 मरीजों में 80 फीसदी मरीज वायरल के ही पहुंच रहे हैं। जबकि, निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इसे लेकर डॉक्टर भी चिंतित है उनका कहा है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले वायरल के बढ़ते मरीज खतरे का सबब बन सकते हैं। उन्होंने मरीजों व उनके तीमारदारों को मास्क लगाकर रहने की सलाह दी है।
मौसम में हो रहे परिवर्तन के बीच स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल और टाइफाइड, मलेरिया जैसी बीमारियां होने का खतरा है। ऐसे में बचाव के लिए खानपान और साफ सफाई अधिक जरूरी है। बीमारियों के पैर पसारने से जिला अस्पताल में ओपीडी में 150 से बढ़कर 300 मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इनमें करीब 80 फीसदी वायरल से पीड़ित हैं। उधर जिले के करीब 150 निजी चिकित्सकों के यहां भी प्रतिदिन आठ से 10 मरीज वायरल के पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। बारिश में भीगने से बचे और जुकाम होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार लें, जरा सी लापरवाही से आप बीमारी में जकड़ सकते है।
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इस तरह करें बीमारियों से बचाव
- घरों के आसपास साफ सफाई रखें।
- फुल कपड़े पहनें।
- मच्छरों से बचाव करें।
- घरों के आसपास जलभराव न होने दें।
- बुखार व स्वास्थ्य खराब होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
- ताजे फलों का सेवन करें।
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यह हैं लक्षण
- सदी के साथ बुखार आना।
- जुकाम, खांसी होना।
- बदन दर्द।
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मौसम बदलने से बीमारियां फैलने लगी हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों में वायरल से पीड़ितों की संख्या अधिक है। एक हफ्ते में मरीजों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। वायरल से ग्रसित मरीजों को खासतौर पर मास्क लगाकर रहना चाहिए। इससे उनके परिजन भी सुरक्षित रहेंगे। अस्वस्थ होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार कराएं।
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- डॉ. नीलांजलि दुबे
फिजीशियन
जिला अस्पताल पुरुष
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मौसम में हो रहे परिवर्तन के बीच स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल और टाइफाइड, मलेरिया जैसी बीमारियां होने का खतरा है। ऐसे में बचाव के लिए खानपान और साफ सफाई अधिक जरूरी है। बीमारियों के पैर पसारने से जिला अस्पताल में ओपीडी में 150 से बढ़कर 300 मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इनमें करीब 80 फीसदी वायरल से पीड़ित हैं। उधर जिले के करीब 150 निजी चिकित्सकों के यहां भी प्रतिदिन आठ से 10 मरीज वायरल के पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। बारिश में भीगने से बचे और जुकाम होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार लें, जरा सी लापरवाही से आप बीमारी में जकड़ सकते है।
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इस तरह करें बीमारियों से बचाव
- घरों के आसपास साफ सफाई रखें।
- फुल कपड़े पहनें।
- मच्छरों से बचाव करें।
- घरों के आसपास जलभराव न होने दें।
- बुखार व स्वास्थ्य खराब होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
- ताजे फलों का सेवन करें।
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यह हैं लक्षण
- सदी के साथ बुखार आना।
- जुकाम, खांसी होना।
- बदन दर्द।
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मौसम बदलने से बीमारियां फैलने लगी हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों में वायरल से पीड़ितों की संख्या अधिक है। एक हफ्ते में मरीजों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। वायरल से ग्रसित मरीजों को खासतौर पर मास्क लगाकर रहना चाहिए। इससे उनके परिजन भी सुरक्षित रहेंगे। अस्वस्थ होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार कराएं।
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- डॉ. नीलांजलि दुबे
फिजीशियन
जिला अस्पताल पुरुष