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पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन पर जताई चिंता
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नेहरू महाविद्यालय में पौध रोपण करते प्राचार्य डा.अवधेश अग्रवाल
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर नेहरू महाविद्यालय ललितपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा पौधरोपण किया गया। इस दौरान आयोजित संक्षिप्त पर्यावरण संगोष्ठी में पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन पर चिंता जाहिर की गई।
एनएसएस के स्वयंसेवकों की भूमिका विषय पर एक बेविनार का आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी में किया गया। इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ. जे वी वैश्म्पायन ने की एवं मुख्य अतिथि एनएसएस के संस्थापक एसएन सुब्बाराव, विशिष्ट अतिथि एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोती, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नारायण प्रसाद, उत्तर प्रदेश के राज्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अंशुमाली शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी रहे। वक्ताओं ने कहा कि सृष्टि के संतुलन के लिये एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण आवश्यक है। सम्पूर्ण विश्व में पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन से मानव जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि समय रहते लोगों में प्रकृति के प्रति चेतना नहीं आई, तो पृथ्वी पर प्रलय की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।
नेमवि प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सदैव कार्य करती रही है। एनएसएस के स्वयंसेवकों ने सदैव समाज के हित के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान चलाया है। जैसा कि आज हम देख रहें है कि पूरा विश्व कोरोना महामारी के प्रभाव से गुजर रहा है, ऐसे समय में एनएसएस के वालेंटियर जागरूकता अभियान द्वारा समाज को भ्रांति मुक्त रहने का संदेश दे रहे हैं। एसो. प्रो. शारीरिक शिक्षा डॉ. अनिल सूर्यवंशी ने कहा कि भारत जैसे गौरवशाली राष्ट्र में गाय को माता माना जाता है, वहीं हजारों गायों की प्रतिदिन हत्याएं हो रही हैं। इन्हीं पापों के कारण प्रलयकारी भूकंप आते हैं।
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डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अपने घर के आंगन में प्राण वायुदायक एवं फलदार पौधों को लगाकर पर्यावरण के संरक्षण एवं प्रकृति की सुरक्षा की जा सकती है। प्राकृतिक तत्वों के संरक्षण एवं प्रकृति के अनुकूल आचरण से पर्यावरण शुद्ध रहेगा। डॉ. सूबेदार यादव ने कहा कि आज कोरोना महामारी देश के लिए बहुत बड़ी समस्या है। इसकी रोकथाम के लिए हम सभी को जागरूक रहना होगा। इसके लिए भारत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इस महामारी से निपटने के लिए एनएसएस के स्वयंसेवक निरंतर प्रयासरत हैं। वे सभी अधिक मात्रा में मास्क तैयार कर लोगों की मदद कर देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. ओ.पी.चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश, यूनिसेफ इंडिया और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया की मदद से कोरोना को पूरी तरह नष्ट करने का संकल्प लिया है। इस मौके पर नेमवि में पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर डॉ. राजेश तिवारी, विवेक पाराशर, फहीम बख्श, हरीप्रसाद, ध्रुव किलेदार, राजीव गोस्वामी, अंकित चौबे, सुरेश पाल, राजेश, सलमान मंसूरी, कामता प्रसाद, विमल कुमार, अभिषेक शर्मा, आदि उपस्थित रहे।
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एनएसएस के स्वयंसेवकों की भूमिका विषय पर एक बेविनार का आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी में किया गया। इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ. जे वी वैश्म्पायन ने की एवं मुख्य अतिथि एनएसएस के संस्थापक एसएन सुब्बाराव, विशिष्ट अतिथि एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोती, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नारायण प्रसाद, उत्तर प्रदेश के राज्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अंशुमाली शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी रहे। वक्ताओं ने कहा कि सृष्टि के संतुलन के लिये एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण आवश्यक है। सम्पूर्ण विश्व में पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन से मानव जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि समय रहते लोगों में प्रकृति के प्रति चेतना नहीं आई, तो पृथ्वी पर प्रलय की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।
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नेमवि प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सदैव कार्य करती रही है। एनएसएस के स्वयंसेवकों ने सदैव समाज के हित के लिए विभिन्न जागरूकता अभियान चलाया है। जैसा कि आज हम देख रहें है कि पूरा विश्व कोरोना महामारी के प्रभाव से गुजर रहा है, ऐसे समय में एनएसएस के वालेंटियर जागरूकता अभियान द्वारा समाज को भ्रांति मुक्त रहने का संदेश दे रहे हैं। एसो. प्रो. शारीरिक शिक्षा डॉ. अनिल सूर्यवंशी ने कहा कि भारत जैसे गौरवशाली राष्ट्र में गाय को माता माना जाता है, वहीं हजारों गायों की प्रतिदिन हत्याएं हो रही हैं। इन्हीं पापों के कारण प्रलयकारी भूकंप आते हैं।
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डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अपने घर के आंगन में प्राण वायुदायक एवं फलदार पौधों को लगाकर पर्यावरण के संरक्षण एवं प्रकृति की सुरक्षा की जा सकती है। प्राकृतिक तत्वों के संरक्षण एवं प्रकृति के अनुकूल आचरण से पर्यावरण शुद्ध रहेगा। डॉ. सूबेदार यादव ने कहा कि आज कोरोना महामारी देश के लिए बहुत बड़ी समस्या है। इसकी रोकथाम के लिए हम सभी को जागरूक रहना होगा। इसके लिए भारत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इस महामारी से निपटने के लिए एनएसएस के स्वयंसेवक निरंतर प्रयासरत हैं। वे सभी अधिक मात्रा में मास्क तैयार कर लोगों की मदद कर देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. ओ.पी.चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश, यूनिसेफ इंडिया और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया की मदद से कोरोना को पूरी तरह नष्ट करने का संकल्प लिया है। इस मौके पर नेमवि में पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर डॉ. राजेश तिवारी, विवेक पाराशर, फहीम बख्श, हरीप्रसाद, ध्रुव किलेदार, राजीव गोस्वामी, अंकित चौबे, सुरेश पाल, राजेश, सलमान मंसूरी, कामता प्रसाद, विमल कुमार, अभिषेक शर्मा, आदि उपस्थित रहे।