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दो महिलाओं की चोटी कटी, दहशत

Fri, 04 Aug 2017 01:22 AM IST
amarujala
amarujala Updated Fri, 04 Aug 2017 01:22 AM IST
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Two women's peak, panic
lalitpur news - फोटो : amarujala
झांसी/ मऊरानीपुर।
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महिलाओं के बाल कटने के दो मामले बृहस्पतिवार को सामने आए। बिजौली के पाल मुहल्ले में रहने वाली फूलवती (60) सुबह चाय पीने के बाद दोबारा सो गई। जागी तो उसकी चोटी कटी हुई थी। लहचूरा थाना क्षेत्र के धमना पायक गांव निवासी ज्ञानदेवी (27) तड़के जागी तो जमीन पर उनके बाल कटे पड़े थे। इससे पहले मंगलवार रात लुहरगांव में भी एक महिला की चोटी कटी थी। दोनों घटनाओं से दहशत में आए लोगों ने अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर घरों के बाहर नींबू, मिर्च टांग लिए हैं।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पाल मुहल्ला निवासी फूलवती पत्नी स्व. रामभरोसे घर में अकेली रहती है। उनकी चार बेटियों की शादी हो चुकी हैं और लड़का नरेंद्र ग्वालियर में एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। फूलवती ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे चाय पीने के बाद वे दोबारा शुरू हो गई। कुछ देर आहट होने पर वे जागी तो देखा कि घर में घुसा एक कुत्ता बाहर की तरफ निकल गया। काले रंग का कुत्ता पहले उन्होंने कभी मुहल्ले में नहीं देखा था। वे दरवाजे की तरफ गई तो वहां उनको चोटी कटी मिली। उन्होंने बालों पर हाथ फेरा तो पता लगा कि चोटी तो उनकी ही है। यह देख वे घबरा गई। मुहल्लेवासियों को तुरंत उन्होेंने यह बात बताई। इससे लोगों में दहशत फैल गई। खबर लगने पर ग्वालियर से उनका लड़का और एक लड़की भावना घर आ गई। 
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लहचूरा थाना क्षेत्र के गांव धमना पायक के तिलैरन आनन्दपुरा मोहल्ले में रहने वाली ज्ञानदेवी के गयाप्रसाद का पति मजदूरी करने के लिए बाहर गए थे। बुधवार की रात ज्ञानदेवी अपनी देवरानी सरस्वती और दो वर्ष के बच्चे के साथ कच्चे मकान के कमरे में सो रही थी। रात में तीन बजे अचानक बच्चे की रोने की आवाज से जब वह जागी तो उसकी नजर जमीन पर बालों पर पड़ी। हड़बड़ाकर उठी तो देखा कि उसकी चोटी कटी थी।
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बता दें कि मंगलवार की रात जिले के रानीपुर क्षेत्र के लुहरगांव में भी राजीव कुशवाहा की पत्नी रजनी के साथ भी ऐसी घटना हो चुकी है। इससे दहशत में आए लोग अंधविश्वास में पड़कर टोना टोटका करने लगे हैं। कई घरों के बाहर नींबू-मिर्च टांग दिए गए हैं।


अंधविश्वास है, ध्यान न दें
‘यह मामले मनोवैज्ञानिक समस्या की तरफ संकेत करते हैं, क्योंकि बिना उद्देश्य के कोई काम नहीं होता है। ऐसी घटनाओं से किसी को कोई फायदा भी नहीं हो रहा है। एक साथ इतने राज्यों में यह समस्या बताई जा रही हैं। यह केवल एक अंधविश्वास है। इस पर ध्यान नहीं दे।’
जेके शुक्ला, एसएसपी।
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