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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The selection process began investigating Hope

आशा चयन प्रक्रिया की जांच शुरू

Sat, 17 Oct 2015 12:29 AM IST
ललितपुर
ललितपुर Updated Sat, 17 Oct 2015 12:29 AM IST
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ललितपुर। जिले में नई जनगणना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकत्रियों की नियुक्ति को लेकर अपनाई गई चयन प्रक्रिया की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू हुई जांच यदि निष्पक्ष तरीके से हुई, तो कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।

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आशा चयन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की शिकायतों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मंगलवार छह अक्तूबर को पेज नंबर पांच पर सूची में नाम नहीं, फिर भी दिया जा रहा प्रशिक्षण शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। भर्ती में गड़बड़ियों की शिकायतें जिलाधिकारी से की गई थीं। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय से आशा चयन प्रक्रिया की पत्रावली को तलब किया है। दरअसल, महिलाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि बहुत से गांवों में बिना ग्राम प्रधान के प्रस्ताव के आशा कार्यकत्रियों का चयन कर लिया। आरोप लगाया गया कि ग्राम प्रधान की जानकारी के बिना ही गलत प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में जमा हो गए। 

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नियमों के मुताबिक एक गांव में दो आशाओं का चयन 1,499 से ज्यादा आबादी होने के बाद ही हो सकता है, लेकिन ग्राम दावनी के बरदेही व चौसा में जनसंख्या के तय मानक 1,499 की तुलना में केवल 1,099 जनसंख्या है और दो आशाओं का चयन कर लिया गया। आरोप यह भी लगाया गया कि मनमर्जी से चयन कर आशाओं को प्रशिक्षण दे दिया गया। पिछले दिनों इसी मामले को लेकर एक आशा कार्यकत्री ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालांकि, उपचार के बाद उसकी तबीयत ठीक हो गई है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं, इस पर जांच शुरू हो गई है। 

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एएनएम पर डाला जा रहा दबाव

ललितपुर। आशा चयन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार खुद को फंसता देख स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसर एएनएम पर दबाव डाल रहे हैं कि जनसंख्या के मानक को किसी तरह से फिलअप कर दिया जाए। दरअसल, गांवों के बहुत से लोग हैं वर्षों से शहर में रह रहे हैं। लेकिन, उनको गांवों की आबादी में जोड़कर जनसंख्या का मानक पूरा दिखाने की कोशिश चल रही है। बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गाइड लाइन के अनुसार जनसंख्या का आंकड़ा वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर तय किया जाना है।

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