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प्रधानों पर हुई कार्रवाई से भड़का संगठन,अफसरों पर लगाए भ्रष्टाराचार के आरोप
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ललितपुर। अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने शनिवार को कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानों के विरुद्ध जिला स्तर पर जारी किए गए आदेशों को समाप्त न किया गया तो संगठन 20 अक्तूबर से प्रदेश मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। प्रदेश महासचिव ने डीएम आलोक सिंह को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ग्राम प्रधानों ने कंपनी बाग में बैठक कर कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहकर प्रधानों के शोषण का आरोप लगाया। आरोप है कि प्रदेश सरकार ने पांच लाख रुपये तक के विकास कार्य कराने का प्रधानों को अधिकार दिया है, लेकिन जिले के अधिकारी विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं। आरोप है कि सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में सचिवालय, पंचायत भवन, सार्वजनिक शौचालय जैसे निर्माण कार्यों को पूर्ण करवाया है। भारी पेयजल संकट के समय हैंडपंप मरम्मत, रिबोर, विद्यालयों का कायाकल्प करने के लिए टाइल्स, विद्युतीकरण, सुंदरीकरण के कार्य किए गए। परंतु दो वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया गया। नए आदेश में ग्राम पंचायतों में केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग से पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं किया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन कार्यों पर रोक लगा दी है। नए स्वीकृत आदेश के अनुसार अब हैंडपंप मरम्मत, रीबोर, सीसी, पेवरब्रिक्स, नाली निर्माण के कार्यों में स्वीकृति के बाद ही कार्यों को प्रारंभ किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट उत्पन्न होने के साथ-साथ साफ सफाई व्यवस्था भी चौपट हो जाएगी। कहा कि शासनादेश के अनुसार पांच कार्य करवानेे के अधिकार ग्राम प्रधान को दिए गए हैं। लेकिन भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की नियत से जिला स्तर पर नए आदेश जारी किए जाते हैं। आरोप लगाया कि छोटी ग्राम पंचायतों में 70 फीसदी मनरेगा द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों का भुगतान दो वर्ष व्यतीत होने के बाद भी नहीं हो पाया है। प्रधानों का आरोप है कि एस्टीमेट बनाने से लेकर टीएस जांच, भुगतान और सत्यापन के नाम पर ग्राम प्रधानों का शोषण किया जाता है, अवैध रूप से धन की मांग की जाती है पैसा न देने पर जांच में फंसाए जाने की धमकी दी जाती है। इस मौके पर प्रदेश महासचिव गजेंद्र सिंह बुंदेला ने सुरेश प्रकाश कौंतेय को जिला संरक्षक एवं मीडिया प्रभारी के पद पर मनोनीत करने की घोषणा की। ग्राम प्रधान पटसेमरा, तालगांव, कल्यानपुरा, झरावटा, मेलवारा खुर्द, खितवान्स, मैनवार ,जरया, बजर्रा, निबाई , चड़रऊ, अनोरा, बांसी, गुंद्रापुर, बरोदिया राईन,चोंसा, लखनपुरा, पूराकलां, सलैया,बंगरिया, बछलापुर, सगौरिया ,जमुनियां, कुमरोल, चीराकोंडर, गुढ़ा बुजुर्ग, बेटना, बंट, खजुरिया, बिरारी, कपासी, बम्होरी वंशा , खिरियाछतारा, उमरिया, रामगढा, उमरिया,निबऊवा सहित कई गांवों के प्रधान थे।
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ग्राम प्रधानों ने कंपनी बाग में बैठक कर कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहकर प्रधानों के शोषण का आरोप लगाया। आरोप है कि प्रदेश सरकार ने पांच लाख रुपये तक के विकास कार्य कराने का प्रधानों को अधिकार दिया है, लेकिन जिले के अधिकारी विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं। आरोप है कि सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में सचिवालय, पंचायत भवन, सार्वजनिक शौचालय जैसे निर्माण कार्यों को पूर्ण करवाया है। भारी पेयजल संकट के समय हैंडपंप मरम्मत, रिबोर, विद्यालयों का कायाकल्प करने के लिए टाइल्स, विद्युतीकरण, सुंदरीकरण के कार्य किए गए। परंतु दो वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया गया। नए आदेश में ग्राम पंचायतों में केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग से पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं किया गया है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन कार्यों पर रोक लगा दी है। नए स्वीकृत आदेश के अनुसार अब हैंडपंप मरम्मत, रीबोर, सीसी, पेवरब्रिक्स, नाली निर्माण के कार्यों में स्वीकृति के बाद ही कार्यों को प्रारंभ किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट उत्पन्न होने के साथ-साथ साफ सफाई व्यवस्था भी चौपट हो जाएगी। कहा कि शासनादेश के अनुसार पांच कार्य करवानेे के अधिकार ग्राम प्रधान को दिए गए हैं। लेकिन भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की नियत से जिला स्तर पर नए आदेश जारी किए जाते हैं। आरोप लगाया कि छोटी ग्राम पंचायतों में 70 फीसदी मनरेगा द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों का भुगतान दो वर्ष व्यतीत होने के बाद भी नहीं हो पाया है। प्रधानों का आरोप है कि एस्टीमेट बनाने से लेकर टीएस जांच, भुगतान और सत्यापन के नाम पर ग्राम प्रधानों का शोषण किया जाता है, अवैध रूप से धन की मांग की जाती है पैसा न देने पर जांच में फंसाए जाने की धमकी दी जाती है। इस मौके पर प्रदेश महासचिव गजेंद्र सिंह बुंदेला ने सुरेश प्रकाश कौंतेय को जिला संरक्षक एवं मीडिया प्रभारी के पद पर मनोनीत करने की घोषणा की। ग्राम प्रधान पटसेमरा, तालगांव, कल्यानपुरा, झरावटा, मेलवारा खुर्द, खितवान्स, मैनवार ,जरया, बजर्रा, निबाई , चड़रऊ, अनोरा, बांसी, गुंद्रापुर, बरोदिया राईन,चोंसा, लखनपुरा, पूराकलां, सलैया,बंगरिया, बछलापुर, सगौरिया ,जमुनियां, कुमरोल, चीराकोंडर, गुढ़ा बुजुर्ग, बेटना, बंट, खजुरिया, बिरारी, कपासी, बम्होरी वंशा , खिरियाछतारा, उमरिया, रामगढा, उमरिया,निबऊवा सहित कई गांवों के प्रधान थे।
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