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Lalitpur News: इंजेक्शन लगाने के आधे घंटे बाद बच्ची की मौत
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बांसी (ललितपुर)। कस्बा में उपचार के बाद हालत बिगड़ने से पांच वर्षीय बालिका की मौत हो गई। परिजन ने चिकित्सक पर नशे की हालत में उपचार कर इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जानकारी होने पर तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार के निर्देश पर चिकित्सक को डॉक्टरी परीक्षण के लिए सीएचसी जखौरा भेजा और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कस्बा बांसी निवासी प्रियांशी (05) पुत्री दीपक झा की बुखार की वजह से तबीयत खराब हो गई थी। मंगलवार को सुबह साढ़े सात बजे परिजन बच्ची को लेकर क्लीनिक पर पहुंचे। यहां पर चिकित्सक ने दवाइयां दीं और इंजेक्शन लगाकर चिकित्सक ने घर जाने के लिए कह दिया। परिजन घर लेकर पहुंचे, इस दौरान हालत और बिगड़ गई। परिजन आठ बजे क्लीनिक पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने जांच की। इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर नशे में उपचार करने व इंजेक्शन लगाने के बाद मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। घटना से क्लीनिक पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर चौकी पुलिस व तहसीलदार पीयूष कुमार भार्गव और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच पड़ताल के बाद चिकित्सक को डॉक्टरी परीक्षण के लिए सीएचसी जखौरा भेज दिया।
पुलिस ने क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे से रिकार्ड खंगाले और आने व जाने समेत सभी गतिविधियों की रिकार्डिंग कब्जे में ले ली।
बिना पंजीयन के चल रहा था क्लीनिक : बांसी स्थित दिव्यांशी क्लीनिक का क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी कार्यालय में पंजीयन था, जो 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गया था। तब से अब तक क्लीनिक बिना पंजीयन के संचालित हो रहा था। मामले में विभागीय अधिकारियों संज्ञान नहीं लिया। पंजीयन समाप्त पर जांच नहीं की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंजीयन समाप्त होने पर क्लीनिक को बंद करा दिया जाता तो बच्ची की जान नहीं जाती।
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कस्बा बांसी निवासी प्रियांशी (05) पुत्री दीपक झा की बुखार की वजह से तबीयत खराब हो गई थी। मंगलवार को सुबह साढ़े सात बजे परिजन बच्ची को लेकर क्लीनिक पर पहुंचे। यहां पर चिकित्सक ने दवाइयां दीं और इंजेक्शन लगाकर चिकित्सक ने घर जाने के लिए कह दिया। परिजन घर लेकर पहुंचे, इस दौरान हालत और बिगड़ गई। परिजन आठ बजे क्लीनिक पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने जांच की। इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर नशे में उपचार करने व इंजेक्शन लगाने के बाद मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। घटना से क्लीनिक पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर चौकी पुलिस व तहसीलदार पीयूष कुमार भार्गव और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच पड़ताल के बाद चिकित्सक को डॉक्टरी परीक्षण के लिए सीएचसी जखौरा भेज दिया।
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पुलिस ने क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे से रिकार्ड खंगाले और आने व जाने समेत सभी गतिविधियों की रिकार्डिंग कब्जे में ले ली।
बिना पंजीयन के चल रहा था क्लीनिक : बांसी स्थित दिव्यांशी क्लीनिक का क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी कार्यालय में पंजीयन था, जो 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गया था। तब से अब तक क्लीनिक बिना पंजीयन के संचालित हो रहा था। मामले में विभागीय अधिकारियों संज्ञान नहीं लिया। पंजीयन समाप्त पर जांच नहीं की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंजीयन समाप्त होने पर क्लीनिक को बंद करा दिया जाता तो बच्ची की जान नहीं जाती।
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