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Lalitpur News: गलघोंटू से हुई मौत की जांच के लिए टीम गठित
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ललितपुर। 15 दिनों में गलघोंटू से तीन बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण अभियान की पोल खोल दी है। लापरवाही उजागर करने और बच्चों के मौत की जांच करने के लिए सीएमओ ने दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है।
जनवरी से नियमित गलघोंटू बीमारी के मरीज मिल रहे हैं। जब दो सप्ताह में तीन बच्चों की मौत गलघोंटू से हो गई है, तब विभाग ने जांच टीम का गठन किया। माना जा रहा है कि जांच से टीकाकरण अभियान की हकीकत सबसे सामने आएगी। विभाग का दावा है कि हर महीने ढाई से तीन हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। सवाल उठता है कि टीकाकरण से सहरिया व आदिवासी लोग कैसे वंचित रहे जाते हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता एक स्थान पर बैठकर टीकाकरण करते हैं। इसके लिए वह लोगों के बीच जाकर जागरूकता अभियान नहीं चलाते हैं। वहीं, अन्य सभी लोगों के पास टीकाकरण का रिकाॅर्ड होता है।
जिन गांवों में आदिवासी, वहां नहीं लगता कैंप
जनपद की सहरिया, आदिवासी लोग अशिक्षित हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ऐसे गांवों को चिह्नित कर वहां जागरूकता और टीकाकरण शिविर लगाए। इससे बच्चों की जान बचाई जा सकती है।
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मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ।
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जनवरी से नियमित गलघोंटू बीमारी के मरीज मिल रहे हैं। जब दो सप्ताह में तीन बच्चों की मौत गलघोंटू से हो गई है, तब विभाग ने जांच टीम का गठन किया। माना जा रहा है कि जांच से टीकाकरण अभियान की हकीकत सबसे सामने आएगी। विभाग का दावा है कि हर महीने ढाई से तीन हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। सवाल उठता है कि टीकाकरण से सहरिया व आदिवासी लोग कैसे वंचित रहे जाते हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता एक स्थान पर बैठकर टीकाकरण करते हैं। इसके लिए वह लोगों के बीच जाकर जागरूकता अभियान नहीं चलाते हैं। वहीं, अन्य सभी लोगों के पास टीकाकरण का रिकाॅर्ड होता है।
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जिन गांवों में आदिवासी, वहां नहीं लगता कैंप
जनपद की सहरिया, आदिवासी लोग अशिक्षित हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ऐसे गांवों को चिह्नित कर वहां जागरूकता और टीकाकरण शिविर लगाए। इससे बच्चों की जान बचाई जा सकती है।
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मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ।