{"_id":"58dab41d4f1c1b467763f6b3","slug":"teachers-location","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई शिक्षकों की लोकेशन मिली स्कूल से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई शिक्षकों की लोकेशन मिली स्कूल से बाहर
lalitpur
Updated Wed, 29 Mar 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
स्कूूल
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोबाइल से लोकेशन लेने के आदेश पर अमल होते ही कई शिक्षक विभागीय कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मंगलवार को साक्षरता समन्वयकों द्वारा ली गई लोकेशन में कई शिक्षक गैरहाजिर मिले। जिस पर बीएसए ने ऐसे शिक्षकों को नोटिस जारी किए हैं।
मंडलायुक्त के निर्देश पर परिषदीय शिक्षकों की मोबाइल से लोकेशन ली जा रही है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगौरा में सहायक अध्यापक स्वतंत्र गुप्ता सुबह नौ बजकर 15 मिनट पर स्कूल नहीं पहुंचे थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मैगुवां में कार्यरत अनुदेशक राजेश झां गैरहाजिर पाए गए। अन्य अनुदेशक सही जानकारी देने से बचते रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पंडाखेरा की शिक्षिका नेहा गुप्ता ने फोन नहीं उठाया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नावई में शिक्षक अवधेश प्रताप सिंह नहीं पाए गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय छापछौल में अनुदेशक रजिया सुल्तान गैर हाजिर रही। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कचनौदाकलां में सहायक अध्यापक धर्मेंद्र जैन गैरहाजिर पाए गए। प्राथमिक विद्यालय खुड़न बघौरा के एक शिक्षक रास्ते में पाए गए। यही हाल प्राथमिक विद्यालय चुनगी में कार्यरत एक शिक्षक की रही। उन्होंने बताया कि वह विद्यालय पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा कई विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षिकाओं ने या तो फोन रिसीव नहीं किया या फिर उनके परिजन व रिश्तेदारों ने उठाया। इसके कारण ऐसे शिक्षकों की लोकेशन की वास्तविकता स्पष्ट नहीं हो सकी। प्रभारी बीएसए एनएल शर्मा ने कहा कि लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे, फोन नहीं उठा रहे शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
डायट प्राचार्य और हेडमास्टर में अधिकारों की जंग
डायट प्राचार्य ने ब्लाक बिरधा के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय कचनौदाकलां में कार्यरत सहायक अध्यापक धर्मेंद्र जैन को अपने यहां संबद्धता दे रखी है। वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक अंग्रह प्रकाश हर सूचना में सहायक अध्यापक को गैर हाजिर दर्शाते आ रहे हैं। इसकी वजह प्रधानाध्यापक को सहायक अध्यापक के संबद्ध होने की औपचारिक सूचना अभी तक नहीं मिली है। आज ली गई मोबाइल लोकेशन में उनको आठ अगस्त 2016 से गैर हाजिर बताया गया। इस मामले में डायट प्राचार्य जेपी राजपूत भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शिक्षक का वेतन लगातार निकलवा रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्राचार्य और हेडमास्टर के मध्य चल रही अधिकारों की जंग खुलकर सामने आ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडलायुक्त के निर्देश पर परिषदीय शिक्षकों की मोबाइल से लोकेशन ली जा रही है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगौरा में सहायक अध्यापक स्वतंत्र गुप्ता सुबह नौ बजकर 15 मिनट पर स्कूल नहीं पहुंचे थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मैगुवां में कार्यरत अनुदेशक राजेश झां गैरहाजिर पाए गए। अन्य अनुदेशक सही जानकारी देने से बचते रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पंडाखेरा की शिक्षिका नेहा गुप्ता ने फोन नहीं उठाया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नावई में शिक्षक अवधेश प्रताप सिंह नहीं पाए गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय छापछौल में अनुदेशक रजिया सुल्तान गैर हाजिर रही। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कचनौदाकलां में सहायक अध्यापक धर्मेंद्र जैन गैरहाजिर पाए गए। प्राथमिक विद्यालय खुड़न बघौरा के एक शिक्षक रास्ते में पाए गए। यही हाल प्राथमिक विद्यालय चुनगी में कार्यरत एक शिक्षक की रही। उन्होंने बताया कि वह विद्यालय पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा कई विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षिकाओं ने या तो फोन रिसीव नहीं किया या फिर उनके परिजन व रिश्तेदारों ने उठाया। इसके कारण ऐसे शिक्षकों की लोकेशन की वास्तविकता स्पष्ट नहीं हो सकी। प्रभारी बीएसए एनएल शर्मा ने कहा कि लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे, फोन नहीं उठा रहे शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
विज्ञापन
डायट प्राचार्य और हेडमास्टर में अधिकारों की जंग
डायट प्राचार्य ने ब्लाक बिरधा के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय कचनौदाकलां में कार्यरत सहायक अध्यापक धर्मेंद्र जैन को अपने यहां संबद्धता दे रखी है। वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक अंग्रह प्रकाश हर सूचना में सहायक अध्यापक को गैर हाजिर दर्शाते आ रहे हैं। इसकी वजह प्रधानाध्यापक को सहायक अध्यापक के संबद्ध होने की औपचारिक सूचना अभी तक नहीं मिली है। आज ली गई मोबाइल लोकेशन में उनको आठ अगस्त 2016 से गैर हाजिर बताया गया। इस मामले में डायट प्राचार्य जेपी राजपूत भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शिक्षक का वेतन लगातार निकलवा रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्राचार्य और हेडमास्टर के मध्य चल रही अधिकारों की जंग खुलकर सामने आ गई है।
विज्ञापन