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बांध व तालाब में जान की बाजी लगा रहे तैराकी के शौकीन
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बांध व तालाब में जान की बाजी लगा रहे तैराकी के शौकीन
ललितपुर। बरसात के पानी से लबालब हो चुके गोविंद सागर बांध एवं सुम्मेरा तालाब में तैराकी के शौकीन जान की बाजी लगाकर छलांग रहे हैं। कोई घाट के शेड पर खड़े होकर कूद रहा है तो कोई बांध के सलूस से। इसके बाद भी उन्हें रोका- टोका नहीं जा रहा है।
मानसून सीजन में खूब बरसात हुई है, जिस कारण जिले के अधिकांश बांध व तालाब भर गए हैं। गोविंद सागर बांध के कई बार गेट खोले जा चुके हैं। वहीं, सुम्मेरा तालाब को गोविंद सागर बांध की नहर से भरा जा रहा है। नगर पालिका ने गर्मियों के दिनों में तालाब की सफाई कराई थी। लंबे समय बाद भरा गया सुम्मेरा तालाब इस समय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुबह होते ही बड़ी संख्या में तैराकी के शौकीन एवं युवा नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। कई युवा घाट पर बने शेड की छत से छलांग लगा रहे हैं तो कुछ तालाब के बीचोंबीच गहराई वाले स्थान पर पहुंच रहे हैं।
कमोवेश यही स्थिति गोविंद सागर बांध की है। यहां सलूस से छलांग लगाना प्रतिबंधित किया गया है। इसके बाद भी भरे बांध में तमाम युवा नहा रहे हैं। कुछ दिनों तक पुलिस सलूस के पास बैठी नजर आई, लेकिन अब पुलिस बांध के किनारे खड़े दिखती है। इसका अनुचित फायदा उठाकर तैराकी के शौकीनों को जहां से बांध में कूदना अच्छा लगता है, वहां पहुंच जाते हैं। इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी गेंद को पुलिस के पाले में फेंकते दिखाई पड़ते हैं। उनका कहना है कि बांध की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस का है। पुलिस ने यहां चौकी भी स्थापित कर रखी है। यदि कोई सलूस तक पहुंच रहा है तो इसके लिए पुलिस रोकेगी।
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बता दें कि पिछले दिनों जब गोविंद सागर बांध के गेट खोले गए थे, तब कई युवा शहजाद नदी के पुल से छलांग लगाते दिखे थे। उस दौरान भी पुलिस ने नजरें फेर ली थी। यही वजह है कि युवा जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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पूर्व में घटित हो चुकी कई घटनाएं
जोखिम भरी तैराकी युवाओं के लिए कई बार भारी पड़ जाती है। पिछले साल उफनाई शहजाद नदी में युवक नहाते समय डूब गया था। इसी तरह पूर्व में जब तालाब भरा था, उस दौरान तालाब में डूबने की घटना हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब, जब शहर का ऐतिहासिक तालाब व बांध दोनों पानी से लबालब हो गए हैं तो खतरनाक जगहों से नहाने पर रोक लगाई जानी चाहिए। वरना, कोई भी अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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शेड पर खड़े होकर सुम्मेरा तालाब में छलांग लगाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी सूचना लिखित में पुलिस को दी जाएगी।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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ललितपुर। बरसात के पानी से लबालब हो चुके गोविंद सागर बांध एवं सुम्मेरा तालाब में तैराकी के शौकीन जान की बाजी लगाकर छलांग रहे हैं। कोई घाट के शेड पर खड़े होकर कूद रहा है तो कोई बांध के सलूस से। इसके बाद भी उन्हें रोका- टोका नहीं जा रहा है।
मानसून सीजन में खूब बरसात हुई है, जिस कारण जिले के अधिकांश बांध व तालाब भर गए हैं। गोविंद सागर बांध के कई बार गेट खोले जा चुके हैं। वहीं, सुम्मेरा तालाब को गोविंद सागर बांध की नहर से भरा जा रहा है। नगर पालिका ने गर्मियों के दिनों में तालाब की सफाई कराई थी। लंबे समय बाद भरा गया सुम्मेरा तालाब इस समय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुबह होते ही बड़ी संख्या में तैराकी के शौकीन एवं युवा नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। कई युवा घाट पर बने शेड की छत से छलांग लगा रहे हैं तो कुछ तालाब के बीचोंबीच गहराई वाले स्थान पर पहुंच रहे हैं।
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कमोवेश यही स्थिति गोविंद सागर बांध की है। यहां सलूस से छलांग लगाना प्रतिबंधित किया गया है। इसके बाद भी भरे बांध में तमाम युवा नहा रहे हैं। कुछ दिनों तक पुलिस सलूस के पास बैठी नजर आई, लेकिन अब पुलिस बांध के किनारे खड़े दिखती है। इसका अनुचित फायदा उठाकर तैराकी के शौकीनों को जहां से बांध में कूदना अच्छा लगता है, वहां पहुंच जाते हैं। इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी गेंद को पुलिस के पाले में फेंकते दिखाई पड़ते हैं। उनका कहना है कि बांध की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस का है। पुलिस ने यहां चौकी भी स्थापित कर रखी है। यदि कोई सलूस तक पहुंच रहा है तो इसके लिए पुलिस रोकेगी।
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बता दें कि पिछले दिनों जब गोविंद सागर बांध के गेट खोले गए थे, तब कई युवा शहजाद नदी के पुल से छलांग लगाते दिखे थे। उस दौरान भी पुलिस ने नजरें फेर ली थी। यही वजह है कि युवा जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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पूर्व में घटित हो चुकी कई घटनाएं
जोखिम भरी तैराकी युवाओं के लिए कई बार भारी पड़ जाती है। पिछले साल उफनाई शहजाद नदी में युवक नहाते समय डूब गया था। इसी तरह पूर्व में जब तालाब भरा था, उस दौरान तालाब में डूबने की घटना हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब, जब शहर का ऐतिहासिक तालाब व बांध दोनों पानी से लबालब हो गए हैं तो खतरनाक जगहों से नहाने पर रोक लगाई जानी चाहिए। वरना, कोई भी अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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शेड पर खड़े होकर सुम्मेरा तालाब में छलांग लगाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी सूचना लिखित में पुलिस को दी जाएगी।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद