{"_id":"5f5a7cb28ebc3e36be4d8011","slug":"stray-animal-farmer-worried-lalitpur-news-jhs1759694104","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्ना जानवरों से परेशान किसान, बची फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे अन्ना पशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्ना जानवरों से परेशान किसान, बची फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे अन्ना पशु
विज्ञापन
शहर के मुख्य मार्ग में विचरण करते अन्ना पशु
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। इन दिनों किसानों की फसल पक चुकी है, पहले अतिवृष्टि से फसल को काफी नुकसान हुआ है और अब बची हुई फसल को अन्ना पशु नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसान बहुत परेशान हैं। किसानों ने अन्ना पशुओं से छुटकारा दिलाए जाने की मांग की है।
जिलेभर में छुट्टा जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। एक ओर जगह- जगह बीच सड़कों पर अन्ना पशुओं का जामावड़ा लगा रहता है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। वहीं, किसानों के फसल को भी अन्ना पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसान भी काफी परेशान हैं। कोरोना काल के शुरु होते ही पूरा प्रशासन कोरोना से बचाव की व्यवस्थाओं में जुट गया था, तब से अब तक अन्ना पशुओं के खुलेआम विचरण करने पर किसी भी अधिकारी को ऐतराज नहीं हुआ। अब इसका खामियाजा किसानों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों क ाकहना है कि इस साल खरीफ की फसल को अतिवृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार कर्ज लेकर खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन अतिवृष्टि से फसल नष्ट हो गई है, अब लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। अब जो कुछ फसल बची हुई है उसे भी छुट्टा जानवर बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर छुट्टा जानवरों के लिए प्रशासन कोई व्यवस्था कर दे तो बची हुई फसल नष्ट होने से बच सकती है।
गांव की मुख्य सड़कों पर जगह- जगह अन्ना जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन इन अन्ना जानवरों की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कर रहा है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
- अजीत सिंह यादव
--------------------------
अतिवृष्टि से पहले ही फसल नष्ट हो गई थी, और अब जितनी बची हुई है उसे अन्ना पशु उजाड़ रहे हैं। हम किसानों के लिए प्रशासन को गंभीर होकर शीघ्र अन्ना पशुओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।
- जगदीश अहिरवार
--------------------------
किसानों के लिए अन्ना पशु मुसीबत बन चुके हैं, अगर किसानों की फसल ऐसे ही अन्ना पशु उजाड़ते रहेंगे तो किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। छुट्टा जानवरों का जमावड़ा मुख्य सड़कों पर भी लगा रहता है जिससे आए दिन राहगीर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
- रघुवर
--------------------------
जिलेभर में अन्ना जानवरों ने आतंक मचा रखा है, फिर भी इनकी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो रही है। अब किसानों और राहगीरों को इन जानवरों से काफी परेशानी हो रही है। अगर अभी भी अन्ना पशुओं से छुटकारा मिल जाएगा तो किसानों को राहत मिल सकती है।
- महेंद्र राय
विज्ञापन
जिलेभर में छुट्टा जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। एक ओर जगह- जगह बीच सड़कों पर अन्ना पशुओं का जामावड़ा लगा रहता है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। वहीं, किसानों के फसल को भी अन्ना पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसान भी काफी परेशान हैं। कोरोना काल के शुरु होते ही पूरा प्रशासन कोरोना से बचाव की व्यवस्थाओं में जुट गया था, तब से अब तक अन्ना पशुओं के खुलेआम विचरण करने पर किसी भी अधिकारी को ऐतराज नहीं हुआ। अब इसका खामियाजा किसानों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों क ाकहना है कि इस साल खरीफ की फसल को अतिवृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार कर्ज लेकर खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन अतिवृष्टि से फसल नष्ट हो गई है, अब लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। अब जो कुछ फसल बची हुई है उसे भी छुट्टा जानवर बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर छुट्टा जानवरों के लिए प्रशासन कोई व्यवस्था कर दे तो बची हुई फसल नष्ट होने से बच सकती है।
विज्ञापन
गांव की मुख्य सड़कों पर जगह- जगह अन्ना जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन इन अन्ना जानवरों की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कर रहा है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
- अजीत सिंह यादव
--------------------------
अतिवृष्टि से पहले ही फसल नष्ट हो गई थी, और अब जितनी बची हुई है उसे अन्ना पशु उजाड़ रहे हैं। हम किसानों के लिए प्रशासन को गंभीर होकर शीघ्र अन्ना पशुओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।
- जगदीश अहिरवार
--------------------------
किसानों के लिए अन्ना पशु मुसीबत बन चुके हैं, अगर किसानों की फसल ऐसे ही अन्ना पशु उजाड़ते रहेंगे तो किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। छुट्टा जानवरों का जमावड़ा मुख्य सड़कों पर भी लगा रहता है जिससे आए दिन राहगीर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
- रघुवर
--------------------------
जिलेभर में अन्ना जानवरों ने आतंक मचा रखा है, फिर भी इनकी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो रही है। अब किसानों और राहगीरों को इन जानवरों से काफी परेशानी हो रही है। अगर अभी भी अन्ना पशुओं से छुटकारा मिल जाएगा तो किसानों को राहत मिल सकती है।
- महेंद्र राय

ललितपुर- महरौनी मार्ग पर विचरण करते अन्ना पशु- फोटो : LALITPUR