फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Some bought silver rakhi and some bought plain thread.

Lalitpur News: किसी ने खरीदी चांदी की राखी तो कुछ ने सादा धागा

Mon, 19 Aug 2024 03:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 03:39 AM IST
विज्ञापन
Some bought silver rakhi and some bought plain thread.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। रविवार को रक्षाबंधन पर्व को लेकर कटरा बाजार व घंटाघर पर राखियों की खूब बिक्री हुई। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार 10 फीसदी ज्यादा महंगाई दिखी। कई बहनों ने भाइयों के लिए चांदी की राखी की खरीदारी की। बच्चों के कपड़ों व साड़ियों की दुकानों पर भी भीड़ दिखी। वहीं, दुकानों पर तरह-तरह की मिठाई सजी रहीं और लोग इनकी खरीददारी करते रहे।
घंटाघर से सावरकर चौराहा तक राखी का बाजार गुलजार रहा। सड़क किनारे लगी दुकानों पर राखी के दाम पांच से 50 रुपये तक हैं, वहीं स्थाई दुकानों पर 50 से 400 रुपये तक में राखी बिक रही है। इनमें कई आकर्षक डिजायनें हैं। धागे भी रेशम के लगे हैं। कुछ बहनों ने चांदी की राखी खरीदी। इनके दाम 500 रुपये से अधिक हैं। इनकी खरीदारी भी खूब हो रही है।
विज्ञापन

मिठाई से सजीं दुकानें :
रक्षाबंधन को देखते हुए मिठाई कारोबारियों ने विशेष तैयारी की है। पहले से ही विभिन्न प्रकार की मिठाइयां भारी मात्रा में तैयार कर रखी हैं और उसे दुकानों पर सजा दिया है। इनके दाम भी अलग-अलग हैं। मिठाई की खरीदारी के लिए देर शाम तक बाजार में भीड़ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
दोपहर 1:25 मिनट से रात दस बजे तक शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। प्रात: सूर्योदय से अपराह्न 1:24 बजे तक भद्राकाल होने के कारण ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दोपहर 1:25 से रात्रि 10 बजे तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। इस मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांधना शुभ होगा।

---
भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का वैज्ञानिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। इस वर्ष 19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चार शुभ योग हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, शोभन योग, सिद्धि योग के साथ उदयकाल में श्रवण नक्षत्र होने से बहुत ही शुभ एवं मंगलमय है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु के लिए उन्हें राखी बांधती हैं।
- ज्योतिषाचार्य डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed