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Lalitpur News: किसी ने खरीदी चांदी की राखी तो कुछ ने सादा धागा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रविवार को रक्षाबंधन पर्व को लेकर कटरा बाजार व घंटाघर पर राखियों की खूब बिक्री हुई। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार 10 फीसदी ज्यादा महंगाई दिखी। कई बहनों ने भाइयों के लिए चांदी की राखी की खरीदारी की। बच्चों के कपड़ों व साड़ियों की दुकानों पर भी भीड़ दिखी। वहीं, दुकानों पर तरह-तरह की मिठाई सजी रहीं और लोग इनकी खरीददारी करते रहे।
घंटाघर से सावरकर चौराहा तक राखी का बाजार गुलजार रहा। सड़क किनारे लगी दुकानों पर राखी के दाम पांच से 50 रुपये तक हैं, वहीं स्थाई दुकानों पर 50 से 400 रुपये तक में राखी बिक रही है। इनमें कई आकर्षक डिजायनें हैं। धागे भी रेशम के लगे हैं। कुछ बहनों ने चांदी की राखी खरीदी। इनके दाम 500 रुपये से अधिक हैं। इनकी खरीदारी भी खूब हो रही है।
मिठाई से सजीं दुकानें :
रक्षाबंधन को देखते हुए मिठाई कारोबारियों ने विशेष तैयारी की है। पहले से ही विभिन्न प्रकार की मिठाइयां भारी मात्रा में तैयार कर रखी हैं और उसे दुकानों पर सजा दिया है। इनके दाम भी अलग-अलग हैं। मिठाई की खरीदारी के लिए देर शाम तक बाजार में भीड़ रही।
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दोपहर 1:25 मिनट से रात दस बजे तक शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। प्रात: सूर्योदय से अपराह्न 1:24 बजे तक भद्राकाल होने के कारण ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दोपहर 1:25 से रात्रि 10 बजे तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। इस मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांधना शुभ होगा।
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भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का वैज्ञानिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। इस वर्ष 19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चार शुभ योग हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, शोभन योग, सिद्धि योग के साथ उदयकाल में श्रवण नक्षत्र होने से बहुत ही शुभ एवं मंगलमय है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु के लिए उन्हें राखी बांधती हैं।
- ज्योतिषाचार्य डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री
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ललितपुर। रविवार को रक्षाबंधन पर्व को लेकर कटरा बाजार व घंटाघर पर राखियों की खूब बिक्री हुई। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार 10 फीसदी ज्यादा महंगाई दिखी। कई बहनों ने भाइयों के लिए चांदी की राखी की खरीदारी की। बच्चों के कपड़ों व साड़ियों की दुकानों पर भी भीड़ दिखी। वहीं, दुकानों पर तरह-तरह की मिठाई सजी रहीं और लोग इनकी खरीददारी करते रहे।
घंटाघर से सावरकर चौराहा तक राखी का बाजार गुलजार रहा। सड़क किनारे लगी दुकानों पर राखी के दाम पांच से 50 रुपये तक हैं, वहीं स्थाई दुकानों पर 50 से 400 रुपये तक में राखी बिक रही है। इनमें कई आकर्षक डिजायनें हैं। धागे भी रेशम के लगे हैं। कुछ बहनों ने चांदी की राखी खरीदी। इनके दाम 500 रुपये से अधिक हैं। इनकी खरीदारी भी खूब हो रही है।
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मिठाई से सजीं दुकानें :
रक्षाबंधन को देखते हुए मिठाई कारोबारियों ने विशेष तैयारी की है। पहले से ही विभिन्न प्रकार की मिठाइयां भारी मात्रा में तैयार कर रखी हैं और उसे दुकानों पर सजा दिया है। इनके दाम भी अलग-अलग हैं। मिठाई की खरीदारी के लिए देर शाम तक बाजार में भीड़ रही।
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दोपहर 1:25 मिनट से रात दस बजे तक शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। प्रात: सूर्योदय से अपराह्न 1:24 बजे तक भद्राकाल होने के कारण ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दोपहर 1:25 से रात्रि 10 बजे तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। इस मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांधना शुभ होगा।
भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का वैज्ञानिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। इस वर्ष 19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चार शुभ योग हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, शोभन योग, सिद्धि योग के साथ उदयकाल में श्रवण नक्षत्र होने से बहुत ही शुभ एवं मंगलमय है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु के लिए उन्हें राखी बांधती हैं।
- ज्योतिषाचार्य डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री