{"_id":"5e5ffc3d8ebc3eebce3597fc","slug":"silawan-to-sukari-road-turned-into-pits-lalitpur-news-jhs161731296","type":"story","status":"publish","title_hn":"गड्ढों में बदल गई सिलावन से सुकाड़ी सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गड्ढों में बदल गई सिलावन से सुकाड़ी सड़क
विज्ञापन
उखड़ा पड़ा सिलावन से सुकाड़ी मार्ग
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिलावन। गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए शासन द्वारा पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान न रखना रवायत सी बन गई है। इसकी बानगी है सिलावन-सुकाड़ी मार्ग। इसकी मरम्मत बरसात से पहले हुई थी, लेकिन सड़क गड्ढों में बदल गई है।
ग्राम सिलावन से सुकाड़ी तीन किलोमीटर है और तहसील मुख्यालय महरौनी से दस किलोमीटर है। मार्ग पर गड्ढे हो गए हैं। कई जगह सड़क पानी के बहाव से कटकर बह गई है। सड़क किसी दुर्गम पहाड़ी इलाके से कम नहीं लग रही है। सड़क पर गड्ढों के चलते किसानों को अनाज से भरी ट्रैक्टर- ट्रालियां निकालने में परेशानी होती है। इसके अलावा अन्य वाहन चालकों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मार्ग निर्माण के समय से ही ग्रामीण इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते आ रहे थे, लेकिन किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। इसका खामियाजा ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठा कर भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त संपर्क मार्ग की मरम्मत के नाम पर लीपापोती ही होती आई है। मार्ग के खस्ताहाल होने से ग्राम सुकाड़ी, चिरौला, बारव, पतारौ आदि के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जनहित में मार्ग की गुणवत्ता की जांच कराकर दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
विज्ञापन
सुकाड़ी मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से आने- जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन चालक गिरकर चुटहिल हो चुके हैं।
- मनीराम
सड़क़ निर्माण के समय गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते कार्रवाई हो जाती तो मार्ग की यह हालत नहीं होती। मरीजों को ट्रैक्टर से आने- जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर गर्भवती महिलाओं को।
- प्रतिपाल
मार्ग पर गड्ढों से हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार अनाज से भरी ट्रैक्टर- ट्रालियां पलटने से बची हैं। वाहन चालक तो आए दिन गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। दिव्यागों को ट्राईसाइकिल चलाना मुश्किल हो रहा है।
- शोभा
मार्ग मरम्मत के नाम पर लीपापोती की जाती है। गड्ढों मेरं आसपास के खेतों की मिट्टी डालकर उसे भर दिया जाता है। ऊपर से डामर के साथ गिट्टी डालकर इतिश्री कर ली जाती है। इससे मार्ग जल्द खराब हो जाता है।
- दुरजू
विज्ञापन
ग्राम सिलावन से सुकाड़ी तीन किलोमीटर है और तहसील मुख्यालय महरौनी से दस किलोमीटर है। मार्ग पर गड्ढे हो गए हैं। कई जगह सड़क पानी के बहाव से कटकर बह गई है। सड़क किसी दुर्गम पहाड़ी इलाके से कम नहीं लग रही है। सड़क पर गड्ढों के चलते किसानों को अनाज से भरी ट्रैक्टर- ट्रालियां निकालने में परेशानी होती है। इसके अलावा अन्य वाहन चालकों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मार्ग निर्माण के समय से ही ग्रामीण इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते आ रहे थे, लेकिन किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। इसका खामियाजा ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठा कर भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त संपर्क मार्ग की मरम्मत के नाम पर लीपापोती ही होती आई है। मार्ग के खस्ताहाल होने से ग्राम सुकाड़ी, चिरौला, बारव, पतारौ आदि के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जनहित में मार्ग की गुणवत्ता की जांच कराकर दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
विज्ञापन
सुकाड़ी मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से आने- जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन चालक गिरकर चुटहिल हो चुके हैं।
- मनीराम
सड़क़ निर्माण के समय गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते कार्रवाई हो जाती तो मार्ग की यह हालत नहीं होती। मरीजों को ट्रैक्टर से आने- जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर गर्भवती महिलाओं को।
- प्रतिपाल
मार्ग पर गड्ढों से हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार अनाज से भरी ट्रैक्टर- ट्रालियां पलटने से बची हैं। वाहन चालक तो आए दिन गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। दिव्यागों को ट्राईसाइकिल चलाना मुश्किल हो रहा है।
- शोभा
मार्ग मरम्मत के नाम पर लीपापोती की जाती है। गड्ढों मेरं आसपास के खेतों की मिट्टी डालकर उसे भर दिया जाता है। ऊपर से डामर के साथ गिट्टी डालकर इतिश्री कर ली जाती है। इससे मार्ग जल्द खराब हो जाता है।
- दुरजू