{"_id":"663be3aab1ab0e8b430e3a47","slug":"seven-arrested-for-betting-on-ipl-matches-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-114386-2024-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: आईपीएल मैचों पर सट्टा लगा रहे सात गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: आईपीएल मैचों पर सट्टा लगा रहे सात गिरफ्तार
विज्ञापन
ललितपुर। आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिला रहे गिरोह का पुलिस ने भंड़ाफोड़ करते हुए सात सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 202 एक्टिव सिम, 30 मोबाइल फोन, दो पावर बैंक, नकद रुपये बरामद किए। आरोपी सटोरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। एसपी ने गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस व साइबर थाना पुलिस मंगलवार को आईपीएल क्रिकेट मैचों पर खेले जाने वाले सट्टा के खिलाफ अभियान चलाते हुए भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान सूचना मिली कि मोहल्ला चौकाबाग में एक मकान के अंदर कुछ लोग आईपीएल क्रिकेट मैचों पर सट्टा खिला रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारा। रोहित पटेल, प्रिंस उर्फ प्रहलाद सिंह, शिवेंदु कुमार, अंकित पटेल निवासी ग्राम देनपुरा, मानसिंह निवासी ग्राम रुकवाहा, प्रमोद कुमार शुक्ला निवासी ग्राम चढुरा, विजय कुमार निवासी ग्राम देवरान को ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके सट्टा गिरोह का प्रिंस उर्फ प्रहलाद मुख्य सदस्य है। वह लोग किराए के मकान में एकत्रित होकर ऑनलाइन सट्टा खेलते हैं। साथ में लोगों को व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को जोड़कर आईपीएल मैच में सट्टा खिलवाते हैं। पेमेंट के लिए वह बार कोड या नंबर देते हैं। पेमेंट होने के बाद वह लोग इन वेबसाइटों के आईडी व पासवर्ड देते हैं। खिलाड़ी के जीतने या हारने के बाद धनराशि देते थे। एसपी ने गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया। सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शशिभूषण सिंह, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना मुनेश भारती, निरीक्षक शाबेज खान, सदर चौकी प्रभारी अनुराग शर्मा, हेड कांसटेविल अजीत बघेल, मनमोहन, देवेंद्र सिंह, पवन कुमार यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
विज्ञापन
सट्टा खेलने में इस्तेमाल के बाद सिमों को बेचते थे साइबर अपराधियों को
सट्टा गिरोह के पास से दो सौ से अधिक विभिन्न कंपनियों की एक्टिव सिम मिली। सभी सिम विजय, मानसिंह, प्रानसिंह व प्रमोद शुक्ला ने उपलब्ध कराई थी। यह सभी सिम कूटरचित इलेक्ट्रानिक उपकरणों, इलेक्ट्रानिक माध्यमों में हेरफेर करके फर्जी तरीके से निकाली थी। जो कि दूसरे के नाम पर थी। सिमों के नंबर के माध्यम से सट्टा की आईडी बनाते और ऑनलाइन सट्टा खेलते थे। इसके बाद उक्त सिम को वह लोग उन्हें सिम देने वाले एजेंटों को दे देते थे। इसके बाद इन सिमों को साइबर अपराधियों को रुपयों लेकर बेच देते थे।
इस प्रकार लोगों से धोखाधड़ी कर निकाल लेते थे दूसरी सिम
फर्जी सिम के बारे में सिम विक्रेता मानसिंह, प्रमोद और विजय ने बताया कि वह लोग सिम दो तरीके से केवाईसी करके बेचते थे। इसमें एक ई-केवाईसी व दूसरा तरीका डीकेवाईसी। ईकेवाईसी से वह सिर्फ ग्राहक के आधार नंबर व फिंगर का प्रयोग करते थे। जबकि डीकेवाईसी में पहले वह ऑरीजनल आधार कार्ड की दोनों तरफ की फोटो, ग्राहक की फोटो और उनकी यानी एजेंट की फोटो लेते हैं। ग्राहक जब सिम खरीदने आता तो वह उसे गुमराह करके उसकी सिम जारी होगी या नहीं, यह चेक करने के नाम पर आधार नंबर व फिंगर प्रिंट लगवाकर उसके नाम पर सिम निकाल लेते थे। फिर दोबारा सिम चालू करने की कहकर डीवाईकेसी के माध्यम से सिम निकालकर ग्राहक को दे देते थे। पहली प्रक्रिया के तहत निकाली गई सिम के बारे में लोगों को भनक तक नहीं होती थी। एसपी ने बताया कि लोगों को अभी तक यह पता नहीं रहता है कि उनके कागजातों पर कितनी सिम चल रही है। इसको जानने के लिए उन्हाेंने लोगों से दूरसंचार विभाग के टीएएफकॉप पर जाकर जानकारी करने की अपील की है।
आईपीएल मैचाें पर सट्टा खेलने व खिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस टीम ने करते हुए सात सटोरियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन व दो सौ से अधिक सिम मिली। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस व साइबर थाना पुलिस मंगलवार को आईपीएल क्रिकेट मैचों पर खेले जाने वाले सट्टा के खिलाफ अभियान चलाते हुए भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान सूचना मिली कि मोहल्ला चौकाबाग में एक मकान के अंदर कुछ लोग आईपीएल क्रिकेट मैचों पर सट्टा खिला रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारा। रोहित पटेल, प्रिंस उर्फ प्रहलाद सिंह, शिवेंदु कुमार, अंकित पटेल निवासी ग्राम देनपुरा, मानसिंह निवासी ग्राम रुकवाहा, प्रमोद कुमार शुक्ला निवासी ग्राम चढुरा, विजय कुमार निवासी ग्राम देवरान को ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके सट्टा गिरोह का प्रिंस उर्फ प्रहलाद मुख्य सदस्य है। वह लोग किराए के मकान में एकत्रित होकर ऑनलाइन सट्टा खेलते हैं। साथ में लोगों को व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को जोड़कर आईपीएल मैच में सट्टा खिलवाते हैं। पेमेंट के लिए वह बार कोड या नंबर देते हैं। पेमेंट होने के बाद वह लोग इन वेबसाइटों के आईडी व पासवर्ड देते हैं। खिलाड़ी के जीतने या हारने के बाद धनराशि देते थे। एसपी ने गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया। सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शशिभूषण सिंह, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना मुनेश भारती, निरीक्षक शाबेज खान, सदर चौकी प्रभारी अनुराग शर्मा, हेड कांसटेविल अजीत बघेल, मनमोहन, देवेंद्र सिंह, पवन कुमार यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
विज्ञापन
सट्टा खेलने में इस्तेमाल के बाद सिमों को बेचते थे साइबर अपराधियों को
सट्टा गिरोह के पास से दो सौ से अधिक विभिन्न कंपनियों की एक्टिव सिम मिली। सभी सिम विजय, मानसिंह, प्रानसिंह व प्रमोद शुक्ला ने उपलब्ध कराई थी। यह सभी सिम कूटरचित इलेक्ट्रानिक उपकरणों, इलेक्ट्रानिक माध्यमों में हेरफेर करके फर्जी तरीके से निकाली थी। जो कि दूसरे के नाम पर थी। सिमों के नंबर के माध्यम से सट्टा की आईडी बनाते और ऑनलाइन सट्टा खेलते थे। इसके बाद उक्त सिम को वह लोग उन्हें सिम देने वाले एजेंटों को दे देते थे। इसके बाद इन सिमों को साइबर अपराधियों को रुपयों लेकर बेच देते थे।
इस प्रकार लोगों से धोखाधड़ी कर निकाल लेते थे दूसरी सिम
फर्जी सिम के बारे में सिम विक्रेता मानसिंह, प्रमोद और विजय ने बताया कि वह लोग सिम दो तरीके से केवाईसी करके बेचते थे। इसमें एक ई-केवाईसी व दूसरा तरीका डीकेवाईसी। ईकेवाईसी से वह सिर्फ ग्राहक के आधार नंबर व फिंगर का प्रयोग करते थे। जबकि डीकेवाईसी में पहले वह ऑरीजनल आधार कार्ड की दोनों तरफ की फोटो, ग्राहक की फोटो और उनकी यानी एजेंट की फोटो लेते हैं। ग्राहक जब सिम खरीदने आता तो वह उसे गुमराह करके उसकी सिम जारी होगी या नहीं, यह चेक करने के नाम पर आधार नंबर व फिंगर प्रिंट लगवाकर उसके नाम पर सिम निकाल लेते थे। फिर दोबारा सिम चालू करने की कहकर डीवाईकेसी के माध्यम से सिम निकालकर ग्राहक को दे देते थे। पहली प्रक्रिया के तहत निकाली गई सिम के बारे में लोगों को भनक तक नहीं होती थी। एसपी ने बताया कि लोगों को अभी तक यह पता नहीं रहता है कि उनके कागजातों पर कितनी सिम चल रही है। इसको जानने के लिए उन्हाेंने लोगों से दूरसंचार विभाग के टीएएफकॉप पर जाकर जानकारी करने की अपील की है।
आईपीएल मैचाें पर सट्टा खेलने व खिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस टीम ने करते हुए सात सटोरियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन व दो सौ से अधिक सिम मिली। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक