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Lalitpur News: मूर्तिकार दिन-रात दे रहे दुर्गा प्रतिमाओं को अंतिम रूप
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मूर्तिकारों द्वारा तैयार की गई दुर्गा प्रतिमाएं
- फोटो : 1
ललितपुर। पितरों की विदाई के बाद 11 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नवरात्र की तैयारियां तेज हो गई हैं। घरों में अखंड ज्योति प्रज्वलित होगी और जगह-जगह दुर्गा पंडाल सजाए जाएंगे।
नई दुकान, मकान और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत होगी। सगाई, तिलक और विवाह जैसे शुभ कार्य भी नवरात्र में शुरू होंगे। प्रतिमाओं की बढ़ती मांग के कारण मूर्तिकार दिन-रात काम कर रहे हैं। मोहल्ला चौकाबाग और रामनगर में मां अंबे, मां काली, गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं बन रही हैं। महिषासुर मर्दिनी समेत विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं। इनमें रंग भरने, आंखें उकेरने और आभूषण लगाने का काम अंतिम चरण में है। रामनगर निवासी मूर्तिकार सुमित विश्वकर्मा चौकाबाग में पेट्रोल पंप के पीछे दो साल से प्रतिमाएं बना रहे हैं। उन्होंने इस बार बड़ी 70 और छोटी 125 समेत कुल 195 प्रतिमाएं तैयार की हैं।
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प्रतिमाओं की बुकिंग और कीमत
सुमित विश्वकर्मा की सभी प्रतिमाओं की बुकिंग हो चुकी है। मांग अधिक होने से उन्हें करीब एक दर्जन ऑर्डर मना करने पड़े। नई प्रतिमाएं बनाने के लिए उनके पास पर्याप्त समय नहीं था। पिछले वर्ष उन्होंने 150 से अधिक प्रतिमाएं बनाई थीं, जिससे इस बार मांग और बढ़ गई। प्रतिमाओं की कीमत उनके आकार और स्वरूप पर निर्भर करती है।
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निर्माण प्रक्रिया और वितरण
प्रतिमाओं की शुरुआती कीमत करीब 1100 रुपये है, जबकि बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं 25 से 30 हजार रुपये तक में तैयार हो रही हैं। भक्तों ने अपनी जरूरत के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले ही बुकिंग करा ली थी। मूर्तिकारों ने चार महीने पहले से प्रतिमाओं को मिट्टी से आकार देना शुरू किया था। अब रंग-रोगन, आंखें उकेरने और सजावट का काम अंतिम दौर में है। 10 अक्तूबर से प्रतिमाओं की रवानगी शुरू होगी, इन्हें पंडालों तक पहुंचाया जाएगा।
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नई दुकान, मकान और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत होगी। सगाई, तिलक और विवाह जैसे शुभ कार्य भी नवरात्र में शुरू होंगे। प्रतिमाओं की बढ़ती मांग के कारण मूर्तिकार दिन-रात काम कर रहे हैं। मोहल्ला चौकाबाग और रामनगर में मां अंबे, मां काली, गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं बन रही हैं। महिषासुर मर्दिनी समेत विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं। इनमें रंग भरने, आंखें उकेरने और आभूषण लगाने का काम अंतिम चरण में है। रामनगर निवासी मूर्तिकार सुमित विश्वकर्मा चौकाबाग में पेट्रोल पंप के पीछे दो साल से प्रतिमाएं बना रहे हैं। उन्होंने इस बार बड़ी 70 और छोटी 125 समेत कुल 195 प्रतिमाएं तैयार की हैं।
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प्रतिमाओं की बुकिंग और कीमत
सुमित विश्वकर्मा की सभी प्रतिमाओं की बुकिंग हो चुकी है। मांग अधिक होने से उन्हें करीब एक दर्जन ऑर्डर मना करने पड़े। नई प्रतिमाएं बनाने के लिए उनके पास पर्याप्त समय नहीं था। पिछले वर्ष उन्होंने 150 से अधिक प्रतिमाएं बनाई थीं, जिससे इस बार मांग और बढ़ गई। प्रतिमाओं की कीमत उनके आकार और स्वरूप पर निर्भर करती है।
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निर्माण प्रक्रिया और वितरण
प्रतिमाओं की शुरुआती कीमत करीब 1100 रुपये है, जबकि बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं 25 से 30 हजार रुपये तक में तैयार हो रही हैं। भक्तों ने अपनी जरूरत के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले ही बुकिंग करा ली थी। मूर्तिकारों ने चार महीने पहले से प्रतिमाओं को मिट्टी से आकार देना शुरू किया था। अब रंग-रोगन, आंखें उकेरने और सजावट का काम अंतिम दौर में है। 10 अक्तूबर से प्रतिमाओं की रवानगी शुरू होगी, इन्हें पंडालों तक पहुंचाया जाएगा।