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स्कूल नहीं कार्यालय में डटे शिक्षक

Thu, 21 Apr 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 21 Apr 2016 01:20 AM IST
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School teacher stood in the office
school ,lalitpur news - फोटो : demo
ललितपुर। धूप के थपेड़ों की मार से बचने के लिए कुछ शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्य को जरिया बनाए हुए हैं। स्कूल जाने से बचने के लिए करीब एक दर्जन शिक्षक बीएसए कार्यालय में बैठकर लिपिकीय कार्य कर रहे हैं। अस्थायी ड्यूटी भले ही उनके स्कूल जाने से बचने का जरिया बन गया हो, लेकिन इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
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भगवान भास्कर का रौद्र रूप सुबह नौ बजे से ही दिखाई देने लगता है, जब सूर्य की किरणें शरीर को चुभने लगती हैं। हर कोई इससे बचने का रास्ता तलाश रहा है। अध्यापक भी इससे अछूते नहीं हैं। एक दर्जन अध्यापकों ने स्कूल की आवाजाही से बचने के लिए कार्यालय में अपनी ड्यूटी लगवा ली है। ऐसे शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य करने में भी गुरेज नहीं है। इस समय विभागीय कार्यालय में लिपिकीय कार्य करने वाले शिक्षकों की भीड़ देखी जा सकती है। हालांकि, कुछ संगठन गैर शैक्षणिक कार्य का विरोध भी कर रहे हैं।
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गत दिवस पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त करने की मांग की थी। इसके बाद भी विभागीय अफसरों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। शिक्षक व शिक्षिकाएं रोजाना की तरह विभागीय कार्यालयों में गैर शैक्षणिक कार्य करते नजर आए। वहीं, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार ने इसकी शिकायत अधिकारियों से करने की चेतावनी दी है।
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