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Lalitpur News: आरपीएफ ने 14 दिनों में 25 अवैध वेंडरों पर दर्ज किया मुकदमा
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ललितपुर। रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में अवैध रूप से खाने-पीने का सामान बेचने पर आरपीएफ ने 14 दिन में 25 अवैध वेंडरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ऐसा करने वाले अन्य के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है।
ललितपुर स्टेशन पर तीनों प्लेटफार्म पर 10 कैंटीन हैं और इनके माध्यम से खाने-पीने का सामान बेचने के लिए वेंडर रखे जाते हैं। किसी कैंटीन पर 10 तो किसी पर 16, किसी पर 15 या 20 वेंडरों से काम लिया जाता है। उन्हें उनकी कमाई के अनुसार भुगतान भी किया जाता है। इन सभी कैंटीन पर 150 से 170 वेंडर काम कर रहे हैं। ये वेंडर प्लेटफार्म के साथ ही ट्रेनों में भी चढ़कर समोसा, चाय आदि खाने-पीने का सामान बेचते हैं। वहीं, प्लेटफार्म व ट्रेनों में बहुत से अवैध वेंडर भी खाने-पीने का सामान धड़ल्ले से बेच रहे हैं। कई बार ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी आदि की घटनाएं भी हो जाती हैं, जिनमें अवैध वेंडर या अराजक तत्व शामिल पाए जाते हैं।
कुछ दिन पहले अवैध वेंडरों के खिलाफ खजुराहो जाने वाली ट्रेनों में अभियान चलाया गया था। वहीं, आरपीएफ ने एक से 14 सितंबर तक अवैध वेंडरों के खिलाफ 25 मामले दर्ज किए। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अर्जुन कुमार यादव ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अवैध वेंडरों के खिलाफ लगातार निगरानी की जा रही है।
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वेंडर के लिए पंजीकरण कराने का यह है नियम
स्टेशन पर खाने-पीने का सामान बेचने के लिए कैंटीन संचालकों के अंतर्गत काम करने वाले वेंडरों का पंजीकरण आवश्यक है। ललितपुर स्टेशन पर वेंडरों का पंजीकरण मंडलीय कार्यालय झांसी से होता है। इसके लिए पहले मंडलीय कार्यालय में आवेदन करना होता है। वेंडरों का मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन के बाद उनका मेडिकल कार्ड व आई कार्ड बनता है। इसके बाद वह वेंडर के काम के लिए योग्य माने जाते हैं।
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ललितपुर स्टेशन पर तीनों प्लेटफार्म पर 10 कैंटीन हैं और इनके माध्यम से खाने-पीने का सामान बेचने के लिए वेंडर रखे जाते हैं। किसी कैंटीन पर 10 तो किसी पर 16, किसी पर 15 या 20 वेंडरों से काम लिया जाता है। उन्हें उनकी कमाई के अनुसार भुगतान भी किया जाता है। इन सभी कैंटीन पर 150 से 170 वेंडर काम कर रहे हैं। ये वेंडर प्लेटफार्म के साथ ही ट्रेनों में भी चढ़कर समोसा, चाय आदि खाने-पीने का सामान बेचते हैं। वहीं, प्लेटफार्म व ट्रेनों में बहुत से अवैध वेंडर भी खाने-पीने का सामान धड़ल्ले से बेच रहे हैं। कई बार ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी आदि की घटनाएं भी हो जाती हैं, जिनमें अवैध वेंडर या अराजक तत्व शामिल पाए जाते हैं।
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कुछ दिन पहले अवैध वेंडरों के खिलाफ खजुराहो जाने वाली ट्रेनों में अभियान चलाया गया था। वहीं, आरपीएफ ने एक से 14 सितंबर तक अवैध वेंडरों के खिलाफ 25 मामले दर्ज किए। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अर्जुन कुमार यादव ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अवैध वेंडरों के खिलाफ लगातार निगरानी की जा रही है।
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वेंडर के लिए पंजीकरण कराने का यह है नियम
स्टेशन पर खाने-पीने का सामान बेचने के लिए कैंटीन संचालकों के अंतर्गत काम करने वाले वेंडरों का पंजीकरण आवश्यक है। ललितपुर स्टेशन पर वेंडरों का पंजीकरण मंडलीय कार्यालय झांसी से होता है। इसके लिए पहले मंडलीय कार्यालय में आवेदन करना होता है। वेंडरों का मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन के बाद उनका मेडिकल कार्ड व आई कार्ड बनता है। इसके बाद वह वेंडर के काम के लिए योग्य माने जाते हैं।