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राम भक्त निभा रहा रावण की भूमिका
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Tue, 20 Oct 2015 01:25 AM IST
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ललितपुर। श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण मेें चल रही श्री रामलीला में विद्यार्थी अपना हुनर कला के माध्यम से दिखा रहे हैं। आयुष्मान राम तथा सत्यम पुरोहित मां सीता की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, भगवान राम के भक्त विजयकांत रावत दशानन की भूमिका का मंचन कर रहे हैं।
मुहल्ला तालाबपुरा स्थित श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में अड़तालीस साल पहले शुरू हुई रामलीला निरंतर आगे बढ़ रही है। पुराने कलाकारों की मानें तो पहले न भवन था और न ही अन्य सामान। तेल के ड्रम का मंच बनाकर व उधार के कपड़े लेकर रामलीला की शुरूआत हुई थी। लेकिन, आज समिति के पास हजारों रुपये का सामान है तथा मंचन के लिए अलग से मंच व तैयार होने के लिए एक कमरा है। रामलीला साल दर साल प्रगति करती जा रही है।
श्री रामलीला के 48 वें आयोजन में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भक्त विजयकांत रावत रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वह घर में सुबह भगवान राम की पूजा- अर्चना करते हैं और शाम को मंच पर भगवान राम के दुश्मन रावण का अभिनय करते हैं। व्यास की अहम भूमिका शीतल प्रसाद लंबे समय से निभाते चले आ रहे हैं।
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पढ़ाई व कोचिंग के साथ राम का पाठ
एसडीएस कालेज में अंग्रेजी माध्यम से कक्षा नौ में पढ़ने वाले आयुष्मान शर्मा तालाबपुरा स्थित श्री नृसिंह रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। वह कहते हैं कि अभिनय की शुरुआत स्कूल में हुई। इसके बाद इसमें रुचि बढ़ती चली गई। स्कूल की पढ़ाई व कोचिंग के साथ वह श्रीराम का भी अभिनय कर रहे हैं। इसके लिए चौपाई पहले से ही याद कर ली जाती हैं। आयुष्मान शर्मा को उनके पिता प्रभाकर शर्मा दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में भेजना चाहते हैं।
भाई ने दी अभिनय की तालीम
मां विंदेश्वरी देवी इंटर कालेज ग्राम डोंगरा खुर्द में कक्षा 9 में पढ़ने वाले अनुराग कुमार को उनके भाई अशोक पाराशर ने अभिनय सिखाया। गांव-गांव में विभिन्न आयोजनों में भाग लेने के बाद उनका जुड़ाव श्री नृसिंह रामलीला समिति से हुआ। वह पांच साल से लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, वह कहते हैं कि एक नवंबर से उनकी परीक्षाएं हैं, लेकिन दोनों में सामंजस्य बनाकर तैयारी की जा रही है।
दादा व पिता के बाद दे रहे हैं सेवाएं
श्री रामलीला में सीता की भूमिका निभाने वाले सत्यम पुरोहित का श्री रामलीला से पहले से ही लगाव रहा है। पिता सतीश नारायण पुरोहित व दादा लक्ष्मी नारायण पुरोहित व्यास की भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन, अब सत्यम लीला मंचन में भूमिका निभा रहे हैं। गीत, संगीत व सुंदर कांड पाठ में बढ़- चढ़कर हिस्सा लेने वाले सत्यम एसडीएस कालेज में कक्षा सात के विद्यार्थी हैं। वह घर में रखी दुर्गा प्रतिमा की भी प्रतिदिन सुबह- शाम आरती करते हैं।
- सत्यम पुरोहित
श्री नृसिंह रामलीला में प्रदीप गोस्वामी वर्षों से सेवाएं देते चले आ रहे हैं। वे निषादराज, भगवान शंकर व सुग्रीव की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वह कहते हैं कि धार्मिक क्रियाओं में शुरू से ही लगाव था। धीरे-धीरे मंचन शुरू किया और फिर इसमें ही रमते चले गए।
श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में होने वाली रामलीला से कृष्णकात का लंबे समय से जुड़ाव है । छोटे-छोटे अभिनय करने के बाद अब प्रमुख अभिनय किया जा रहा है। वर्तमान में नारद, सूर्पणखा सहित अन्य भूमिकाएं निभा रहे हैं।
ग्राम रौंड़ा स्थित एक ग्रेनाइट खदान पर अकाउंट का काम संभालने वाले विजयकांत रावत रावण का अभिनय कर रहे हें। वह कहते हैं कि पिता जगदीश प्रसाद शुरू से ही रामलीला से जुड़े रहे। वे निर्देशक व डायरेक्टर भी रहे। पिता की प्रेरणा से ही उन्होंने अभिनय में भाग लेना शुरू किया। अब तक उन्होंने महरौनी सहित अन्य मंचों पर अपनी भूमिका निभाई है। भले ही रावण के पात्र में हों, लेकिन राम उनके पूज्य देवता हैं।
अन्य कलाकारों में व्यास की भूमिका शीतलप्रसाद, हास्य कलाकार नत्थू लला, ढोलक पर संजय मस्ताना, मारीच जगदीश सेन, जटायु जितेंद्र कुशवाहा, सुंदरी त्रिवेणी राजा, बानर सेना में शिवम पुरोहित, रामगोपाल कुशवाहा सहित अन्य कलाकार अभिनय कर रहे हैं।
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मुहल्ला तालाबपुरा स्थित श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में अड़तालीस साल पहले शुरू हुई रामलीला निरंतर आगे बढ़ रही है। पुराने कलाकारों की मानें तो पहले न भवन था और न ही अन्य सामान। तेल के ड्रम का मंच बनाकर व उधार के कपड़े लेकर रामलीला की शुरूआत हुई थी। लेकिन, आज समिति के पास हजारों रुपये का सामान है तथा मंचन के लिए अलग से मंच व तैयार होने के लिए एक कमरा है। रामलीला साल दर साल प्रगति करती जा रही है।
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श्री रामलीला के 48 वें आयोजन में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भक्त विजयकांत रावत रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वह घर में सुबह भगवान राम की पूजा- अर्चना करते हैं और शाम को मंच पर भगवान राम के दुश्मन रावण का अभिनय करते हैं। व्यास की अहम भूमिका शीतल प्रसाद लंबे समय से निभाते चले आ रहे हैं।
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पढ़ाई व कोचिंग के साथ राम का पाठ
एसडीएस कालेज में अंग्रेजी माध्यम से कक्षा नौ में पढ़ने वाले आयुष्मान शर्मा तालाबपुरा स्थित श्री नृसिंह रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। वह कहते हैं कि अभिनय की शुरुआत स्कूल में हुई। इसके बाद इसमें रुचि बढ़ती चली गई। स्कूल की पढ़ाई व कोचिंग के साथ वह श्रीराम का भी अभिनय कर रहे हैं। इसके लिए चौपाई पहले से ही याद कर ली जाती हैं। आयुष्मान शर्मा को उनके पिता प्रभाकर शर्मा दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में भेजना चाहते हैं।
भाई ने दी अभिनय की तालीम
मां विंदेश्वरी देवी इंटर कालेज ग्राम डोंगरा खुर्द में कक्षा 9 में पढ़ने वाले अनुराग कुमार को उनके भाई अशोक पाराशर ने अभिनय सिखाया। गांव-गांव में विभिन्न आयोजनों में भाग लेने के बाद उनका जुड़ाव श्री नृसिंह रामलीला समिति से हुआ। वह पांच साल से लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, वह कहते हैं कि एक नवंबर से उनकी परीक्षाएं हैं, लेकिन दोनों में सामंजस्य बनाकर तैयारी की जा रही है।
दादा व पिता के बाद दे रहे हैं सेवाएं
श्री रामलीला में सीता की भूमिका निभाने वाले सत्यम पुरोहित का श्री रामलीला से पहले से ही लगाव रहा है। पिता सतीश नारायण पुरोहित व दादा लक्ष्मी नारायण पुरोहित व्यास की भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन, अब सत्यम लीला मंचन में भूमिका निभा रहे हैं। गीत, संगीत व सुंदर कांड पाठ में बढ़- चढ़कर हिस्सा लेने वाले सत्यम एसडीएस कालेज में कक्षा सात के विद्यार्थी हैं। वह घर में रखी दुर्गा प्रतिमा की भी प्रतिदिन सुबह- शाम आरती करते हैं।
- सत्यम पुरोहित
श्री नृसिंह रामलीला में प्रदीप गोस्वामी वर्षों से सेवाएं देते चले आ रहे हैं। वे निषादराज, भगवान शंकर व सुग्रीव की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वह कहते हैं कि धार्मिक क्रियाओं में शुरू से ही लगाव था। धीरे-धीरे मंचन शुरू किया और फिर इसमें ही रमते चले गए।
श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में होने वाली रामलीला से कृष्णकात का लंबे समय से जुड़ाव है । छोटे-छोटे अभिनय करने के बाद अब प्रमुख अभिनय किया जा रहा है। वर्तमान में नारद, सूर्पणखा सहित अन्य भूमिकाएं निभा रहे हैं।
ग्राम रौंड़ा स्थित एक ग्रेनाइट खदान पर अकाउंट का काम संभालने वाले विजयकांत रावत रावण का अभिनय कर रहे हें। वह कहते हैं कि पिता जगदीश प्रसाद शुरू से ही रामलीला से जुड़े रहे। वे निर्देशक व डायरेक्टर भी रहे। पिता की प्रेरणा से ही उन्होंने अभिनय में भाग लेना शुरू किया। अब तक उन्होंने महरौनी सहित अन्य मंचों पर अपनी भूमिका निभाई है। भले ही रावण के पात्र में हों, लेकिन राम उनके पूज्य देवता हैं।
अन्य कलाकारों में व्यास की भूमिका शीतलप्रसाद, हास्य कलाकार नत्थू लला, ढोलक पर संजय मस्ताना, मारीच जगदीश सेन, जटायु जितेंद्र कुशवाहा, सुंदरी त्रिवेणी राजा, बानर सेना में शिवम पुरोहित, रामगोपाल कुशवाहा सहित अन्य कलाकार अभिनय कर रहे हैं।