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Lalitpur News: रेलवे को पसंद नहीं मनरेगा मजदूर, ठेकेदारों पर भरोसा भरपूर
Wed, 12 Apr 2023 12:09 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Wed, 12 Apr 2023 12:09 AM IST
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ललितपुर। मजदूरों को सौ दिन का रोजगार मुहैया कराने के लिए शुरू की गई मनरेगा योजना में रेलवे ने 17 साल से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। आज तक रेलवे ने एक भी मनरेगा मजदूर को काम नहीं दिया है। जबकि जिले में रेलवे ने कई काम कराए हैं। जो ठेकेदारों से कराए गए हैं। हालांकि रेलवे ने जिला प्रशासन को हाल ही में भेजे पत्र में दो कार्य योजनाओं का जिक्र किया, लेकिन फिर भी नहीं कराए गए। जबकि मनरेगा अधिकारियों के मुताबिक उनको रेलवे से कोई डीपीआर नहीं मिली।
देश में मजदूरों को काम देने के लिए साल 2006 में मनरेगा योजना की शुरुआत की गई थी। जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर जॉब कार्डधारक मजदूरों से कच्चे काम कराए जाते हैं। कोई भी विभाग योजना के तहत मजदूरों से काम करा सकता है। इसके लिए संबंधित विभाग डीपीआर बनाकर मनरेगा विभाग को देता है। जिले में मौजूदा समय में 200410 जॉब कार्डधारक हैं। जिसमें 143794 सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं। इन मजदूरों को 230 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाती है।
जिले में मनरेगा मजदूरों ने ग्राम पंचायतों और सरकारी विभागों की योजनाओं में काम किया। लेकिन रेलवे ने आज तक मनरेगा मजदूरों से कोई भी काम नहीं कराया। जबकि रेलवे ने जिले में ललितपुर-टीकमगढ़ रेलवे लाइन, तीसरी लाइन का निर्माण कराया। इसमें मिट्टी का कच्चा कार्य किया गया। रेलवे ने इन कामों को कराने में ठेकेदारों पर ज्यादा भरोसा किया। मौजूदा समय में भी रेलवे के कई काम जिले में चल रहे हैं, लेकिन रेलवे ने इन कामों में भी मनरेगा मजदूरों को शामिल नहीं किया।
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रेलवे में यह कार्य कर सकते हैं मनरेगा मजदूर
रेलवे में मनरेेगा मजदूरों से पटरियों के किनारे खाइयों और नालियों में गाद साफ करने, रेलवे तटबंधों/कटिंग की मरम्मत करने, झाडि़यों को साफ करने सहित पौधरोपण कर सकते हैं। इसके लिए डीपीआर तैयार कर मनरेगा विभाग को भेजना होता है।
प्रवासी मजदूरों को भी नहीं दे सके रोजगार
कोरोना काल के दौरान जब महानगरों से मजदूरों का पलायन गांवों की ओर हुआ तो प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए सरकार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए थे। इसमें प्रवासी मजदूरों के जॉबकार्ड बनाए गए थे। जनपद में करीब नौ हजार प्रवासी मजदूरों के जॉबकार्ड बनाए गए थे। लेकिन रेलवे ने एक भी प्रवासी मजदूर को रोजगार नहीं दिया।
जनपद में अभी तक रेलवे ने मनरेगा जॉबकार्ड धारक मजदूरों से कोई भी कार्य नहीं कराया है। जबकि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे के कई प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। इसमें मनरेगा मजदूर काम कर सकते हैं। लेकिन रेलवे ने ऐसा नहीं किया। - रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
रेलवे में मनरेगा मजदूरों से कुछ कच्चे या अन्य कार्य कराए जा सकते हैं। लेकिन रेलवे परियोजना निर्माण का कार्य उच्च स्तर से होने के चलते मनरेगा मजदूरों से ज्यादा काम नहीं कराया जाता है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल
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देश में मजदूरों को काम देने के लिए साल 2006 में मनरेगा योजना की शुरुआत की गई थी। जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर जॉब कार्डधारक मजदूरों से कच्चे काम कराए जाते हैं। कोई भी विभाग योजना के तहत मजदूरों से काम करा सकता है। इसके लिए संबंधित विभाग डीपीआर बनाकर मनरेगा विभाग को देता है। जिले में मौजूदा समय में 200410 जॉब कार्डधारक हैं। जिसमें 143794 सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं। इन मजदूरों को 230 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाती है।
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जिले में मनरेगा मजदूरों ने ग्राम पंचायतों और सरकारी विभागों की योजनाओं में काम किया। लेकिन रेलवे ने आज तक मनरेगा मजदूरों से कोई भी काम नहीं कराया। जबकि रेलवे ने जिले में ललितपुर-टीकमगढ़ रेलवे लाइन, तीसरी लाइन का निर्माण कराया। इसमें मिट्टी का कच्चा कार्य किया गया। रेलवे ने इन कामों को कराने में ठेकेदारों पर ज्यादा भरोसा किया। मौजूदा समय में भी रेलवे के कई काम जिले में चल रहे हैं, लेकिन रेलवे ने इन कामों में भी मनरेगा मजदूरों को शामिल नहीं किया।
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रेलवे में यह कार्य कर सकते हैं मनरेगा मजदूर
रेलवे में मनरेेगा मजदूरों से पटरियों के किनारे खाइयों और नालियों में गाद साफ करने, रेलवे तटबंधों/कटिंग की मरम्मत करने, झाडि़यों को साफ करने सहित पौधरोपण कर सकते हैं। इसके लिए डीपीआर तैयार कर मनरेगा विभाग को भेजना होता है।
प्रवासी मजदूरों को भी नहीं दे सके रोजगार
कोरोना काल के दौरान जब महानगरों से मजदूरों का पलायन गांवों की ओर हुआ तो प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए सरकार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए थे। इसमें प्रवासी मजदूरों के जॉबकार्ड बनाए गए थे। जनपद में करीब नौ हजार प्रवासी मजदूरों के जॉबकार्ड बनाए गए थे। लेकिन रेलवे ने एक भी प्रवासी मजदूर को रोजगार नहीं दिया।
जनपद में अभी तक रेलवे ने मनरेगा जॉबकार्ड धारक मजदूरों से कोई भी कार्य नहीं कराया है। जबकि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे के कई प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। इसमें मनरेगा मजदूर काम कर सकते हैं। लेकिन रेलवे ने ऐसा नहीं किया। - रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
रेलवे में मनरेगा मजदूरों से कुछ कच्चे या अन्य कार्य कराए जा सकते हैं। लेकिन रेलवे परियोजना निर्माण का कार्य उच्च स्तर से होने के चलते मनरेगा मजदूरों से ज्यादा काम नहीं कराया जाता है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल