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उत्तर प्रदेश सरकार की नाम पट्टिकाओं पर नहीं लगा अंकुश
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की रोक के बाद भी वाहनों से उत्तर प्रदेश सरकार नाम की पट्टिकाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है। जिले में इस तरह के कई वाहन रोजाना सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिन्हें न तो रोका जा रहा है और न ही टोका जा रहा है। इससे आपराधिक घटनाएं बढ़ रहीं है। बीते दिनों कृषि विभाग के वरिष्ठ लिपिक के निजी वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार नाम की पट्टिका लगाकर वसूली का आरोप लगा था।
प्रदेश सरकार द्वारा वाहनों से लालबत्ती व हूटर लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार के मंत्रियों को मिले सरकारी वाहनों पर भी हूटर नहीं लगा है और न ही लालबत्ती लगाई गई है। इन वाहनों पर आगे और न ही पीछे कहीं भी किसी तरह की सरकारी पहचान अंकित नहीं की गई है। इन आदेशों पर प्रदेश सरकार भले ही पालन कर रही हो, लेकिन सरकारी के अधीनस्थ पालन नहीं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि सड़क पर दौड़ रहे वाहनों में अधिकांश वाहनों पर उत्तर प्रदेश सरकार अंकित हैं। विभाग में लगे वाहन तो खुलेआम धज्जियां उड़ा ही रहे हैं, अधिकारी व कर्मचारी अपने निजी वाहनों पर इसी तरह के पद नाम पट्टिका उपयोग कर रहे हैं। इस तरह के पद नाम पट्टिका पर अंकुश व कार्रवाई न होने से दिनों दिन उत्तर प्रदेश सरकार लिखे वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं कुछ विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अपने निजी वाहनों का प्रयोग कर अवैध रूप से उगाही करने के भी मामले सामने आ रहे है। वहीं आपराधिक किस्म के व्यक्ति भी इस तरह के वाहनों का प्रयोग कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर बच निकलते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार लिखा होने से चेकिंग के दौरान टोका तक नहीं जाता है। इससे अपराधी भी इन वाहनों में अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं। ऐसा ही एक मामला बीते दिनों ही थाना पाली कस्बा में ही पाया गया था, जहां पर कृषि विभाग के एक बाबू द्वारा अपने निजी वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखकर रौब गांठ कर अवैध उगाही करने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा बीते वर्षों पूर्व एक कार में भी अवैध शराब पकड़ी गई थी। जिस पर भी उत्तर प्रदेश सरकार लिखा था। इन घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को घटनाओं का शिकार होकर भुगतना पड़ रहा है।
यह है नियम
निजी वाहनों पर किसी भी विभाग का अधिकारी अपने विभाग व उत्तर प्रदेश सरकार नहीं लिख सकता है। न ही जाति व पदनाम पट्टिका नहीं लिखा जा सकता है। वाहनों पर न तो व्यवसाय और न ही कोई स्लोगन लिखना होता है। शीशे भी आरटीओ पास फिल्म लगी होना चाहिए।
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वाहनों पर किसी भी प्रकार की पदनाम पट्टिका का उपयोग नहीं कर सकते हैं। ऐसे वाहनों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाती है। अब अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र अग्रवाल
यात्री कर अधिकारी
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प्रदेश सरकार द्वारा वाहनों से लालबत्ती व हूटर लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार के मंत्रियों को मिले सरकारी वाहनों पर भी हूटर नहीं लगा है और न ही लालबत्ती लगाई गई है। इन वाहनों पर आगे और न ही पीछे कहीं भी किसी तरह की सरकारी पहचान अंकित नहीं की गई है। इन आदेशों पर प्रदेश सरकार भले ही पालन कर रही हो, लेकिन सरकारी के अधीनस्थ पालन नहीं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि सड़क पर दौड़ रहे वाहनों में अधिकांश वाहनों पर उत्तर प्रदेश सरकार अंकित हैं। विभाग में लगे वाहन तो खुलेआम धज्जियां उड़ा ही रहे हैं, अधिकारी व कर्मचारी अपने निजी वाहनों पर इसी तरह के पद नाम पट्टिका उपयोग कर रहे हैं। इस तरह के पद नाम पट्टिका पर अंकुश व कार्रवाई न होने से दिनों दिन उत्तर प्रदेश सरकार लिखे वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं कुछ विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अपने निजी वाहनों का प्रयोग कर अवैध रूप से उगाही करने के भी मामले सामने आ रहे है। वहीं आपराधिक किस्म के व्यक्ति भी इस तरह के वाहनों का प्रयोग कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर बच निकलते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार लिखा होने से चेकिंग के दौरान टोका तक नहीं जाता है। इससे अपराधी भी इन वाहनों में अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं। ऐसा ही एक मामला बीते दिनों ही थाना पाली कस्बा में ही पाया गया था, जहां पर कृषि विभाग के एक बाबू द्वारा अपने निजी वाहन पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखकर रौब गांठ कर अवैध उगाही करने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा बीते वर्षों पूर्व एक कार में भी अवैध शराब पकड़ी गई थी। जिस पर भी उत्तर प्रदेश सरकार लिखा था। इन घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को घटनाओं का शिकार होकर भुगतना पड़ रहा है।
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यह है नियम
निजी वाहनों पर किसी भी विभाग का अधिकारी अपने विभाग व उत्तर प्रदेश सरकार नहीं लिख सकता है। न ही जाति व पदनाम पट्टिका नहीं लिखा जा सकता है। वाहनों पर न तो व्यवसाय और न ही कोई स्लोगन लिखना होता है। शीशे भी आरटीओ पास फिल्म लगी होना चाहिए।
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वाहनों पर किसी भी प्रकार की पदनाम पट्टिका का उपयोग नहीं कर सकते हैं। ऐसे वाहनों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाती है। अब अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र अग्रवाल
यात्री कर अधिकारी