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Lalitpur News: सर्दी के साथ बढ़ा निमोनिया का कहर, रोजाना तीन से चार बच्चे हो रहे भर्ती
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- बच्चों को वायरल बुखार की आ रही समस्या, रोजाना ओपीडी में 150 बच्चे आ रहे उपचार के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सर्दी बढ़ते ही बच्चों में निमोनिया की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की पसली तेज चल रही है। साथ ही वायरल व बुखार की समस्या भी आ रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग तीन से चार बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सक अभिभावकों को सर्दी से बचाव करने व भांप देने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. शुभम समैया ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 130 से 150 बच्चे उपचार को आ रहे हैं। इनमें वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के साथ उल्टी के मरीज भी आ रहे हैं। अब तक जहां एक ही बच्चे को भर्ती किया जा रहा था। वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। साथ ही बच्चों को भांप दिलाने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान दें। सर्दी से पूरी तरह से बचाव करें। ठंडी वस्तुओं का सेवन न करें।
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-सर्दी में वायरस हो जाता है गंभीर
डॉ. डीवी सिंह ने बताया कि सर्दी में वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। प्रदूषण के कण फेफड़ों को कमजोर कर देते हैं। संक्रमण नीचे उतरने पर फेफड़ों तक पहुंचने की स्थिति में गंभीर हो जाते हैं। ऐसे में सर्दी व खांसी को हल्के में न लें। तत्काल चिकित्सक से उपचार लें।
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यह हैं निमोनिया के लक्षण
- तेज बुखार, खांसी-जुकाम, सांस फूलना, छाती का धंसना, नाक का फूलना, बच्चे का खाना कम खाना इत्यादि लक्षण शामिल हैं।
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इस तरह करें बचाव
- सर्द हवाओं से बचाव करें।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को कम ले जाएं।
- खांसी-बुखार बढ़ने या बच्चा खाना छोड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सर्दी बढ़ते ही बच्चों में निमोनिया की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की पसली तेज चल रही है। साथ ही वायरल व बुखार की समस्या भी आ रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग तीन से चार बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सक अभिभावकों को सर्दी से बचाव करने व भांप देने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. शुभम समैया ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 130 से 150 बच्चे उपचार को आ रहे हैं। इनमें वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के साथ उल्टी के मरीज भी आ रहे हैं। अब तक जहां एक ही बच्चे को भर्ती किया जा रहा था। वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। साथ ही बच्चों को भांप दिलाने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान दें। सर्दी से पूरी तरह से बचाव करें। ठंडी वस्तुओं का सेवन न करें।
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-सर्दी में वायरस हो जाता है गंभीर
डॉ. डीवी सिंह ने बताया कि सर्दी में वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। प्रदूषण के कण फेफड़ों को कमजोर कर देते हैं। संक्रमण नीचे उतरने पर फेफड़ों तक पहुंचने की स्थिति में गंभीर हो जाते हैं। ऐसे में सर्दी व खांसी को हल्के में न लें। तत्काल चिकित्सक से उपचार लें।
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यह हैं निमोनिया के लक्षण
- तेज बुखार, खांसी-जुकाम, सांस फूलना, छाती का धंसना, नाक का फूलना, बच्चे का खाना कम खाना इत्यादि लक्षण शामिल हैं।
इस तरह करें बचाव
- सर्द हवाओं से बचाव करें।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को कम ले जाएं।
- खांसी-बुखार बढ़ने या बच्चा खाना छोड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें।