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Lalitpur News: ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से 23 हजार रुपये की रिश्वत लेते पंचायत सचिव रंगेहाथ पकड़ा
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- पार्क निर्माण के लिए ग्राम निधि में आए थे आठ लाख रुपये, दो लाख रुपये निकाले जाने पर मांगा था 23 हजार कमीशन
- शहर के कैलगुवा रोड के पास किराए के कमरे में ले रहा था रिश्वत
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पार्क निर्माण के लिए आई धनराशि को संयुक्त खाते से निकालने के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से 23 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने ग्राम पंचायत अधिकारी को रंगेहाथ पकड़ लिया। वह अपने किराए के कमरे में रिश्वत की रकम ले रहा था। टीम आरोपी को लेकर कोतवाली सदर पहुंची और मुकदमा दर्ज कराया गया।
ब्लॉक जखौरा के ग्राम पनारी निवासी लोकेंद्र सिंह ने एंटी करप्शन से शिकायत की थी कि उसके पिता बलवंत सिंह वर्तमान में ग्राम पंचायत पनारी के निर्वाचित प्रधान हैं। पिता शुगर की बीमारी से ग्रसित है, जिस कारण प्रधानी का कार्य उनकी देखरेख में प्रधान प्रतिनिधि के रूप में वह करता है। ग्राम पनारी में आंबेडकर पार्क के निर्माण के लिए ग्राम विकास निधि के अंतर्गत करीब 8,54,000 रुपये आवंटित हुआ था। पार्क निर्माण के लिए जारी सरकारी धनराशि ग्राम प्रधान पनारी और ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त खाते में जमा हुई थी। पार्क निर्माण कार्य के लिए रुपये निकालने के लिए ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मंजूरी होने के बाद ही धनराशि खाते से निकाल पाना संभव रहता है। पार्क के निर्माण के लिए दो लाख रुपये पूर्व में निर्माण करने वाले ठेकेदार के खाते में स्थानांतरित हुआ था। पार्क के शेष निर्माण कार्य को पूर्ण कराने के लिए रुपयों की जरूरत होने पर उसके पिता ने ग्राम पंचायत अधिकारी पनारी उमाशंकर राजपूत से कहा। तब सचिव ने कहा कि पूर्व में दो लाख रुपये पार्क निर्माण के लिए अवमुक्त किए जा चुके हैं। उक्त अवमुक्त की गई धनराशि में से 23000 रुपये का कमीशन उसे दे दो। तभी दूसरी किस्त की धनराशि अवमुक्त की जाएगी।
ग्राम पंचायत अधिकारी ने 23,000 रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत को लेकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई के निरीक्षक शादाब खान के नेतृत्व में टीम गठित की गई। बृहस्पतिवार की दोपहर ट्रैप टीम जनपद आई। एंटी करप्शन टीम ने लोकेंद्र को 23 हजार रुपये जिसमें 500-500 रुपये के नोट थे, उनमें कैमिकल लगा हुआ था। रुपये लेकर लोकेंद्र कैलगुवां रोड पर किराए के कमरे में निवास कर रहे सचिव उमाशंकर राजपूत के पास पहुंचे। इधर ट्रैप टीम के सदस्य आसपास खड़े हो गए। कमरे पर जाकर लोकेंद्र ने रिश्वत के 23 हजार रुपये उमाशंकर को दिए। अभी कुछ ही समय हुआ था कि पूर्व से घेराबंदी किए खड़े एंटी करप्शन टीम ने सचिव उमाशंकर सिंह राजपूत स्थायी निवासी ग्राम विजयपुर, जनपद महोबा हाल निवासी अंशुल ट्रैडर्स के सामने कैलगुवां रोड ग्राम पनारी को रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी को एंटी करप्शन टीम कोतवाली सदर लेकर पहुंची। यहां उसके हाथ धुलवाने के साथ आगे की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई पूरी करने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने आरोपी पंचायत सचिव पर मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, पंचायत सचिव के रिश्वत लेते पकड़े जाने से विभाग में हड़कंप मचा रहा।
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हर काम के लिए मांगता था रुपये, सभी थे परेशान
शिकायतकर्ता लोकेंद्र के मुताबिक ग्राम पंचायत अधिकारी उमाशंकर गांव के विकास के लिए होने वाले किसी भी काम के होने पर कमीशन मांगता था। इसके साथ गांव के लोगों का भी कोई काम करने पर रुपये की मांग करता था। इस कारण से सभी परेशान थे।
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- शहर के कैलगुवा रोड के पास किराए के कमरे में ले रहा था रिश्वत
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पार्क निर्माण के लिए आई धनराशि को संयुक्त खाते से निकालने के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से 23 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने ग्राम पंचायत अधिकारी को रंगेहाथ पकड़ लिया। वह अपने किराए के कमरे में रिश्वत की रकम ले रहा था। टीम आरोपी को लेकर कोतवाली सदर पहुंची और मुकदमा दर्ज कराया गया।
ब्लॉक जखौरा के ग्राम पनारी निवासी लोकेंद्र सिंह ने एंटी करप्शन से शिकायत की थी कि उसके पिता बलवंत सिंह वर्तमान में ग्राम पंचायत पनारी के निर्वाचित प्रधान हैं। पिता शुगर की बीमारी से ग्रसित है, जिस कारण प्रधानी का कार्य उनकी देखरेख में प्रधान प्रतिनिधि के रूप में वह करता है। ग्राम पनारी में आंबेडकर पार्क के निर्माण के लिए ग्राम विकास निधि के अंतर्गत करीब 8,54,000 रुपये आवंटित हुआ था। पार्क निर्माण के लिए जारी सरकारी धनराशि ग्राम प्रधान पनारी और ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त खाते में जमा हुई थी। पार्क निर्माण कार्य के लिए रुपये निकालने के लिए ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की मंजूरी होने के बाद ही धनराशि खाते से निकाल पाना संभव रहता है। पार्क के निर्माण के लिए दो लाख रुपये पूर्व में निर्माण करने वाले ठेकेदार के खाते में स्थानांतरित हुआ था। पार्क के शेष निर्माण कार्य को पूर्ण कराने के लिए रुपयों की जरूरत होने पर उसके पिता ने ग्राम पंचायत अधिकारी पनारी उमाशंकर राजपूत से कहा। तब सचिव ने कहा कि पूर्व में दो लाख रुपये पार्क निर्माण के लिए अवमुक्त किए जा चुके हैं। उक्त अवमुक्त की गई धनराशि में से 23000 रुपये का कमीशन उसे दे दो। तभी दूसरी किस्त की धनराशि अवमुक्त की जाएगी।
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ग्राम पंचायत अधिकारी ने 23,000 रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत को लेकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई के निरीक्षक शादाब खान के नेतृत्व में टीम गठित की गई। बृहस्पतिवार की दोपहर ट्रैप टीम जनपद आई। एंटी करप्शन टीम ने लोकेंद्र को 23 हजार रुपये जिसमें 500-500 रुपये के नोट थे, उनमें कैमिकल लगा हुआ था। रुपये लेकर लोकेंद्र कैलगुवां रोड पर किराए के कमरे में निवास कर रहे सचिव उमाशंकर राजपूत के पास पहुंचे। इधर ट्रैप टीम के सदस्य आसपास खड़े हो गए। कमरे पर जाकर लोकेंद्र ने रिश्वत के 23 हजार रुपये उमाशंकर को दिए। अभी कुछ ही समय हुआ था कि पूर्व से घेराबंदी किए खड़े एंटी करप्शन टीम ने सचिव उमाशंकर सिंह राजपूत स्थायी निवासी ग्राम विजयपुर, जनपद महोबा हाल निवासी अंशुल ट्रैडर्स के सामने कैलगुवां रोड ग्राम पनारी को रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी को एंटी करप्शन टीम कोतवाली सदर लेकर पहुंची। यहां उसके हाथ धुलवाने के साथ आगे की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई पूरी करने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने आरोपी पंचायत सचिव पर मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, पंचायत सचिव के रिश्वत लेते पकड़े जाने से विभाग में हड़कंप मचा रहा।
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हर काम के लिए मांगता था रुपये, सभी थे परेशान
शिकायतकर्ता लोकेंद्र के मुताबिक ग्राम पंचायत अधिकारी उमाशंकर गांव के विकास के लिए होने वाले किसी भी काम के होने पर कमीशन मांगता था। इसके साथ गांव के लोगों का भी कोई काम करने पर रुपये की मांग करता था। इस कारण से सभी परेशान थे।