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पंचायत की सीटों के बदले आरक्षण पर आने लगी आपत्ति
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ललितपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की विभिन्न सीटों का आरक्षण बदल गया है। अब नए सिरे से ग्रामीण आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। ग्राम पंचायत कल्यानपुरा के लोगों ने प्रधान सीट का आरक्षण अनुसूचित जाति नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
विकासखंड बिरधा के अंतर्गत ग्राम कल्यानपुरा के ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत में दो बार 1995 व 2005 में पिछड़ी जाति का आरक्षण हो चुका है। 2010 में प्रधान की सीट सामान्य में थी। ग्राम में चालीस प्रतिशत से अधिक लोग अनुसूचित जाति के रहते हैं। 12 फरवरी को जिला पंचायत राज अधिकारी को आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने चेेतावनी दी है कि यदि प्रधान की सीट अनुसूचित जाति कोटे में शामिल नहीं की गई तो वह 25 मार्च को घंटाघर प्रांगण में आमरण अनशन करेंगे। ज्ञापन पर हरप्रसाद अहिरवार, कंछेदी, संजीव कुमार, चतरे, रमेश, रामदीन, सुनील कुमार, हिम्मत सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
इसी प्रकार विकासखंड बिरधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कलौथरा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व डीपीआरओ को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायत वर्ष 2015 में पिछड़ी जाति की रही है। चक्रानुक्रम में अनुसूचित जाति होना चाहिए। ग्राम में अनुुसूचित जाति के चालीस प्रतिशत से ज्यादा लोग निवास करते हैं। उन्होंने प्रधान की सीट अनुसूचित जाति कोटे में करने की मांग की है। ज्ञापन पर परशुराम, रामचरन, देवेंद्र, मोहन, शीतला, काशीराम, महेश, देशराज, मगन, राकेश कुमार, नंदराम, वीरन, कल्लू, रत्तू आदि के हस्ताक्षर हैं।
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विकासखंड बिरधा के अंतर्गत ग्राम कल्यानपुरा के ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत में दो बार 1995 व 2005 में पिछड़ी जाति का आरक्षण हो चुका है। 2010 में प्रधान की सीट सामान्य में थी। ग्राम में चालीस प्रतिशत से अधिक लोग अनुसूचित जाति के रहते हैं। 12 फरवरी को जिला पंचायत राज अधिकारी को आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने चेेतावनी दी है कि यदि प्रधान की सीट अनुसूचित जाति कोटे में शामिल नहीं की गई तो वह 25 मार्च को घंटाघर प्रांगण में आमरण अनशन करेंगे। ज्ञापन पर हरप्रसाद अहिरवार, कंछेदी, संजीव कुमार, चतरे, रमेश, रामदीन, सुनील कुमार, हिम्मत सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
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इसी प्रकार विकासखंड बिरधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कलौथरा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व डीपीआरओ को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायत वर्ष 2015 में पिछड़ी जाति की रही है। चक्रानुक्रम में अनुसूचित जाति होना चाहिए। ग्राम में अनुुसूचित जाति के चालीस प्रतिशत से ज्यादा लोग निवास करते हैं। उन्होंने प्रधान की सीट अनुसूचित जाति कोटे में करने की मांग की है। ज्ञापन पर परशुराम, रामचरन, देवेंद्र, मोहन, शीतला, काशीराम, महेश, देशराज, मगन, राकेश कुमार, नंदराम, वीरन, कल्लू, रत्तू आदि के हस्ताक्षर हैं।
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