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ललितपुर: नौकरी के नाम पर युवाओं से हो रही ऑनलाइन ठगी

Tue, 21 Feb 2023 12:04 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Tue, 21 Feb 2023 12:04 AM IST
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online fraud with youth in the name of job
ललितपुर। जनपद में बेरोजगार युवाओं को नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। बीते कुछ दिनों में कई युवाओं के साथ लाखों रुपये की ठगी की गई है। इनमें इसमें ज्यादा मामले सरकारी नौकरियां दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी के सामने आए हैं, वहीं दीवारों पर पर्चा चस्पा करके नौकरियों के नाम पर ठगी के प्रकरण भी सामने आ रहे हैं।जनपद में ऑनलाइन ठग तरह तरह से बेरोजगारों के साथ ठगी कर रहे हैं और लोगों को गुमराह करने के लिए तरीका भी बदल रहे हैं। यहां तक कि वीडियो कॉल पर सीधे बात भी करके युवाओं को विश्वास में भी ले रहे हैं। शहर में नौकरियां दिलाने के दीवारों पर चस्पा किए गए पर्चा में लिखे मोबाइल नंबरों पर भी ऑनलाइन ठगी की गई है। इसमें सात लोगों से ठगी की गई है।
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केस एक -
महरौनी के एक गांव निवासी युवक ने साइबर थाने में पत्र देकर बताया कि उसके एक साथी ने उसे एक मोबाइल नंबर दिया था, जो शहर में नौकरी दिलाने के पर्चा पर लिखा हुआ था। उस पर डायल करने पर एक व्यक्ति ने उससे वीडियो कॉल पर बात की और अपना पता भी दिया। पहले उससे दस्तावेज मांगे और पंजीकरण कराने के बाद सत्यापित कर उसका पेटीएम खाता खुलाया। जब उसने कहा कि उसके साथ सात अन्य साथी भी हैं तो मोबाइल नंबर वाले व्यक्ति ने उसके और उसके साथियों से पेटीएम के माध्यम से करीब 2 लाख 18 हजार रुपये जमा करवा लिए।
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केस दो-
मोहल्ला आजादपुरा निवासी कपिल तिवारी के मोबाइल नंबर पर परमार केवर कुमार (महेंद्र भाई) नाम के व्यक्ति का फोन आया। जिसने उसने उसकी सीधे एएसआई में नौकरी लगवाने की बात कही। उक्त व्यक्ति ने उससे तीस लाख रुपये मांगे, जिस पर उसने उसके खाते व फोन पे के माध्यम से 21 लाख 62 हजार रुपये डाल दिए। 23 जनवरी के बाद उक्त व्यक्ति ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया, न ही कोई बात की।
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केस तीन-
मोहल्ला गांधीनगर निवासी रूपेंद्र श्रीवास्तव के नंबर पर फोन आया और उसके परिचित लोगों का नाम बताते हुए उससे अर्जेंट में पैसों की मांग की, जिस पर उसके नंबर पर उसने अपना क्यूआर कोड भेजा और पहले एक रुपया डलवाया, फिर उसके खाते से 55 हजार रुपये ठगी कर ली।
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केस चार-
एक विभाग में सरकारी पद पर तैनात कर्मचारी के खाते से योजनाओं के नाम पर 4999 रुपये साइबर ठगों ने ऑनलाइन माध्यम से ठग लिए हैं। कर्मचारी ने साइबर थाने में शिकायत देकर आरोपी के रुपये वापस दिलाने की मांग की है।

साइबर क्राइम से बचने के लिए नंबर कर दें ब्लॉक
साइबर थाने के विशेषज्ञों ने बताया है कि कोई भी अंजान नंबर से मोबाइल पर फोन आने पर सोच समझकर बात करें। कोई भी निजी जानकारी या खाते से संंबंधित जानकारी अंजान व्यक्ति को ना दें। यदि कोई अंजान व्यक्ति रुपयों की मांग कर रहा है या अधिकारी बनकर बात कर रहा है, तो ऐसे में पैसे डालने से पहले इसकी जानकारी तुरंत साइबर थाने में दें।


-ऐसे मामलों में आरोपियों की लोकेशन अन्य राज्यों की मिलती है। मामलों में जांच की जा रही है। ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए कोई भी अपने निजी खातों, आधारकार्ड एवं मोबाइल नंबर अंजान व्यक्ति को न दें। साइबर अपराधी लोगों से निजी जानकारी लेकर उनके साथ ठगी कर लेते हैं। पांच लाख रुपये से अधिक के ऑनलाइन ठगी के मामले झांसी स्थानांतरित किए जाते हैं। - गोपाल कृष्ण चौधरी, पुलिस अधीक्षक।
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