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Lalitpur News: पुराने जर्जर भवन दे रहे हादसों को न्योता

Sun, 22 Jun 2025 12:23 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:23 AM IST
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Old dilapidated buildings are inviting accidents
ललितपुर। शहर में कई स्थानों पर बनाए गए पुराने भवन अब जर्जर हो गए हैं। इन भवनों की मियाद यानी समय सीमा भी खत्म हो गई है, जिससे ये भवन अब लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ये भवन आंधी तूफान में कभी भी धराशायी हो सकते हैं, जो गंभीर हादसों का कारण बन सकते हैं।
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शहर के मध्य में नझाई बाजार है, यहीं पर सबसे पुराना सिनेमाघर है। डेढ़ दशक पूर्व तक मनोरंजन के साधन के रूप में इसका उपयोग होता रहा। लेकिन, बंद होने के बाद इस सिनेमाघर की मरम्मत नहीं हो सकी और इमारत काफी जर्जर हो गई है। इस जर्जर इमारत के नीचे और आसपास दर्जनों दुकानदार अपना कारोबार कर रहे हैं। इसी इमारत से सटकर कई फुटकर दुकानदार भी अपना व्यापार कर रहे हैं। सिनेमाघर की छत का जर्जर हिस्सा कई बार गिर भी चुका है, इससे यहां हादसों का डर बना रहता है। यहां मुख्य बाजार होने के चलते हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं।
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वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज का पुराना भवन इतना जर्जर हो चुका है कि वह कभी भी तेज हवा या आंधी में धराशायी हो सकता है। इस भवन के किनारे से होकर हर रोज सैकड़ों स्कूली बच्चे निकलते हैं। उधर, कचहरी परिसर स्थित पुराने कलक्ट्रेट भवन का हाल भी कुछ ऐसा ही है। पुराने कलक्ट्रेट के जर्जर भवन के पास कचहरी परिसर में दर्जनों अधिवक्ता अपना बस्ता लगाकर विधि व्यवसाय कर रहे हैं। बीते वर्ष जर्जर भवन की छत से चार से पांच बार बड़े पत्थर गिरने से बड़ा हादसा होने से बचा है। अधिवक्ताओं ने पूर्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर उक्त भवन की मरम्मत या गिराने की मांग की थी, लेकिन इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। हालांकि, यह क्षेत्र प्रतिबंधित घोषित कर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और इसके चारों ओर कम ऊंचाई की बाउंड्री बना दी गई है।
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अब भी इस क्षेत्र के पास भवन से सटकर कई अधिवक्ता बैठकर विधि व्यवसाय कर रहे हैं। ऐसा ही हाल अंंग्रेजी शासन काल में बने नझाई गेट का भी है। नगर पालिका ने इसे जर्जर घोषित कर दिया है, लेकिन इसकी मरम्मत न होने से हादसे का भय बना रहता है।
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