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लिखित आदेश मिला नहीं, निजी विद्यालयों ने शुरू कीं वार्षिक परीक्षाएं
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ललितपुर। कक्षा 1 से 8 तक के छात्र छात्राओं को परीक्षा में बैठे बिना कक्षोन्नति देने का लिखित आदेश शासन से बेसिक शिक्षा अफसरों को अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है। लेकिन, निजी विद्यालयों ने वार्षिक परीक्षाएं कराना शुरू कर दिया है, इससे अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है। विभागीय अफसर कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
वर्तमान शैक्षिक सत्र करीब 10 माह तक शिक्षण कार्य से प्रभावित रहा। इस कारण बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूूलों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को इस बार भी बिना परीक्षा के अगली कक्षा में भेजा जाएगा। इससे जिले के 1.72 लाख बच्चों को कक्षोन्नति मिलने की उम्मीद है। लेकिन, इस संबंध में शासन द्वारा बेसिक शिक्षा अफसरों को अभी तक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हो सका है। उधर, निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों ने अपना रास्ता अलग ही चुन लिया है और उन्होंने वार्षिक परीक्षाएं कराना आरंभ कर दिया है। कई स्कूलों की परीक्षाएं समाप्त होने वाली हैं तो कुछ विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, इससे अभिभावकों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वह तस्वीर को साफ करने के लिए अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं, लेकिन वह आदेश के अभाव में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
स्कूल भेजने से कतरा रहे अभिभावक
निजी स्कूलों ने भले ही वार्षिक परीक्षाएं शुरू कर दी हों, लेकिन अभी भी कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। इसके बाद भी प्रबंधकों द्वारा बच्चों को स्कूल में हो रही परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है।
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शासनादेश को अभी ठीक से पढ़ा नहीं है, इसे पढ़कर निजी विद्यालयों की परीक्षाओं के संबंध में कुछ कह पाएंगे।
- जीसी राजपूत
- एडी बेसिक, झांसी मंडल
बेसिक शिक्षा मंत्री का बयान बच्चों को प्रमोट करने के संबंध में आया है। इस संबंध में शासन से लिखित कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
- रामप्रवेश
शासनादेश का पालन कराया जाएगा। निजी विद्यालयों के प्रबंधकों को शासनादेश की प्रति भेजी जाएगी।
- बृजेश सिंह
खंड शिक्षा अधिकारी नगर
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वर्तमान शैक्षिक सत्र करीब 10 माह तक शिक्षण कार्य से प्रभावित रहा। इस कारण बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूूलों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को इस बार भी बिना परीक्षा के अगली कक्षा में भेजा जाएगा। इससे जिले के 1.72 लाख बच्चों को कक्षोन्नति मिलने की उम्मीद है। लेकिन, इस संबंध में शासन द्वारा बेसिक शिक्षा अफसरों को अभी तक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हो सका है। उधर, निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों ने अपना रास्ता अलग ही चुन लिया है और उन्होंने वार्षिक परीक्षाएं कराना आरंभ कर दिया है। कई स्कूलों की परीक्षाएं समाप्त होने वाली हैं तो कुछ विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, इससे अभिभावकों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वह तस्वीर को साफ करने के लिए अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं, लेकिन वह आदेश के अभाव में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
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स्कूल भेजने से कतरा रहे अभिभावक
निजी स्कूलों ने भले ही वार्षिक परीक्षाएं शुरू कर दी हों, लेकिन अभी भी कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। इसके बाद भी प्रबंधकों द्वारा बच्चों को स्कूल में हो रही परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है।
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शासनादेश को अभी ठीक से पढ़ा नहीं है, इसे पढ़कर निजी विद्यालयों की परीक्षाओं के संबंध में कुछ कह पाएंगे।
- जीसी राजपूत
- एडी बेसिक, झांसी मंडल
बेसिक शिक्षा मंत्री का बयान बच्चों को प्रमोट करने के संबंध में आया है। इस संबंध में शासन से लिखित कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
- रामप्रवेश
शासनादेश का पालन कराया जाएगा। निजी विद्यालयों के प्रबंधकों को शासनादेश की प्रति भेजी जाएगी।
- बृजेश सिंह
खंड शिक्षा अधिकारी नगर