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कोरोना वायरस के चलते अप्रैल में नहीं बनेंगे बिजली के बिल
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ललितपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बिजली विभाग द्वारा अप्रैल माह की फील्ड रीडिंग का कार्य स्थगित कर दिया है। उपभोक्ताओं को अगले तीन माह तक के बिल औसत उपभोग के आधार पर बनाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए यह बिल उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के आधार पर या फिर ईमेल पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
जनपद में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत पूर्व से लगभग 70 हजार और सौभाग्य योजना में कनेक्शनों के आधार पर लगभग 35 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग द्वारा मीटर रीडरों की मदद से उपभोग के आधार पर मीटरों में आई रीडिंग के आधार पर बिल बनाए जाते हैं। यह मीटर रीडर घर-घर पहुंचकर उपभोक्ताओं के परिसरों में लगे विद्युत मीटरों से रीडिंग लेकर बिल बनाते हैं। लेकिन, वर्तमान में कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचाव के लिए जनपद में लॉक डाउन किया गया है, जिसके चलते 25 मार्च से सभी संस्थाओं से सार्वजनिक स्थलों के कार्यों पर रोक लगा दी है। हालांकि, बिजली विभाग में बिजली आपूर्ति और ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया एवं कुछ अन्य आवश्यक कार्य ही किए जा रहे हैं। यहां तक कि बिलिंग काउंटरों पर भी बिल जमा नहीं हो रहे हैं। बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बिलों के भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब बिजली विभाग ने विद्युत बिलों के बनाने के संबंध में मीटर रीडर कंपनी को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं कि अप्रैल माह में किसी प्रकार से मीटर रीडर बिल नहीं बनाएंगे और उपभोक्ताओं को तीन माह का विद्युत बिल औसत उपभोग के आधार पर उपभोक्ताओं को विभाग में पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस या फिर ईमेल पर भेजे जाएंगे।
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जनपद में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत पूर्व से लगभग 70 हजार और सौभाग्य योजना में कनेक्शनों के आधार पर लगभग 35 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग द्वारा मीटर रीडरों की मदद से उपभोग के आधार पर मीटरों में आई रीडिंग के आधार पर बिल बनाए जाते हैं। यह मीटर रीडर घर-घर पहुंचकर उपभोक्ताओं के परिसरों में लगे विद्युत मीटरों से रीडिंग लेकर बिल बनाते हैं। लेकिन, वर्तमान में कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचाव के लिए जनपद में लॉक डाउन किया गया है, जिसके चलते 25 मार्च से सभी संस्थाओं से सार्वजनिक स्थलों के कार्यों पर रोक लगा दी है। हालांकि, बिजली विभाग में बिजली आपूर्ति और ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया एवं कुछ अन्य आवश्यक कार्य ही किए जा रहे हैं। यहां तक कि बिलिंग काउंटरों पर भी बिल जमा नहीं हो रहे हैं। बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बिलों के भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब बिजली विभाग ने विद्युत बिलों के बनाने के संबंध में मीटर रीडर कंपनी को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं कि अप्रैल माह में किसी प्रकार से मीटर रीडर बिल नहीं बनाएंगे और उपभोक्ताओं को तीन माह का विद्युत बिल औसत उपभोग के आधार पर उपभोक्ताओं को विभाग में पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस या फिर ईमेल पर भेजे जाएंगे।
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