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शहर के लोगों का गला तर नहीं कर सकी नगर पालिका
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद और जल संस्थान मिलकर शहर के लोगों की प्यास नहीं बुझा सके हैं। जहां नगर पालिका परिषद 15वें वित्त आयोग की धनराशि को पेयजल पर खर्च नहीं कर पाई है। वहीं, जल संस्थान साइफन फेल होने व मोटर खराब होने की समस्या से अभी तक उबर नहीं पाया है। जिस वजह से नागरिकों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
शासन ने 15वें वित्त आयोग में पेयजल के लिए 44 लाख रुपये की व्यवस्था की है। इसमें मोटर पंप मरम्मत, हैंडपंप मरम्मत, पाइपलाइन विस्तार, दो ट्रैक्टर एवं दस टैंकर की खरीद की जानी है। पहले इस राशि को जल संस्थान को खर्च करना था लेकिन बाद में यह तय हुआ कि नगर पालिका परिषद ने स्वयं ही इस राशि को व्यय करेगी। नगर पालिका परिषद ने गर्मी के सीजन की शुरुआत में खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए जल संस्थान के अवर अभियंता को अटैच किया। पालिका ने अब तक 700 हैंडपंपों की मरम्मत की है। वहीं, डेढ़ सौ हैंडपंप अभी भी मरम्मत की कतार में हैं। इस तरह अभी तक हैंडपंप मरम्मत पर डेढ़ लाख रुपये का खर्चा किया है। हालांकि, इसके भुगतान की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। इसके अलावा टैंकर व ट्रैक्टर की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब तक इसकी खरीद प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक मानसून सक्रिय हो जाएगा। ऐसे में इस सीजन में नए टैंकरों का उपयोग होना मुश्किल ही दिखाई दे रहा है। जबकि 15वें वित्त आयोग का धन उपयोग नहीं किया जा सका।
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लोअर जोन का साइफन फेल, कई गांवों को नहीं मिला पानी
गोविंद सागर बांध का जल स्तर कम होने से लोअर जोन का साइफन फेल हो गया है। इससे शनिवार को मोहल्ला रावरपुरा, महावीरपुरा, सरदारपुरा, चौबयाना, पुरानी बजरिया, मऊठाना में पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र का भी साइफन काम नहीं कर रहा है, इससे कई गांवों में जलापूर्ति बाधित हो गई है।
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जेम पोर्टल के माध्यम से दस टैंकर खरीदे जाने हैं। इनमें आठ टैंकर बड़े व दो छोटे टैंकरों की खरीद शामिल हैं। इसके अलावा दो ट्रैक्टर, एक सैनिटाइजेशन के लिए प्रेशर मशीन व सफाई से संबंधित सामग्री की खरीद की प्रक्रिया चल रही है।-निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नपा
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बिजली न आने से दिन भर सूखे रहे नल
तालबेहट। नगर में पानी का संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी पड़ने के बावजूद जुलाई माह में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। जिससे लोगों में खासी नाराजगी है।
कहने को तो जनपद में एक दर्जन से अधिक बांध हैं। माताटीला बांध तालबेहट के अलावा झांसी और बबीना के लोगों की प्यास बुझाने का काम करता है। वहीं जल संस्थान की लचरता के चलते यह बांध नगर की जनता की प्यास बुझाने में असफल साबित हो रहा है। जुलाई के पहले पूरे सप्ताह में कभी मोटर जलने, कभी मोटर में जलीय घास फंसने और कभी बिजली संकट होने के कारण जनता को गंभीर पेयजल संकट का सामना पड़ा था। इसके बाद माताटीला तिराहे पर लीकेज सही होने के कारण लगभग चार दिन सिविल लाइन में पानी का संकट रहा। बृहस्पतिवार को माताटीला में विद्युत संकट के कारण शुक्रवार को नगर में पानी की आपूर्ति ठप रहने से जनता को पानी नहीं मिल सका। जिससे जनता काफी परेशान रही।
जल संस्थान के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को लाइन में आए फाल्ट की जानकारी काफी देर बाद दी। जानकारी के बाद फाल्ट को तत्काल टीम भेज कर ठीक कराया गया।
विनय साहू, अवर अभियंता विद्युत विभाग-तालबेहट
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शासन ने 15वें वित्त आयोग में पेयजल के लिए 44 लाख रुपये की व्यवस्था की है। इसमें मोटर पंप मरम्मत, हैंडपंप मरम्मत, पाइपलाइन विस्तार, दो ट्रैक्टर एवं दस टैंकर की खरीद की जानी है। पहले इस राशि को जल संस्थान को खर्च करना था लेकिन बाद में यह तय हुआ कि नगर पालिका परिषद ने स्वयं ही इस राशि को व्यय करेगी। नगर पालिका परिषद ने गर्मी के सीजन की शुरुआत में खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए जल संस्थान के अवर अभियंता को अटैच किया। पालिका ने अब तक 700 हैंडपंपों की मरम्मत की है। वहीं, डेढ़ सौ हैंडपंप अभी भी मरम्मत की कतार में हैं। इस तरह अभी तक हैंडपंप मरम्मत पर डेढ़ लाख रुपये का खर्चा किया है। हालांकि, इसके भुगतान की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। इसके अलावा टैंकर व ट्रैक्टर की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब तक इसकी खरीद प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक मानसून सक्रिय हो जाएगा। ऐसे में इस सीजन में नए टैंकरों का उपयोग होना मुश्किल ही दिखाई दे रहा है। जबकि 15वें वित्त आयोग का धन उपयोग नहीं किया जा सका।
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लोअर जोन का साइफन फेल, कई गांवों को नहीं मिला पानी
गोविंद सागर बांध का जल स्तर कम होने से लोअर जोन का साइफन फेल हो गया है। इससे शनिवार को मोहल्ला रावरपुरा, महावीरपुरा, सरदारपुरा, चौबयाना, पुरानी बजरिया, मऊठाना में पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र का भी साइफन काम नहीं कर रहा है, इससे कई गांवों में जलापूर्ति बाधित हो गई है।
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जेम पोर्टल के माध्यम से दस टैंकर खरीदे जाने हैं। इनमें आठ टैंकर बड़े व दो छोटे टैंकरों की खरीद शामिल हैं। इसके अलावा दो ट्रैक्टर, एक सैनिटाइजेशन के लिए प्रेशर मशीन व सफाई से संबंधित सामग्री की खरीद की प्रक्रिया चल रही है।-निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नपा
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बिजली न आने से दिन भर सूखे रहे नल
तालबेहट। नगर में पानी का संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी पड़ने के बावजूद जुलाई माह में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। जिससे लोगों में खासी नाराजगी है।
कहने को तो जनपद में एक दर्जन से अधिक बांध हैं। माताटीला बांध तालबेहट के अलावा झांसी और बबीना के लोगों की प्यास बुझाने का काम करता है। वहीं जल संस्थान की लचरता के चलते यह बांध नगर की जनता की प्यास बुझाने में असफल साबित हो रहा है। जुलाई के पहले पूरे सप्ताह में कभी मोटर जलने, कभी मोटर में जलीय घास फंसने और कभी बिजली संकट होने के कारण जनता को गंभीर पेयजल संकट का सामना पड़ा था। इसके बाद माताटीला तिराहे पर लीकेज सही होने के कारण लगभग चार दिन सिविल लाइन में पानी का संकट रहा। बृहस्पतिवार को माताटीला में विद्युत संकट के कारण शुक्रवार को नगर में पानी की आपूर्ति ठप रहने से जनता को पानी नहीं मिल सका। जिससे जनता काफी परेशान रही।
जल संस्थान के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को लाइन में आए फाल्ट की जानकारी काफी देर बाद दी। जानकारी के बाद फाल्ट को तत्काल टीम भेज कर ठीक कराया गया।
विनय साहू, अवर अभियंता विद्युत विभाग-तालबेहट