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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Met only three to four hundred bucks in insurance claims

बीमा क्लेम में मिले सिर्फ तीन से चार सौ रुपये

Sun, 07 Jun 2015 12:07 AM IST
ललितपुर/ ब्यूरो
ललितपुर/ ब्यूरो Updated Sun, 07 Jun 2015 12:07 AM IST
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ललितपुर। कृषकों को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के भले ही दावे हो रहे हों, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। वर्ष 2014 की खरीफ फसल बीमा का जो क्लेम कृषकों को दिया गया है, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। जिले के कई किसानों को बीमा क्लेम में 300 से 400 रुपये ही हाथ लग सके हैं।
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पिछड़े क्षेत्रों में शुमार बुंदेलखंड के किसानों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। यहां के कृषक साल दर साल दैवी आपदाओं से प्रभावित हो रहे हैं। इन स्थितियों में यहां का किसान सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर आश्रित होता जा रहा है। लेकिन, संचालित योजनाएं उनके लिए छलावा साबित हो रही हैं। इनमें से एक फसल बीमा योजना भी है। इसमें वर्ष 2014 में 21,287 कृषकों का खरीफ फसल का बीमा का कराया गया था, जिसमें 2,23,10,988 रुपये किसानों का जमा हुआ था। इसके सापेक्ष 47,88,64,788 रुपये का बीमा किया गया।
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 हाल ही में बीमा कंपनी ने 6,992 कृषकों को खरीफ फसल का बीमा क्लेम 2,72,45,339 रुपये कर दिया है। बिडंबना यह है कि जिले के कई कृषकों को 300 से 400 रुपये ही बीमा क्लेम मिला है। ब्लाक बिरधा के अनेक कृषकों को 333 रुपये ही क्लेम के रूप में हाथ लग सके हैं। इस तरह बीमा क्लेम की राशि कृषकों को ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
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बचते नजर आए अधिकारी
कृषकों को बीमा क्लेम में मामूली राशि मिली है, इसके बारे में अधिकारी खुलकर कुछ बता भी नहीं पा रहे हैं। पिछले दिनों ब्लाक बिरधा के अंतर्गत एक चौपाल आयोजित की गई थी, जिसमें अधिकारियों को बीमा क्लेम के बारे में पढ़कर सुनाना था, इस दौरान भी संबंधित अधिकारी इसे पढ़ने से बचते नजर आए।



फसलों के नुकसान का आंकलन करने के लिए क्राप कटिंग कराई जाती है, जिसके आधार पर फसल बीमा का क्लेम निर्धारित होता है। जिन कृषकों का बीमा शेयर कम होगा, उन्हें उसी के मुताबिक क्लेम मिला होगा।
 हंसराज, उप कृषि निदेशक ललितपुर
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