{"_id":"6817be8f1a8b2e16920684ca","slug":"maharaj-chhatrasals-birthday-celebrated-with-enthusiasm-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-134577-2025-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: उत्साह से मनाया महाराज छत्रसाल का जन्मोत्सव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: उत्साह से मनाया महाराज छत्रसाल का जन्मोत्सव
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने रविवार को महाराज छत्रसाल का जन्मोत्सव उत्साह से मनाया। वक्ताओं ने महाराज छत्रसाल के साहस और पराक्रम की गाथा सुनाकर उन्हें याद किया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बैठक गौर कालोनी स्थित कार्यालय पर हुई। पदाधिकारियों व सदस्यों ने महाराजा छत्रसाल जू देव की फोटो के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। बैठक में जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि बुंदेलखंड केसरी महाराज छत्रसाल जू देव का जन्म टीकमगढ़ जिले के कछार कचनाई में बुंदेला राजपूत परिवार के चंपतराय एवं सारंधा के घर में हुआ था, जो ओरछा के राजा रुद्रप्रताप सिंह जू देव के वंशज थे।
जिला महामंत्री भगवत सिंह बैस ने कहा कि महाराजा छत्रसाल जू देव एवं महाराणा प्रताप का जन्मदिन जेष्ठ मास की तृतीया को एक साथ मनाया जाता है। महाराज ने अपने जीवन काल में अनेकों लड़ाइयां लड़ीं। उन्होंने लगभग 52 युद्ध लड़े। औरंगजेब को कई बार हरा दिया था। कहा जाता है कि औरंगजेब सोते समय सपने में भी घबड़ा जाता था। भूपेंद्र सिंह तोमर बॉबी राजा ने कहा कि उनके बारे में एक दोहा प्रचलित है-छत्ता तेरे राज में, धक धक धरती होय। जित जित घोड़ा मुख करे, उत उत फत्ते होय। जिस तरफ छत्रसाल महाराज का घोड़ा निकल जाता था, उस ओर दुश्मन कांपने लगते थे।
विज्ञापन
महिपाल सिंह परिहार ने कहा कि महाराज छत्रसाल साहसी एवं पराक्रमी थे। बैठक में छत्रपाल सिंह परमार, जय हिंद सिंह, धर्मेंद्र सिंह परमार, बॉबी राजा, महिपाल सिंह परिहार, ध्रुव राजा सिसोदिया, युवराज सिंह सिकरवार, शिवा राजा, डग्गी राजा बुंदेला, बृजेंद्र सिंह सोलंकी, बीरपाल सिंह बुंदेला, राजाभैया परिहार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
ललितपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने रविवार को महाराज छत्रसाल का जन्मोत्सव उत्साह से मनाया। वक्ताओं ने महाराज छत्रसाल के साहस और पराक्रम की गाथा सुनाकर उन्हें याद किया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बैठक गौर कालोनी स्थित कार्यालय पर हुई। पदाधिकारियों व सदस्यों ने महाराजा छत्रसाल जू देव की फोटो के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। बैठक में जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि बुंदेलखंड केसरी महाराज छत्रसाल जू देव का जन्म टीकमगढ़ जिले के कछार कचनाई में बुंदेला राजपूत परिवार के चंपतराय एवं सारंधा के घर में हुआ था, जो ओरछा के राजा रुद्रप्रताप सिंह जू देव के वंशज थे।
विज्ञापन
जिला महामंत्री भगवत सिंह बैस ने कहा कि महाराजा छत्रसाल जू देव एवं महाराणा प्रताप का जन्मदिन जेष्ठ मास की तृतीया को एक साथ मनाया जाता है। महाराज ने अपने जीवन काल में अनेकों लड़ाइयां लड़ीं। उन्होंने लगभग 52 युद्ध लड़े। औरंगजेब को कई बार हरा दिया था। कहा जाता है कि औरंगजेब सोते समय सपने में भी घबड़ा जाता था। भूपेंद्र सिंह तोमर बॉबी राजा ने कहा कि उनके बारे में एक दोहा प्रचलित है-छत्ता तेरे राज में, धक धक धरती होय। जित जित घोड़ा मुख करे, उत उत फत्ते होय। जिस तरफ छत्रसाल महाराज का घोड़ा निकल जाता था, उस ओर दुश्मन कांपने लगते थे।
विज्ञापन
महिपाल सिंह परिहार ने कहा कि महाराज छत्रसाल साहसी एवं पराक्रमी थे। बैठक में छत्रपाल सिंह परमार, जय हिंद सिंह, धर्मेंद्र सिंह परमार, बॉबी राजा, महिपाल सिंह परिहार, ध्रुव राजा सिसोदिया, युवराज सिंह सिकरवार, शिवा राजा, डग्गी राजा बुंदेला, बृजेंद्र सिंह सोलंकी, बीरपाल सिंह बुंदेला, राजाभैया परिहार आदि उपस्थित रहे।