{"_id":"5e7f71c68ebc3e75db266fbd","slug":"lockdown-birthire-lalitpur-news-jhs1634412129","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में दस साल पुराना सपना पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में दस साल पुराना सपना पूरा
विज्ञापन
बोधिसत्व पदमपाणि का चित्र
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। ख्याति प्राप्त चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे ने लॉकडाउन के दौरान घर में रहकर बोधिसत्व पदमपाणि का चित्र तैयार कर लिया है। यह चित्र संसार के वैभव, प्रलोभन एवं वैराग्य को दर्शाता है।
चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे ने का कहना है कि वर्ष 1990 में जब अंजता की गुफा के चित्र देखे थे, तब ही इस चित्र को बनाने की इच्छा मन में थी, लेकिन हर बार समय कम पड़ जाता था। इस कारण से बोधिसत्व का चित्र नहीं बन पा रहा था। लॉकडाउन ने इतना समय दे दिया कि उन्हें इस चित्र बनाने में जरा भी हड़बड़ाहट नहीं हुई। वरना, अन्य दिनों में कोई न कोई काम आ जाता है, जिससे एक चित्र बनाने में कई दिन लग जाते हैं। ग्यारह गुणा साढ़े छह फीट के चित्र को तीन दिन में तैयार कर लिया है। वर्तमान में यह चित्र कला भवन की शोभा बढ़ा रहा है।
यह चित्र महाराष्ट्र के औरंगाबाद की अंजता की गुफा नंबर एक की चित्रकारी का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह दुनिया के भित्ति चित्रों में अद्वितीय है। इस चित्र में बोधिसत्व हाथ में नीलकमल, एकदम प्रसन्न मुद्रा, सुसज्जित मुकुट आभूषण का आकर्षण है। बाजू में पदमपाणि की पत्नी यशोधरा निराशा से खड़ी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे ने का कहना है कि वर्ष 1990 में जब अंजता की गुफा के चित्र देखे थे, तब ही इस चित्र को बनाने की इच्छा मन में थी, लेकिन हर बार समय कम पड़ जाता था। इस कारण से बोधिसत्व का चित्र नहीं बन पा रहा था। लॉकडाउन ने इतना समय दे दिया कि उन्हें इस चित्र बनाने में जरा भी हड़बड़ाहट नहीं हुई। वरना, अन्य दिनों में कोई न कोई काम आ जाता है, जिससे एक चित्र बनाने में कई दिन लग जाते हैं। ग्यारह गुणा साढ़े छह फीट के चित्र को तीन दिन में तैयार कर लिया है। वर्तमान में यह चित्र कला भवन की शोभा बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
यह चित्र महाराष्ट्र के औरंगाबाद की अंजता की गुफा नंबर एक की चित्रकारी का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह दुनिया के भित्ति चित्रों में अद्वितीय है। इस चित्र में बोधिसत्व हाथ में नीलकमल, एकदम प्रसन्न मुद्रा, सुसज्जित मुकुट आभूषण का आकर्षण है। बाजू में पदमपाणि की पत्नी यशोधरा निराशा से खड़ी हैं।
विज्ञापन