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Lalitpur News: सुम्मेरा तालाब में सफाई नहीं होने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, बिगड़ रही सुंदरता
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सुम्मेरा तालाब में पानी में बढ़ती जा रही काई, जलकुंभी और घास की सफाई नहीं होने से यह सड़ने लगी है, जिससे पानी से बदबू भी आने लगी है और तालाब की सुंदरता बिगड़ती जा रही है। ऐसे में बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने कंपनी बाग में बैठक करके सुम्मेरा तालाब के पानी की सफाई व सुंदरीकरण कराने की मांग की है।
बुविसे के प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा ने कहा कि सुम्मेरा तालाब शहर के मध्य स्थित है और कभी इसका बहुत ही ऐतिहासिक महत्व रहा है। सुम्मेरा तालाब के बारे में किंवदंती है कि इसके पानी में स्नान करने से लोगों के चर्मरोग दूर हो जाते थे, लेकिन आज विडंबना यह है कि इसका पानी यदि अब शरीर पर लग जाए तो उसे चर्मरोग हुए बगैर नहीं रह सकता। उन्होंने तालाब के आसपास का सुंदरीकरण करते हुए छायादार पेड़ लगाकर घाटों को आकर्षक बनाने और उचित प्रकाश व्यवस्था किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही बंद पड़े वोट क्लब को शीघ्र ही चालू किए जाने की मांग की है। इस मौके पर कदीर खां, मथुरा प्रसाद मिश्रा, ओमकार राजा, मुन्ना त्यागी, खुशाल बरार, भैयन कुशवाहा, कामता प्रसाद भट्ट, देवेंद्र राजा, आशीष, रामसहाय राठौर आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर। सुम्मेरा तालाब में पानी में बढ़ती जा रही काई, जलकुंभी और घास की सफाई नहीं होने से यह सड़ने लगी है, जिससे पानी से बदबू भी आने लगी है और तालाब की सुंदरता बिगड़ती जा रही है। ऐसे में बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने कंपनी बाग में बैठक करके सुम्मेरा तालाब के पानी की सफाई व सुंदरीकरण कराने की मांग की है।
बुविसे के प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा ने कहा कि सुम्मेरा तालाब शहर के मध्य स्थित है और कभी इसका बहुत ही ऐतिहासिक महत्व रहा है। सुम्मेरा तालाब के बारे में किंवदंती है कि इसके पानी में स्नान करने से लोगों के चर्मरोग दूर हो जाते थे, लेकिन आज विडंबना यह है कि इसका पानी यदि अब शरीर पर लग जाए तो उसे चर्मरोग हुए बगैर नहीं रह सकता। उन्होंने तालाब के आसपास का सुंदरीकरण करते हुए छायादार पेड़ लगाकर घाटों को आकर्षक बनाने और उचित प्रकाश व्यवस्था किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही बंद पड़े वोट क्लब को शीघ्र ही चालू किए जाने की मांग की है। इस मौके पर कदीर खां, मथुरा प्रसाद मिश्रा, ओमकार राजा, मुन्ना त्यागी, खुशाल बरार, भैयन कुशवाहा, कामता प्रसाद भट्ट, देवेंद्र राजा, आशीष, रामसहाय राठौर आदि उपस्थित रहे।
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