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खरीफ की फसल : प्रीमियम लिया 54 करोड़, क्लेम दिया 12 करोड़
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- जिलाधिकारी के आदेश पर बीमा कंपनी के सर्वे की हो रही विस्तृत जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था, शासन ने किसानों को 111 करोड़ रुपये वितरित किए, लेकिन इसके विपरीत बीमा कंपनी ने किसानों को न बराबर क्लेम की धनराशि वितरित की है। जबकि उन्होंने जनपद से 54 करोड़ रुपये की धनराशि प्रीमियत के रूप में वसूल की है। इसके एवज में अभी कुल किसानों 12 करोड़ की धनराशि ही वितरित की गई है। जिलाधिकारी ने बीमा कंपनी की के खिलाफ 17 बिंदुओं पर जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में टीम का गठन किया है।
जनपद में खरीफ की फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई थी, जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन जनपद के किसानों को राहत प्रदान के 111 करोड़ रुपये की राहत राशि भेजी। जब बीमा कंपनी से क्लेम की बारी आई, तो बीमा कंपनी ने किसानों को क्लेम न के बराबर दिया, जहां किसानों की 90 प्रतिशत फसल नष्ट हुई है, वहां पर बीमा कंपनी ने 20 से 30 प्रतिशत फसल को नष्ट दिखाकर क्लेम देने से बचे हैं। जिलाधिकारी ने बीमा कंपनी सर्वे व उनके माध्यम से क्लेम को देने की प्रक्रिया की विधिवत जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे की अध्यक्षता में कृषि विभाग के अधिकारियों सहित टीम का गठन किया है, टीम राजस्व विभाग की क्राॅप कटिंग व बीमा कंपनी के सर्वे रिपोर्ट का मिलान कर रही है। बीमा कंपनी से सर्वे के मय फोटोग्राफी की रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों की मानें तो बीमा कंपनी ने अभी तक जांच टीम को पूरी सर्वे रिपोर्ट को नहीं सौंपा है। हालांकि जल्द की इस प्रकरण में जांच टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने की बात कर रही है।
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खरीफ फसल के नुकसान में बीमा कंपनी के क्लेम की हीलाहवाली का देखते हुए, इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे।
अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था, शासन ने किसानों को 111 करोड़ रुपये वितरित किए, लेकिन इसके विपरीत बीमा कंपनी ने किसानों को न बराबर क्लेम की धनराशि वितरित की है। जबकि उन्होंने जनपद से 54 करोड़ रुपये की धनराशि प्रीमियत के रूप में वसूल की है। इसके एवज में अभी कुल किसानों 12 करोड़ की धनराशि ही वितरित की गई है। जिलाधिकारी ने बीमा कंपनी की के खिलाफ 17 बिंदुओं पर जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में टीम का गठन किया है।
जनपद में खरीफ की फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई थी, जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन जनपद के किसानों को राहत प्रदान के 111 करोड़ रुपये की राहत राशि भेजी। जब बीमा कंपनी से क्लेम की बारी आई, तो बीमा कंपनी ने किसानों को क्लेम न के बराबर दिया, जहां किसानों की 90 प्रतिशत फसल नष्ट हुई है, वहां पर बीमा कंपनी ने 20 से 30 प्रतिशत फसल को नष्ट दिखाकर क्लेम देने से बचे हैं। जिलाधिकारी ने बीमा कंपनी सर्वे व उनके माध्यम से क्लेम को देने की प्रक्रिया की विधिवत जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे की अध्यक्षता में कृषि विभाग के अधिकारियों सहित टीम का गठन किया है, टीम राजस्व विभाग की क्राॅप कटिंग व बीमा कंपनी के सर्वे रिपोर्ट का मिलान कर रही है। बीमा कंपनी से सर्वे के मय फोटोग्राफी की रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों की मानें तो बीमा कंपनी ने अभी तक जांच टीम को पूरी सर्वे रिपोर्ट को नहीं सौंपा है। हालांकि जल्द की इस प्रकरण में जांच टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने की बात कर रही है।
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खरीफ फसल के नुकसान में बीमा कंपनी के क्लेम की हीलाहवाली का देखते हुए, इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे।
अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी