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उर्द,मूंग व सोयाबीन की फसलों में लगा पीला मोजेक रोग, किसान परेशान

Mon, 30 Aug 2021 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 01:27 AM IST
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kharif crop affected, yellow mozek
डोंगराखुर्द में खरीफ फसल में लगा पीला मोजेक रोग - फोटो : LALITPUR
डोंगराखुर्द (ललितपुर)। कुदरत की मार से बेहाल किसानों के खेतों में खरीफ की फसल में पीला मोजेक रोग लग जाने से फलियों में उतरा दाना खराब होने लगा है। इससे परेशान किसानों ने फसल पकने से पहले ही खेतों में जुताई करानी शुरू कर दी है। उन्होंने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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बारिश देर से होने के कारण खरीफ की फसल पहले से ही प्रभावित हो गई थी लेकिन जिन खेतों में उड़द, मूंग और सोयाबीन की फसल तैयार हो गई थी उनमें अब पीला मोजेक रोग लग जाने से अधिकांश किसानों की फसलें खराब हो चुकी हैं। वहीं इन फसलों समेत मक्का की फसल को इल्ली और माहू के प्रकोप से नुकसान हो रहा है। किसानों ने इनके प्रकोप से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई है। खेतों से लागत निकलने की उम्मीद नहीं दिखाई देने के कारण कुछ किसानों ने खेतों में खड़ी फसलों की जुताई करवाना शुरू कर दिया है।
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इस साल किसानों को खरीफ की फसल से काफी अच्छी उम्मीद थी लेकिन बारिश देर से हुई जिससे खरीफ बुवाई एक महीने लेट हुई, इसके बाद लगाकर बारिश होने के कारण खेतों में पानी भरा रहने से फसलों में पीला मोजेक रोग लग गया। किसानों ने बताया कि लगाकर बारिश होने और धूप न निकलने से उड़द और मूंग के पौधों की जड़ें गल गईं। इससे फसलों में फूल व फलियां पीली पड़कर सड़ गल गईं। किसानों को फसलों में भारी नुकसान की चिंता हो रही है। नाराहट क्षेत्र अंतर्गत डोंगराखुर्द, दिगवार, पटना, बरेजा, अर्जुन, खिरिया आदि गांव में पीला मोजेक रोग का काफी असर दिखाई दे रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से पीला मोजेक रोग से खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर राहत राशि दिलाए जाने की मांग की है।
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मेरी 12 एकड़ जमीन में उड़द एवं सोयाबीन की बुआई की थी लेकिन मोजेक रोग लग जाने से सारी फसल खराब हो गई, मजबूरन खेत की जुताई करा दी। इस साल फसल भी नहीं मिली और हजारों रुपये का बीज भी खराब हो गया।
राजाराम तिवारी
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आठ एकड़ जमीन में इस बार उड़द, मूंग और सोयाबीन की खेती की थी लेकिन बारिश देर से होने और पीला मोजेक रोग ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खरीफ सीजन मे किसानों को उत्पादन की जगह सिर्फ नुकसान ही मिला है जिससे फसल जुताई कर दी।
दयाराम कुशवाहा
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मैंने तीन एकड़ जमीन पर उड़द और मूंग की खेती की थी लेकिन फसल पकने से पहले पीला रोग ने फसलों को अपनी चपेट में ले लिया है जिससे अब अच्छा उत्पादन तो दूर लागत निकलना ही मुश्किल हो गया है।

गरीबे कुशवाहा
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मुझे खरीफ की फसलों में मोजेक रोग लगने की जानकारी मिली है शीघ्र ही कृषि रक्षा टीम के द्वारा फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करवाकर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
रमेश चंद्र, एसडीएम पाली

फसल में पीला मोजेक रोग लगने पर ट्रैक्टर से खेत की जुताई करता किसान

फसल में पीला मोजेक रोग लगने पर ट्रैक्टर से खेत की जुताई करता किसान- फोटो : LALITPUR

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