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Lalitpur News: गौरैया के लिए रखें दाना-पानी... बचेगी उनकी जिंदगानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बुधवार को विश्व गौरेया दिवस है। हम गौरैया के संरक्षण के लिए अपने घरों की छतों, दीवारों पर दाना-पानी रख सकते हैं। इससे लुप्तप्राय हो रहे इन पक्षियों की जिंदगानी बढ़ सकती है। गौरैया संरक्षण को समर्पित संस्था मानव ऑर्गेनाइजेशन ने वर्ष 2012 से घरेलू गौरैया की विशेष देखभाल और संरक्षण के लिए अभियान शुरू किया। वहीं, संरक्षण के लिए जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार से अभियान शुरू होेगा। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। संस्था के सदस्य सचिन जैन और डॉ. राजीव निरंजन ने बताया कि संस्था की ओर से अब तक हजारों घोंसले बनाकर घरों और दफ्तरों में टांगे जा चुके हैं।
पर्यावरणविद अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान बताया कि जापान में वफादारी की प्रतीक गौरैया अपनी मित्रता और समूहों में रहने की प्रवृत्ति के लिए जानी जाती है। विश्व गौरैया दिवस का लक्ष्य इनकी घटती आबादी के बारे में जागरुकता बढ़ाना और संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। समिति की ओर से बच्चों के समूह बनाकर पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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ललितपुर। बुधवार को विश्व गौरेया दिवस है। हम गौरैया के संरक्षण के लिए अपने घरों की छतों, दीवारों पर दाना-पानी रख सकते हैं। इससे लुप्तप्राय हो रहे इन पक्षियों की जिंदगानी बढ़ सकती है। गौरैया संरक्षण को समर्पित संस्था मानव ऑर्गेनाइजेशन ने वर्ष 2012 से घरेलू गौरैया की विशेष देखभाल और संरक्षण के लिए अभियान शुरू किया। वहीं, संरक्षण के लिए जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार से अभियान शुरू होेगा। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। संस्था के सदस्य सचिन जैन और डॉ. राजीव निरंजन ने बताया कि संस्था की ओर से अब तक हजारों घोंसले बनाकर घरों और दफ्तरों में टांगे जा चुके हैं।
पर्यावरणविद अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान बताया कि जापान में वफादारी की प्रतीक गौरैया अपनी मित्रता और समूहों में रहने की प्रवृत्ति के लिए जानी जाती है। विश्व गौरैया दिवस का लक्ष्य इनकी घटती आबादी के बारे में जागरुकता बढ़ाना और संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। समिति की ओर से बच्चों के समूह बनाकर पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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