ललितपुर। श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति द्वारा %जल विहार महोत्सव% कोविड-19 को देखते हुए प्रत्येक मंदिर में निज स्थान पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर जी के श्री विग्रह का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक कराकर भगवान की आरती की गई। जल विहार महोत्सव ललितपुर जनपद का ऐतिहासिक पर्व है। जिसमें नगर के सभी देवालयों के श्री विग्रह विमानों में रखकर नगर भ्रमण के लिए अपने प्रिय भक्तों को दर्शन देकर सुमेरा तालाब पहुंचते हैं। यहां भगवान का विधि विधान से अभिषेक एवं बिहार कराया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते यह पर्व शासन के निर्देशानुसार मंदिरों में निज स्थान पर ही कुआं एवं बावड़ी पर मनाया गया।
सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए मंदिरों में प्रबंधक एवं सेवारत पुजारियों ने विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति ने गंगाजल, प्रसाद, श्रीफल, अगरबत्ती प्रत्येक मंदिर में पुजारियों को सौंपी। नगर के विजय राघव मंदिर, गोविंद गढ़ी मंदिर, बूढ़े बब्बा, बांके बिहारी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, बनखंडी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, कंचन घाट मंदिर, मुरलीधर मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, बिहारी जी मंदिर, रघुनाथ जी मंदिर, तुवन मंदिर, रामलला मंदिर, गणेश मंदिर सहित सभी मंदिरों के पुजारियों ने यह पर्व उत्साह पूर्वक मनाकर भगवान का बिहार अपने निज स्थान पर कराया। घंटे की ध्वनि के साथ भगवान की आरती उतारी और भगवान से संपूर्ण विश्व के कल्याण और कोरोना महामारी का विश्व से समाप्त होने की प्रार्थना की। समिति के अध्यक्ष पंडित बृजेश चतुर्वेदी, महामंत्री प्रबल सक्सेना, श्यामा कांत चौबे, राजेश दुबे, रमेश रावत ,जगदीश पाठक, अमित तिवारी, रत्नेश तिवारी, हरविंदर सलूजा, चंद्रशेखर राठौर, हरी मोहन चौरसिया, धर्मेंद्र चौबे, अवधेश कौशिक, राकेश तामिया, ओपी रिछारिया, गोलू चौबे, भरत रिछारिया, शिवकुमार शर्मा, मुन्ना त्यागी, ललित कौशिक सहित सभी पदाधिकारी व्यवस्थाओं में सहयोग करते रहे।

मंदिर परिसर मे ही निकले विमान- फोटो : LALITPUR