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Lalitpur News: मानसून में बांध भरने में न हो दिक्कत, सिंचाई विभाग तैयारियों में जुटा
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- बांधों की उखड़ी, टूटी पड़ी पिचिंग की होने लगी मरम्मत, गेटों में हो रही ग्रीसिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मानसून के दस्तक देने से पूर्व सिंचाई विभाग तैयारी में जुट गया है। बारिश से बांधों के भरने में कोई परेशानी न हो इसके लिए बांधों की पिचिंग, गेटों को खोलने बंद करने में कोई दिक्कत न आए तो ग्रीसिंग सहित अन्य मरम्मत के कार्य कराए जा रहे हैं।
जिले में चौदह बांध परियोजना संचालित हैं। यह बांध मानसून पर निर्भर है और बारिश के दिनों में भरते हैं। इसके बाद इन बांधों में भरे पानी का उपयोग रबी के सीजन में सिंचाई के लिए किया जाता है। साथ में पेयजल परियोजनाओं के लिए भी पानी का उपयोग किया जाता है। गर्मी के सीजन में बांधों में पानी की उपलब्धता कम रह जाती है। 20 जून से जनपद में मानसून दस्तक दे देता है और बारिश शुरू होने के बाद नदी-नालों में आने वाले पानी से यह बांध भरने लग जाते हैं। बारिश से बांधों के भरने पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत या परेशानी न हो, इसके लिए सिंचाई विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिसके तहत बांधों की टूटी, उखड़ी पड़ी पिचिंग की मरम्मत कर सही कराया जाने लगा है। इसके साथ बांधों के गेटों को खोलने और बंद करने में आसानी रहे। इसके लिए इनको चेक करके ग्रीसिंग कराई जा रही है। वहीं, सिंचाई विभाग के अभियंता और अधिकारी इस मरम्मत कार्यों की लगातार माॅनीटरिंग कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेश कुमार ने बताया कि मानसून सीजन शुरू होने से पूर्व बांधों की उखड़ी या टूटी फूटी पड़ी पिचिंग की मरम्मत और गेटों में ग्रीसिंग सहित अन्य छोटे-मोटे कार्य कराए जा रहे हैं। जिससे मानसून सीजन में बांधों के भरने पर कोई दिक्कत या परेशानी सामने न आए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मानसून के दस्तक देने से पूर्व सिंचाई विभाग तैयारी में जुट गया है। बारिश से बांधों के भरने में कोई परेशानी न हो इसके लिए बांधों की पिचिंग, गेटों को खोलने बंद करने में कोई दिक्कत न आए तो ग्रीसिंग सहित अन्य मरम्मत के कार्य कराए जा रहे हैं।
जिले में चौदह बांध परियोजना संचालित हैं। यह बांध मानसून पर निर्भर है और बारिश के दिनों में भरते हैं। इसके बाद इन बांधों में भरे पानी का उपयोग रबी के सीजन में सिंचाई के लिए किया जाता है। साथ में पेयजल परियोजनाओं के लिए भी पानी का उपयोग किया जाता है। गर्मी के सीजन में बांधों में पानी की उपलब्धता कम रह जाती है। 20 जून से जनपद में मानसून दस्तक दे देता है और बारिश शुरू होने के बाद नदी-नालों में आने वाले पानी से यह बांध भरने लग जाते हैं। बारिश से बांधों के भरने पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत या परेशानी न हो, इसके लिए सिंचाई विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिसके तहत बांधों की टूटी, उखड़ी पड़ी पिचिंग की मरम्मत कर सही कराया जाने लगा है। इसके साथ बांधों के गेटों को खोलने और बंद करने में आसानी रहे। इसके लिए इनको चेक करके ग्रीसिंग कराई जा रही है। वहीं, सिंचाई विभाग के अभियंता और अधिकारी इस मरम्मत कार्यों की लगातार माॅनीटरिंग कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेश कुमार ने बताया कि मानसून सीजन शुरू होने से पूर्व बांधों की उखड़ी या टूटी फूटी पड़ी पिचिंग की मरम्मत और गेटों में ग्रीसिंग सहित अन्य छोटे-मोटे कार्य कराए जा रहे हैं। जिससे मानसून सीजन में बांधों के भरने पर कोई दिक्कत या परेशानी सामने न आए।
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