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Lalitpur News: वसूली बंद करने के बजाय अस्पताल में रोक दिए सीजर प्रसव

Sat, 27 Apr 2024 05:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2024 05:28 AM IST
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Instead of stopping recovery, the hospital stopped cesarean deliveries.
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। प्रसव के नाम पर रुपये लेने के मामले की जिलाधिकारी ने जांच शुरू कराई। खुफिया तरीके से भी जांच की अफवाह उड़ी तो महिला चिकित्सालय में सीजर प्रसव ही बंद कर दिया गया। इससे अस्पताल में चल रहे गोरखधंधे का स्वयं ही खुलासा हो रहा है। यहां खाली पड़ा सर्जिकल वार्ड भी इसकी गवाही दे रहा है।
जिला महिला अस्पताल चिकित्सकों व कर्मचारियों की मनमानी के आरोपों से घिरा है। जब तक एक जांच पूरी नहीं होती, तब तक नया मामला सामने आ जाता है। बीते माह एक चिकित्सक पर प्रसव के नाम पर पैसों की मांग करने का आरोप लगा। जिलाधिकारी ने जांच शुरू कराई तो चिकित्सकों व कर्मचारियों ने यहां सीजर प्रसव करने ही बंद कर दिए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 16 से 26 अप्रैल तक 13 सीजर प्रसव किए गए हैं, तीन को रेफर किया गया है। लेकिन, अस्पताल में सूना पड़ा सर्जिकल वार्ड अधिकारियों के दावों की पोल खोल रहा है। सीजर प्रसव होने के बाद महिला को कम से कम पांच दिन तक सर्जिकल वार्ड में रखा जाता है। इससे स्पष्ट है कि 21 अप्रैल से एक भी प्रसव नहीं किया गया है। वर्तमान में यहां एक महिला भर्ती है, जिसका कहना है कि 25 की रात्रि में सीजर प्रसव किया गया था। शेष 15 बेड पूरी तरह खाली हैं।
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अस्पताल में जगह-जगह दीवारों पर अंकित कराया गया है कि कोई पैसों की मांग करता है तो उसकी सूचना सीएमएस को लिखित व मौखिक रूप से दें। इससे जुड़े पोस्टर भी लगवाए गए हैं। इसके बाद भी कोई रुपये लेते पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. मीनाक्षी सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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